महिंद्रा कंपनी के अधिकृत शोरूम पर हुए गबन के मामले में पांच आरोपी गिरफ्तार, कैशियर ने सटोरियों के माध्यम से क्रिकेट मैच में लगाए थे रुपए, पुलिस ने गबन के 49 लाख रुपए किए बरामद

आशीष यादव, धार 

महिंद्रा कंपनी के अधिकृत शोरूम पर हुए गबन के मामले में कोतवाली पुलिस टीम को सफलता मिल गई हैं, पुलिस ने मुख्य आरोपी कैशियर सहित इस प्रकरण में शामिल 4 सटोरियों को भी गिरफ्तार किया है। साथ ही गबन की पूरी रकम भी रिकवर कर ली है, हालांकि आरोपियों तक पहुंचने व राशि को बरामद करने में पुलिस को काफी मशक्कत का सामना करना पडा था। क्योंकि कैशियर धार छोड़कर फरार हो गया था, जिसे ही पुलिस ने सबसे पहले औधोगिक नगरी पीथमपुर के इंडोरामा क्षेत्र से अरेस्ट किया था। जिसके बाद जांच में पुलिस ने धार व सिंघाना के सटोरियों को पकड़ा था। पुलिस ने रिमांड के दौरान पूछताछ में आरोपियों से गबन की राशि भी जब्त की। पहली मर्तबा धार पुलिस ने गबन हुई राशि आरोपियों से प्रकरण दर्ज करने के 10 दिनों के भीतर ही जब्त कर ली है।

दरअसल महिंद्रा कंपनी के चार पहिया वाहनों को बेचने के लिए सौम्या व्हीकल्स प्राइवेट लिमिटेड धार में अधिकृत हैं, यहां पर कैशियर का काम देखने वाले आरोपी अश्विन पिता दिनेश गोस्वामी ने गबन किया है। आरोपी शोरूम पर कैशियर के साथ वाहनों को बेचने के लिए एजेंट के रुप में काम भी करता था, कैशियर के साथ ही कंपनी के वाहन बेचने पर कमीशन भी आरोपी को मिलता था। शोरूम पर आने वाले ग्राहक वाहन को क्रय करने की बडी रकम चेक के माध्यम से देने के साथ ही कुछ रकम नगद भी देते थे, जो प्रतिदिन की रकम आरोपी अश्विन के पास ही जमा होती थी। इसी बीच आरोपी ने गबन किया है। इस पूरे गबन का खुलासा कंपनी के खातों की ऑडिट में हुआ, जिसके बाद कंपनी के जनरल मैनेजर थाने पर पहुंचे थे। जहां पर आरोपी के खिलाफ 21 जून को प्रकरण दर्ज करने के बाद आरोपी को औद्योगिक नगरी पीथमपुर के इंडोरामा क्षेत्र से गिरफ्तार किया था।

39 दिन में 49 लाख का गबन 

मामले की जानकारी देते हुए एडिशनल एसपी देवेंद्र पाटीदार ने बताया कि आरोपी कैशियर अश्विन ने 1 मई से 9 जून तक कुल 39 दिनों में प्रतिदिन आने वाली राशि को बैंक में नहीं जमा करते हुए अपने पास रखे थे, इस दौरान कुल 49 लाख 9 हजार रुपए का आरोपी ने गबन किया था। पूछताछ में आरोपी ने बताया कि राजदीप पिता जगदीश को पहले से जानता था, जिसने ही रकम आईपीएल के सट्टे के माध्यम से 4 गुना राशि करने का लालच दिया था। राजदीप के कहने पर ही अश्विन सट्टे में रुपए लगाने लगा था। हालांकि सटोरियों ने अश्विन को करीब 9 लाख रुपए मैच के माध्यम से कमा कर भी शुरुआती दौर में दिए थे, ताकि अश्विन का सटटे की ओर आकर्षण बना रहे। सटोरी आरोपी से आईपीएल की टीम आरसीबी के मैचों पर सट्टा ऑनलाइन के माध्यम से लगाते थे। इस दौरान सीएसपी देवेंद्रेसिंह धुर्वे, टीआई समीर पाटीदार मौजूद थे। 

48 लाख बरामद हुए 

पुलिस ने इस प्रकरण में शामिल अश्विन पिता दिनेश, राजदीप पिता जगदीश, सावन पिता हेमंत, प्रदीप पिता हेमाजी व पारस पिता रतनलाल को गिरफ्तार किया है। जांच के दौरान पुलिस ने कुल 48 लाख 18 हजार रुपए जब्त भी किए है। आरोपी अश्विन धार के सटोरिए पारस काे गबन के रुपए देता था तथा राजदीप, सावन व प्रदीप आईपीएल के सट्टे का काम करते थे। पुलिस ने आरोपियों के पांच मोबाइल सहित कुछ दस्तावेज भी जब्त किए है। आरोपियों को गिरफ्तार करने की कार्रवाई उनि सौरभ शुक्ला, प्रआर योगेश शर्मा, आसिफ शेख, सुनिल यादव, आरक्षक शुभम व प्रशांत का महत्वपूर्ण योगदान रहा। 



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