आभा आईडी जरूरी करने से भीड़ बढ़ी, मरीज परेशान ,

 


सईद नादाँ, बेगमगंज

              सिविल अस्पताल में मरीजों की टीबी , मलेरिया या फिर किसी भी प्रकार की जांच के लिए आभा आईडी अनिवार्य किए जाने से मरीजों की परेशानी बढ़ गई है। दूसरी ओर लैब में टेस्ट कराने जाने वाले मरीजों के साथ अभद्रता किए जाने की शिकायतें मिल रही है।

जब किसी के पास आभा आईडी नहीं होती है तो लेब टेक्नीशियन से लेकर टेस्ट के लिए तैनात साइंस हाउस संस्था के ठेकेदार के द्वारा सौरभ विश्वकर्मा एवं शेख वाजिद को लेब में रखा गया है जबकि तीन लेब टेक्नीशियन दिनेश कुमार , आरती रघुवंशी एवं स्वाति बरडे पदस्थ है। इनमें सरकार द्वारा अटैचमेंट खत्म किए जाने के बाद भी पिछले तीन साल से स्वाति बरडे का रायसेन जिला अस्पताल में अटैचमेंट करके रखा गया है और एक लेब टेक्नीशियन आरती रघुवंशी की हमेशा गायब रहने की शिकायत रहती है , फिर भी प्रबंधन अंकुश नहीं लगा पा रहा है।मरीजों की जांच रिपोर्ट एक सप्ताह से पहले नहीं मिल रही है।

नागरिकों ने आरोप लगाया है कि सरकारी अस्पताल गरीबों और मजदूरों के लिए ही होते हैं जो कि अपना काम धंधा छोड़कर अपनी बीमारी का इलाज कराने सरकारी अस्पतालों में जाते हैं और ऐसे में स्वास्थ्य विभाग द्वारा आभा आईडी का नया नियम लागू करके उन्हें परेशान किया जा रहा है, जोकि उचित नहीं है सरकार को चाहिए कि वह पूर्व की भांति गरीब मरीजों की ब्लड टेस्ट सहित सभी जांच बिना बाधा के कराई जाने की व्यवस्था की जाए।

गनीमत है कि ओपीडी पर्चे के लिए अभी ये नियम लागू नही हुआ है, यदि हो गया तो पर्चा बनाने की प्रक्रिया बहुत धीमी हो जाएगी। पिछले माह एक जुलाई से लागू हुए इस नियम ने मरीजों की परेशानी बढ़ा दी है। पहले यह स्वैच्छिक थी लेकिन अब ब्लड टेस्ट सहित सभी टेस्ट बिना आभा आईडी के नहीं होने से मरीजों की भीड़ बढ़ने के कारण बहुत ज्यादा परेशानी हो रही है। अस्पताल में अफरातफरी का माहौल रहता है ऐसे में महिलाओं एवं बच्चों को सबसे ज्यादा परेशान होते देखा जा रहा है ।

अस्पताल प्रबंधन का कहना है कि सभी प्रकार की जांच के लिए आभा आईडी का होना अनिवार्य है बिना आईडी के मशीन मरीज का डाटा स्वीकार ही नहीं कर रही है । एक साथ बड़ी संख्या में आईडी बनने से सर्वर डाउन होने की समस्या भी बढ़ गई है जबकि आईडी बनाना बेहद आसान है ।अस्पताल आने से पहले सभी को असुविधा से बचने के लिए आभा आईडी बनवाकर लाना चाहिए। आभा आईडी हर मरीज के लिए 1 जुलाई से अनिवार्य कर दी गई है। अस्पताल में मरीजों की आभा आईडी आयुष्मान कक्ष में आयुष्मान मित्र रविंद्र गुर्जर द्वारा आधार कॉर्ड लाने पर बनाकर दी जा रही है।लेकिन एक साथ आईडी बनने के काम के कारण सर्वर डाउन हो रहा है, तो मरीजों को असुविधा हो रही। अस्पताल आने से पहले किसी भी असुविधा से बचने के लिए इसे स्वंय आसानी से चार चरणों में बना सकते हैं। प्ले स्टोर से आभा एप डाउनलोड करें , फिर लांगिग करें और आधार नम्बर डालकर ओपीटी प्राप्त करें फिर क्लिक करें और मोबाइल पर 6 अंकों का ओपीटी डालकर वेरीफाई करें। आईडी बनने के बाद सभी मरीजों को बड़ी सुविधा मिलेगी।

फोटो - सिविल अस्पताल में टेस्ट कराने लगी भीड़ ।

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