मध्‍य प्रदेश के कांग्रेस नेताओं की आलाकमान से मांग, प्रियंका गांधी को संसद भेजा जाए

भोपाल. मध्य प्रदेश (Madhya Pradesh) कांग्रेस (Congress) के विभिन्न गुटों में चल रही अंदरूनी लड़ाई एवं कमलनाथ के नेतृत्व वाली प्रदेश की कांग्रेस नीत सरकार को कथित रूप से भाजपा द्वारा अस्थिर करने के आरोपों के बीच प्रदेश के कुछ कांग्रेसी नेताओं ने पार्टी आलाकमान से मांग की है कि पार्टी महासचिव प्रियंका गांधी वाड्रा (Priyanka Gandhi) को मध्य प्रदेश की राज्यसभा सीट से मैदान में उतारा जाए. मध्य प्रदेश की तीन राज्यसभा सीटों के लिए 26 मार्च को चुनाव होने हैं और इसके लिए नामांकन भरने की अंतिम तिथि 13 मार्च है. प्रभात झा एवं सत्यनारायण जटिया (दोनों भाजपा) और कांग्रेस के दिग्गज नेता दिग्विजय सिंह का राज्यसभा का कार्यकाल अप्रैल में पूरा हो रहा है. इसी कारण इन सीटों पर चुनाव की जरुरत आन पड़ी है.

ये है सीटों का आकलन
2018 में हुए प्रदेश विधानसभा चुनाव में कांग्रेस को मिली जीत के कारण इन तीन सीटों में से एक सीट पर कांग्रेस कब्जा कर सकती है, जबकि एक भाजपा के खाते में जाने की उम्मीद है. वहीं, तीसरी सीट के लिए कांग्रेस एवं भाजपा दोनों ही जोर आजमाएंगे और इसके लिए उन्हें बसपा, सपा एवं निर्दलीय विधायकों के वोटों की जरूरत होगी. कमलनाथ रविवार रात भोपाल से दिल्ली के लिए रवाना हुए और मध्यप्रदेश के हालिया राजनीति घटनाक्रम और राज्यसभा चुनाव की पृष्ठभूमि में सोमवार को कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी से मुलाकात की. मुलाकात के बाद कमलनाथ ने दिल्ली में कहा कि सभी मुद्दों पर चर्चा हुई.

सोनिया और कमलनाथ के बीच हुई बैठक

त्रों का कहना है कि करीब 20 मिनट तक चली सोनिया और कमलनाथ की मुलाकात के दौरान राज्यसभा चुनाव के लिए उम्मीदवारों के संदर्भ में मुख्य रूप से चर्चा हुई. मध्य प्रदेश के लोक निर्माण मंत्री सज्जन सिंह वर्मा ने सोमवार को ‘पीटीआई-भाषा’ को बताया, 'प्रियंका गांधी को मध्यप्रदेश की राज्यसभा सीट से कांग्रेस की टिकट पर नामांकन भरना चाहिए.' उन्होंने कहा, 'राज्यसभा के लिए हमने प्रियंका गांधी को न्योता भेजा है. उनके आते ही सभी मसले हल हो जाएंगे. वर्मा के अलावा, मध्यप्रदेश कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष एवं पूर्व केन्द्रीय मंत्री अरूण यादव ने भी प्रियंका गांधी को मध्यप्रदेश की राज्यसभा से मैदान में उतारे जाने की मांग की है.

पहले भी हो चुकी है मांग
पिछले महीने भी मध्यप्रदेश के दो मंत्री पीसी शर्मा एवं जयवर्द्धन सिंह भी प्रियंका गांधी को मध्यप्रदेश की राज्यसभा सीट से मैदान में उतारने की मांग पार्टी आलाकमान से कर चुके हैं. मालूम हो कि मंगलवार को मध्य प्रदेश के 10 विधायक गायब हो गए थे, जिनमें दो बसपा, एक सपा, एक निर्दलीय एवं बाकी कांग्रेस के विधायक थे. इसके बाद दिग्विजय सिंह ने आरोप लगाया था कि भाजपा नेता इन विधायकों को हरियाणा के एक होटल में ले गये हैं और कमलनाथ की सरकार को गिराने के लिए उन्हें करोड़ों रूपये का आफर दे रहे हैं.बीजेपी ने खारिज किया आरोप
हालांकि, भाजपा ने इस आरोप को खारिज कर दिया और दावा किया कि 26 मार्च को मध्यप्रदेश की तीन राज्यसभा सीटों के लिए होने वाले चुनाव के मद्देनजर यह कांग्रेस के विभिन्न गुटों के बीच चल रही अंदरूनी लड़ाई का नतीजा है. इसके बाद प्रदेश की सत्तारूढ़ कांग्रेस इन 10 विधायकों में से आठ विधायकों को वापस लाने में अब तक सफल हो चुकी है. हालांकि, गायब हुए 10 विधायकों में से अब केवल कांग्रेस के दो विधायक हरदीप सिंह डंग एवं रघुराज कंसाना ही बचे हैं, जो अब तक गायब हैं.

दो सीटें खाली
मध्यप्रदेश विधानसभा में 230 सीटें हैं, जिनमें से वर्तमान में दो खाली हैं. इस प्रकार वर्तमान में प्रदेश में कुल 228 विधायक हैं, जिनमें से 114 कांग्रेस, 107 भाजपा, चार निर्दलीय, दो बहुजन समाज पार्टी एवं एक समाजवादी पार्टी का विधायक शामिल हैं. कमलनाथ के नेतृत्व वाली मध्यप्रदेश की कांग्रेस सरकार को इन चारों निर्दलीय विधायकों के साथ-साथ बसपा और सपा का समर्थन है. राज्य विधानसभा के विधायक राज्यसभा चुनाव में मतदान कर प्रदेश से राज्यसभा सांसद चुनते हैं.


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