आज से होंगी चने की खरीदी 11केंद्रों पर होगी तुलाई, किसानों के लिए रहेगी पानी बैठने की व्यवस्था

आशीष यादव, धार

जिले के चना उत्पादक किसानों के लिए अच्छी खबर है। जिले में आज से समर्थन मूल्य 5230 रुपए प्रति क्विंटल पर चना की खरीदी शुरू होगी। व मसूर 5500 रुपये क्विंटल रहेगी उल्लेखनीय है कि जिले में फरवरी व मार्च के पहले सप्ताह में चना कटाई पूर्ण हो गई थी। जिले के 6089 किसानों ने समर्थन मूल्य पर पंजीयन करवाया वही।पंजियन को लेकर किसानों में इस बार रुचि नही ली वही इस बार मंडियों के चालू होने पर किसानों की रुचि मंडियों की ओर रुक कर रहे है चना व मसूर की खरीदी 21 मार्च से सरकारी मूल्य 5230 रुपए तय 6 हजार किसानों से होगी खरीदी मंडी में समर्थन मूल्य की जगह 300 से 500 रुपए किसानों को मिल रहे अधिक बिक्री हो रही है।

जिले में सोमवार 21 मार्च से किसानों की उपज की सरकारी खरीदी शुरु हो रही हैं, पहले किसानों से चना व मसूर खरीदा जाएगा। इसको लेकर सरकारी मूल्य 5230 रुपए तय हो चुका हैं, हालांकि किसानों को मंडी में चने के भाव अच्छे मिल रहे है। जिसके चलते किसानों का मंडियों की ओर रुचि अधिक हैं, साथ ही सरकारी खरीदी में छोटे चने ही खरीदे जाते है। जबकि मंडियों में छोटे व बडे चने दोनों की खरीदारी होती है। ऐसे में आधे किसान बडे चने की उपज के चलते समर्थन मूल्य की खरीदी में शामिल नहीं हो पाते है। जिसके चलते ही किसानों ने सरकारी खरीदी के लिए पंजीयन कम ही करवाए है। वहीं इस मर्तबा खरीदी देर से शुरु हो रही हैं, तथा कई किसानों ने चने पहले ही मंडियों के माध्यम से बेचना शुरु कर दिए थे। मंडियों में छोटे चने का भाव 4800 रुपए से 5200 रुपए क्विंटल बिक रहा हैं, वहीं बडा चना 8 हजार से 9 हजार रुपए प्रति क्विंटल तक बिक रहा है। जिसके कारण ही किसान मंडी में अधिक पहुंच रहे है।       


11 केंद्रों पर होगी खरीदी  

चने के साथ मसूर की खरीदी भी शुरु हो रही है। मसूर की उपज का भाव भी मंडियों में अधिक हैं, जहां समर्थन मूल्य पर खरीदी मसूर 5500 रुपए में खरीद जाएगा। वहीं मंडी में यही उपज 5800 से 6 हजार रुपए तक बिक रही है, किसान 300 रुपए से 500 रुपए अधिक मिलने के कारण ही मंडियों की ओर जा रहे है। उप संचालक किसान कल्याण तथा कृषि विकास ने बताया कि जिले में रबी 2021-22 (विपणन वर्ष 2022-23) के लिये चना, मसूर एवं राई-सरसो के न्यूनतम समर्थन मूल्य पर उपार्जन अवधि 21 मार्च से 31 मई तक किया जाएगा। जिसमें औसत अच्छी गुणवत्ता (FAQ) किस्म के चना का समर्थन मूल्य राशि 5230 रुपए प्रति क्विंटल, मसूर का राशि 5500 रुपए प्रति क्विंटल एवं राई सरसों का 5050 रुपए प्रति क्विंटल निर्धारित किया गया है। जिले में उपार्जन हेतु कुल 11 केन्द्र स्थापित किए गए है। जिसमें 6089 पंजीकृत है।


किसान पंजीयन कार्य पूरा

जिले में समर्थन मूल्य पर गेहूं एवं चना बेचने वाले किसानों के पंजीयन प्रक्रिया पूरी हो चुकी है। जिले में अब तक कुल 43 हजार 452 किसानों के पंजीयन हुए हैं। इसमें गेहूं के लिए 41हजार 712 किसान एवं चना के लिए 6 हजार 089 किसानों ने पंजीयन कराया है। पंजीयन कराने में ऐसे भी किसान हैं जिन्होंने गेहूं एवं चना दोनों का पंजीयन कराया है। जिले में सरसो के लिए मसूर के लिए पंजीयन हुआ है।


75 हजार हेक्टेयर में चना की फसल

कृषि विभाग ज्ञानसिंह मोहनिया ने बताया से मिली जानकारी के अनुसार इस वर्ष रबी सीजन में चना बुआई रकबे में वृद्धि हुई है। जिले में 75 हजार हेक्टेयर रकबे में फसल बुआई की गई है। इसमें 2 लाख 72 हजार हेक्टेयर रकबे में गेहूं, 75 हजार हेक्टेयर में चना की फसल बोई गई है। इसके अलावा 7 हजार हेक्टयेर में मक्का, 6 हेक्टेयर में मटर,हेक्टेय रकबे बुआई की गई थी। 



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