इस पिंक बस में ड्राइवर से लेकर यात्री तक सब महिलाएं, एक बटन दबाने पर मिलेगी ये सुविधाएं

इंदौर की सड़कों पर पिंक बसें (pink bus) दौड़ रही हैं. जैसा कि रंग से ही ज़ाहिर है कि ये खासतौर से महिलाओं की और से महिलाओं (ladies)के लिए हैं. इनमें ड्राइवर से लेकर सवारी तक सब महिलाएं हैं. महिला सवारियों को लेकर ये बसें शान से शहर की सड़कों पर दौड़ रही हैं. इन बसों में महिला सुरक्षा की पूरी गारंटी है.
कमलनाथ सरकार ने महिलाओं को सुरक्षित सफर का तोहफा देते हुए पिंक बसों की शुरूआत कर दी है. इंदौर में इसकी शुरुआत हो गयी है. मध्यप्रदेश में पहली बार इंदौर में महिलाओं के लिए ये विशेष पिंक बसें चलना शुरू हुईं हैं.बिना किसी औपचारिक उद्घाटन के इन बसों को सड़कों पर उतार दिया गया है. बस में ड्राइवर से लेकर कंडक्टर तक सब महिलाएं हैं.अभी सिर्फ दो पिंक बसें शुरू की गयी हैं,
जो बीआरटीएस कॉरिडोर में राजीव गांधी चौराहा से निरंजनपुर तक चल रही हैं.
आधुनिक तकनीक से लैस हैं पिंक बसें
इंदौर में पहली बार चलायी जा रही इन पिंक बसों में सीसीटीवी कैमरा,ऑन बोर्ड यूनिट,पैसेंजर इंफॉर्मेशन सिस्टम,पैसेंजर अनाउंसमेंट सिस्टम, एसओएस बटन, महिला बस वॉर्डन के साथ तमाम लेटेस्ट सुविधाएं हैं. बस में खुद को असुरक्षित महसूस करने पर महिला यात्री इसमें लगा पैनिक बटन फौरन दबा सकती है. ये बटन पुलिस के डायल 100 सिस्टम से जुड़ा है.बटन दबते ही डायल 100 पर अलर्ट पहुंच जाएगा.महिला यात्रियों के लिए ये पैनिक बटन सिर्फ असुरक्षा, छेड़छाड़, आपात स्थिति, आग लगने और लूटपाट जैसी घटनाओं के लिए ही नहीं है. बल्कि बीमारी-परेशानी में भी इस बटन को दबाया जा सकता है. इस बटन के ज़रिए एंबुलेंस की सुविधा भी महिला यात्री ले सकती है. दिल्ली में हुए निर्भया कांड के बाद महिलाओं को सुरक्षित बस यात्रा मुहैया कराने की कवायद चल रही थी. इंदौर में इसकी शुरुआत भी हो गयी है.