दिव्यांगों को विवाह के लिये 4 लाख 98 हजार रुपये तक की आर्थिक सहायता दी जाती है

उज्जैन 04 फरवरी। मुख्यमंत्री कन्या विवाह योजना के अन्तर्गत उज्जैन जिले में आगामी फरवरी माह में दिव्यांगों का सामूहिक विवाह आयोजित किया जा रहा है। दिव्यांग विवाह के लिये राज्य शासन द्वारा विभिन्न योजनाओं से अधिकतम चार लाख 98 हजार रुपये तक की आर्थिक सहायता प्रदान की जाती है।
सामाजिक न्याय विभाग के संयुक्त संचालक ने यह जानकारी देते हुए बताया कि वर या वधू में से एक दिव्यांग तथा किसी एक के सामान्य और दूसरे के अनुसूचित जाति वर्ग के होने पर चार लाख 98 हजार रुपये तक की सहायता दी जाती है, जो कि जीवन यापन की दृष्टि से अत्यधिक महत्वपूर्ण है। इसी तरह वर एवं वधू में से यदि एक दिव्यांग है एवं एक सामान्य वर्ग का व एक अनुसूचित जाति वर्ग का है तो जोड़े को तीन लाख 98 हजार रुपये की आर्थिक सहायता दी जाती है। इसी तरह वर वधू दोनों के दिव्यांग होने पर एक लाख 48 हजार रुपये, वर वधू में से एक दिव्यांग एवं एक सामान्य होने पर दो लाख 48 हजार रुपये की आर्थिक सहायता प्रदान की जाती है।
उज्जैन जिले में आगामी 12 फरवरी को दिव्यांग विवाह के लिये विक्रम कीर्ति मन्दिर में प्रात: 10.30 बजे से जिला स्तरीय परिचय सम्मेलन आयोजित किया जा रहा है। इस सम्मेलन में विवाह के इच्छुक दिव्यांग युवक-युवती भाग ले सकते हैं एवं अपना जीवन साथी चुन सकते हैं। सामाजिक न्याय एवं नि:शक्तजन कल्याण विभाग द्वारा आयोजित किये जाने वाले इस कार्यक्रम में दिव्यांगजन अपना दिव्यांगता प्रमाण-पत्र, जो कि जिला मेडिकल बोर्ड द्वारा जारी होता है, आधार कार्ड, वोटर आईडी कार्ड, मप्र के मूल निवासी होने का प्रमाण-पत्र, राशन कार्ड, समग्र आईडी एवं पासपोर्ट फोटो के साथ भाग ले सकते हैं।