जिले में सर्वाधिक दुर्घटना वाले 110 लोकेशन पर अब 450 सीसी टीवी कैमरे से निगरानी की तैयारी

 आशीष यादव, धार

जिले के अलग-अलग थाना क्षेत्रों में सीसी टीवी कंट्रोल रूम से 24 घंटे होगी ब्लैक स्पॉट की निगरानी 

सूचना ना मिली तो भी कंट्रोल रूम से दुर्घटना को देखकर पहुंचाई जा सकेगी एम्बुलैंस मदद 

जिले की 7 क्षेत्रों में अलग-अलग स्थानों पर करीब 450 सीसी टीवी कैमरे लगाने का प्रस्ताव तैयार किया गया है। विश्व बैंक के सहयोग से सीपीआरएसपी (सामुदायिक भागीदारी सड़क सुरक्षा कार्यक्रम) के तहत यह कार्य करवाया जाएगा। इसके लिए करीब 110 दुर्घटना प्रभावित 14 ब्लैक स्पॉट सहित क्रिटिकल स्थान चिह्नित किए गए है। इन स्थानों पर कैमरे लगेंगे। इनमें कई चौराहे है जहां पर एक ही लोकेशन से चार-चार कैमरे लगाए जाएंगे। सीसी टीवी कैमरे लगाने के साथ संबंधित थाना क्षेत्रों में सीस टीवी कंट्रोल रूम भी स्थापित किए जाएंगे। जहां से 24 घंटे ब्लॅक स्पॉट की निगरानी की जाएगी। दुर्घटनाओं की सूचना ना मिलने पर भी कंट्रोल रूम में कैमरा निगरानी के माध्यम से एम्बुलैंस जैसी आवश्यक मदद भिजवाई जाएगी। मध्यप्रदेश ग्रामीण सड़क विकास प्राधिकरण द्वारा प्राइस वाटरहाउस कूपर्स प्राइवेट लिमिटेड को ‘सामुदायिक भागीदारी सड़क सुरक्षा कार्यक्रम’ आयोजित करने के लिए परामर्श सेवाएं प्रदान करने के लिए नियुक्त किया गया है। 


मनावर-पीथमपुर में सर्वाधिक लोकेशन 

सीसी टीवी कैमरे लगाने के लिए पिछले कुछ वर्षों में हुई दुर्घटनाओं की जानकारी के आधार पर ब्लैक स्पॉट चिह्नित किए गए है। इसमें 7 क्षेत्र पीथमपुर, धामनोद, बदनावर, सरदारपुर, कुक्षी, मनावर, धार में 25 स्थानों पर सीसी टीवी कैमरे लगाए जाएंगे। इनमें थाना, यातायात विभाग सहित चौकियां भी शामिल है। यातायात विभाग ने सर्वाधिक लोकेशन पीथमपुर और मनावर क्षेत्र में तय की है। सीसी टीवी कैमरे लगाने को लेकर कम्युनिटी पार्टीसिपेट रोड सेफ्टी प्रोग्राम से जुड़े अधिकारियों ने अनेकों स्थानों पर मौका-मुआयना भी कर लिया है। सीसी टीवी कैमरे लगने के बाद कंट्रोल रूम से 24 घंटे निगरानी रखी जाएगी। 


मदद में देरी से होती है मौतें

प्रदेश में दुर्घटनाओं में सर्वाधिक मौत के मामले में धार जिला नंबर-1 पर है। दुर्गम भौगोलिक परिस्थितियां और फैला हुआ जिले का क्षेत्रफल होने के कारण दुर्घटनाओं के दौरान घायलों को समय पर मदद नहीं मिल पाती है। इसके कारण मौतों का आंकड़ा बढ़ जाता है। जिले के दुर्घटना प्रभावित कई क्षेत्र थानों और स्थानीय अस्पतालों से 10 से 15 किलोमीटर की दूरी पर है। इसके कारण घायलों को समय पर अस्पताल नहीं लाए जाने पर मौतें होती है। पुलिस विभाग ने इसके लिए गुड सेमेरिटन योजना भी शुरु की है। जिसमें घायल को समय पर अस्पताल पहुंचाने वाले लोगों को नकद पुरस्कार से सम्मानित किया जाएगा। 


