बेरोजगारी: समस्या और समाधान: BNEGA कानून ही उपाय


सईद नादाँ, बेगमगंज

ऑल इंडिया स्टूडेंट्स फेडरेशन और यूथ फेडरेशन के तत्वाधान में “बेरोजगारी: समस्या और समाधान” विषय पर सेमिनार का आयोजन किया गया।

 जिसमें साथ ही कस्बे के प्रतिभागी विद्यार्थियों को संगठन द्वारा आयोजित निबंध लेखन के प्रमाणपत्र और पुरुस्कार वितरित किए गए।

सेमिनार के मुख्य वक्ता डॉ. राहुल भायजी ने बेरोजगारी की समस्या पर बात करते हुए कहा कि देश में बेरोजगारी भयावह स्थितियों में पहुंच गई है। 18 से 58 वर्ष की आयु की 94 फीसद आबादी अपनी योग्यता के आधार पर रोजगार पाने की स्थिति में नहीं है। 35000 से कम आय वाले बेरोजगारी का दंश झेल रहे है। सुरक्षित रोजगार और सुरक्षित आय के आभाव में देश की स्थिति बिगड़ती जा रही है। देश के 45 करोड़ लोगों ने रोजगार की तलाश बंद कर दी है। उन्होंने कहा कि अंतराष्ट्रीय श्रम संगठन ने एक रिपोर्ट में कहा कि भारत में 100 में से 83 युवा बेरोजगार हैं। सरकार की पूंजी को समर्पित नीतियों के चलते बेरोजगारों की फौज तैयार हुई है। उन्होंने BNEGA, “भगत सिंह राष्ट्रीय रोजगार ग्यारंटी एक्ट” को लागू कराने की बात कहते हुए कहा कि सरकार को कानून के तहत न्यूनतम 35000 और उच्च प्रशिक्षित को 60000 रुपए का वेतन तय किया जाना चाहिए। और अगर सरकार 1 वर्ष में उक्त कानून पास करने में फैल होती है तो समस्त बेरोजगार तय सुरक्षित आय का आधा “रोजगार प्रतीक्षा भत्ता” दिया जाना चाहिए। 

मुख्य अतिथि प्रगतिशील लेखक संघ सागर से पधारे पीआर मलैया ने अपने उद्बोधन में कहा कि बेरोजगारी का सवाल अहम हो गया है। जहां एक और रोजगार के आभाव हैं वहीं दूसरी ओर रोजगार खत्म किए जा रहे हैं। आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के दौर में जहां मात्रात्मक और गुणात्मक उत्पादन का दौर आया है, वहीं 8 घंटे के बजाय 12 और 14 घंटे काम करने की बात की जा रही है। बल्कि होना तो यह होना चाहिए कि सेवा और उत्पादन क्षेत्र में कार्यदिवस 8 से 6 घंटे की जाना चाहिए ताकि बचे 25 प्रतिशत समय में बेरोजगारों को रोजगार उपलब्ध कराया जा सकता है। 

मुख्य अतिथि पीआर मलैया एवं अध्यक्षता कर रहे वरिष्ठ पत्रकार सईद नादाँ के हाथों निबंध लेखन के प्रतिभागियों को इनाम और प्रमाण पत्र वितरित किए गए।

जिनमें प्रथम पुरुस्कार कु. ललिता लोधी , द्वितीय कृतिका धाकड़ , तृतीय मुश्कान शकील एवं सांत्वना पुरस्कार उमा गौर , भक्ति जैन , महक साहू ,महिमा ठाकुर ,निशा कुशवाहा , साधना कुशवाहा , सपना कुशवाहा , शैफाली श्रीधर , माधवी गौर , शांति कुशवाहा , सुरभि चढ़ार , सुभी गौर , तरन्नुम वी. नन्दनी गुर्जर , नेहा विश्वकर्मा को प्रदान किए गए।

कार्यक्रम के अंत में अपने अध्यक्षीय उद्बोधन में एडवोकेट सईद नादां ने कहा कि देश के हालात वास्तव में बेरोजगारी को लेकर भयावह स्थितियों में पहुंच गए हैं। मनरेगा कानून की तरह ही BNEGA कानून को भी सरकार को संसद में पास करा कर देश के बेरोजगारों को सुरक्षित रोजगार उपलब्ध कराने का कार्य संपन्न कराना चाहिए। प्रतिभागी विद्यार्थियों को पढ़ाई करते हुए ऊंचाइयों पर जाने का सपना पूरा करना चाहिए।

कविता पाठ शिक्षाविद राजकुमार सोलंकी एवं अभिलाष श्रीवास्तव द्वारा किया गया।यूथ फेडरेशन के जिला संयोजक संदीप सोनी ने कार्यक्रम का संचालन किया।

अंत में आभार प्रदर्शन शिक्षाविद टीआर आठ्या ने किया।

फोटो - सेमीनार में विजेताओं को पुरुस्कृत करते हुए अतिथिगण ।

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