शिक्षित करेंगे, रोड सुधार भी होंगे 

वाहन दुर्घटनाओं में अभी तक ओवर स्पीड ट्रॉफिक नियमों को नजर अंदाज करना सहित खराब सड़कें मुख्य कारण बनकर सामने आई है। जिले के लिए यह अच्छी बात है कि दुर्घटनाओं में मौतों पर नंबर-1 होने के बावजूद शराब पीकर वाहन चलाने के दौरान मौत का आंकड़ा बेहद कम है। सीपीआरएस प्रोग्राम के तहत कई मानकों पर काम किया जाएगा। इसके लिए ब्लैक स्पॉट क्षेत्र के आसपास लोगों सहित सड़क पर फेरी लगाने वाले एवं वाहन चालकों को भी सुरक्षा नियम सहित दुर्घटनाओं के दौरान घायलों की मदद सहित कई मामलों में जानकारियों के माध्यम से शिक्षित किया जाएगा। इधर ब्लैक स्पॉट पर दुर्घटनाओं के कारणों को भी समझा जाएगा। इसमें सीसी टीवी कैमरे के फुटेज से भी मदद ली जाएगी। दुर्घटनाओं के लिए यदि सड़क संबंधी बाधा आती है तो उसमें भी सुधार कार्य किए जाएंगे। 


मेडिकल यूनिट को भी बेहतर बनाएंगे 

सीपीआरएस प्रोग्राम के तहत दुर्घटनाओं पर नियंत्रण के साथ मौत के आंकड़ों को भी खत्म करने का प्रयास किया जाएगा। इसके लिए जिले में राज्य मार्ग एवं ग्रामीण मार्ग के दुर्घटना प्रभावित स्थानों के आसपास की मेडिकल यूनिट को भी बेहतर बनाया जाएगा। जरूरत पड़ी तो संस्थानों को उपकरण भी मुहैया कराए जाएंगे इससे मौतों पर नियंत्रण में काफी मदद मिलेगी। उल्लेखनीय है कि गंभीर अवस्था में जिला मुख्यालय या इंदौर और बड़वानी जैसे जिलों में घायलों को ले जाने के दौरान रास्ते में ही मौत हो जाती है। इसके लिए एक मानक मेडिकल यूनिट को बेहतर बनाने का भी है। 


कैमरों से अपराध नियंत्रण में मिलेगी मदद 

जिले में यदि प्रस्तावित 450 कैमरे लग जाते हैं तो आम लोगों के साथ पुलिस विभाग को भी बड़ी मदद मिलेगी। कंट्रोल रूम से जहां दुर्घटनाओं की स्थिति में घायलों को समय पर मदद भेजी जा सकेगी। वहीं दुर्घटना के वास्तविक कारण और जिम्मेदार की स्थितियां भी सामने आएगी। इसी के साथ अपराध नियंत्रण में भी कैमरे मददगार साबित होंगे।  


इन विभागों का समन्वय रहेगा 

सीपीआरएस प्रोग्राम एक लंबा चलने वाला कार्यक्रम है। इसमें एमपीआरआरडीए, एमपीपीडब्ल्यूडी, पुलिस विभाग, स्वास्थ्य विभाग सहित अन्य विभाग समन्वय के साथ डेटा विश्लेषण के आधार पर कार्यक्रम के तहत भूमिका निभाएंगे।  


इनका कहना है 

कम्यूनिटी पार्टिसिपेट रोड सेफ्टी प्रोग्राम के तहत विश्व बैंक के सहयोग से धार जिले में सर्वाधिक दुर्घटना वाले क्षेत्रों को चिह्नित किया गया है। वहीं अन्य सामान्य दुर्घटना प्रभावित क्षेत्रों को भी सुधार कार्यक्रम में शामिल किया गया है। इसी के तहत सीसी टीवी कैमरे लगाने के प्रस्ताव पर काम किया जा रहा है। कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य वाहन दुर्घटनाओं पर नियंत्रण एवं लोगों को नियमों को लेकर शिक्षित करना है। इसमें कई मानकों पर काम किया जाएगा~~ अनुपम सक्सेना, महाप्रबंधक एमपीआरडीए 



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