रबी में उपार्जन में दतिया मॉडल लागू करने के निर्देश दिए

आशीष यादव, धार

पिछले खरीफ विपणन इस वर्ष उपार्जन में दतिया जिले द्वारा की गई कार्यवाही उत्साहवर्धक रही है, जिसके अच्छे परिणाम प्राप्त हुये हैं। इस संबंध में कलेक्टर कॉन्फ्रेंस में दतिया कलेक्टर द्वारा की गई कार्यवाही भी सब से साझा की गई थी तथा मुख्यमंत्री जी द्वारा सभी जिलों में इसका अनुसरण कर लागू करने के निर्देश दिये गये थे। रबी सीजन में भी दतिया जिले में व्यापक तैयारियां की हैं, जिसके संबंध में कलेक्टर से प्राप्त कार्यवाही में की गई।

इस संबंध में कलेक्टर डॉं. पंकज जैन ने समस्त अनुविभागीय अधिकारी राजस्व, उप संचालक कृषि कल्याण एवं किसान विकास तथा समस्त मण्डी सचिवों को निर्देश दिए है कि वे व्यापारियों के द्वारा किसानों के पंजीयन के माध्यम से गेहू बेचने के प्रयास को रोकने के लिए प्रत्येक उपार्जन केन्द्र पर दो- दो नोडल अधिकारी तैनात किये जाये। नोडल अधिकारी तैनात करने का उद्देश्य पूर्णतः खरीद संव्यवहार के शुद्धता की जांच करना है। सामान्य स्थितियों में होता यह है कि खरीदी केन्द्र प्रभारी एवं विक्रेता के बीच सीधा समन्वय होने से उनके बीच लाभ साझा करने का समझौता हो जाता है। ऐसा होने पर फर्जी तौर पर व्यापक विक्रय होता है। कई बार तो बिना माल आये ही केवल पोर्टल पर खरीद दिखलाई जाती है और बाद में ऐसे फर्जी खरीद माल को खराब माल से नुकसान दिखा कर किया जाता है। इसलिये खरीद केन्द्र प्रभारी एवं विक्रेता के बीच एक थर्ड पार्टी बफर के रूप में नोडल अधिकारी रहेगा।

अन्य राज्य से निम्न गुणवत्ता के गेहूं को जिले में MSP पर बेचने का प्रयास

कलेक्टर डॉं. जैन ने निर्देश दिए है कि जिले में 5 फरवरी से प्रारंभ हो हुए पंजीयन के प्रतिदिन होने वाले पंजीयन का डाटा जिला आपूर्ति कार्यालय संबंधित तहसीलदार को हस्तांतरित करेगा। संबंधित तहसीलदार का दायित्व होगा कि वह प्रतिदिन के पंजीयन का सत्यापन स्थल जांच कर करायें। 200 क्विंटल से अधिक के पंजीयन एवं शिकायती पंजीयन की जांच तहसीलदार स्वयं स्थल सत्यापन कर करायें। सत्यापन के अनुसार किसान के विक्रय पात्रता में संशोधन किया जायेगा। इस व्यवस्था का व्यापक प्रचार-प्रसार किया जा रहा है ताकि फर्जी पंजीयन करने वालों पर दबाव बनाया जा सके ।

PDS के गेहूं का रीसाईकल के संभावना को रोकना

मण्डी में गेंहू विक्रय प्रारंभ होने पर जिले की सभी मण्डियों में दो- दो सत्यापन दल संबंधित मण्डी के सचिव द्वारा कंप्यूटर सहित तैनात होंगे। सत्यापन दल मण्डी में गेहूं बेचने के लिये लाने वाले प्रत्येक किसान से ये दस्तावेज प्राप्त करेगा, इनमें ऋण पुस्तिका या खाते की नकल की छायाप्रति, आधार कार्ड एवं समग्र आईडी की छायाप्रति, यदि शासकीय खरीद केन्द्र पर विक्रय हेतु पंजीयन कराने संबंध में दस्तावेज की छायाप्रति शामिल है। उक्त दस्तावेज के आधार पर प्रतिदिन मण्डी में अनाज बेचने वाले किसानों का दस्तावेज एक्सेल शीट में करेगा। इस दस्तावेज का उपयोग उपार्जन केन्द्र पर किसानों के विक्रय पात्रता के दुरुपयोग रोकने के लिये किया जायेगा। यदि किसी कृषक ने पंजीकृत पात्रता के अनुसार उपार्जन की संभावित मात्रा मण्डी में विक्रय की गयी है तो उसकी पात्रता से उतनी मात्रा कम की जा सकती है। इस व्यवस्था का किसानों के बीच व्यापक प्रचार प्रसार किया जायेगा ताकि वे पूर्व से सूचित रह सके। खरीद केन्द्र पर किसान के आने पर सर्वप्रथम नोडल अधिकारी किसान के विक्रय पात्रता की जांच करेगा । पात्र पाये जाने पर माल के गुणवत्ता की जांच भी करेगा योग्य पाये जाने पर विदित प्रारूप में एक विक्रय प्राधिकार जारी करेगा। विक्रय प्राधिकार खरीदी केन्द्र प्रभारी सुरक्षित रखेगा। पोर्टल पर कोई भी प्रविष्टि विक्रय प्राधिकार के बिना नहीं करेगा । नोडल अधिकारी यह भी सुनिश्चित करेगा कि प्रतिदिन होने वाले तौल का तौल पर्ची किसान को उसी दिन दे दिया गया। संपूर्ण व्यवस्था का व्यापक प्रचार-प्रसार किया जाये, ताकि फर्जी कार्य करने वालों को अग्रिम तौर पर सूचित कर दिया जाये कि उनके विरुद्ध प्रशासन ने कमर कस ली है एवं इस बार वह सफल नहीं होंगे, रिस्क लेने की आवश्यकता नहीं है। फर्जी विक्रय करने के प्रयास करने वाले एवं षडयंत्र में शामिल समस्त के विरुद्ध प्रारंभ से ही आपराधिक मामला दर्ज करने का वातावरण बनाया जायेगा।

कलेक्टर डॉं. जैन ने निर्देशित किया गया है कि सभी संबंधित अधिकारी अपने-अपने क्षेत्र में उपरोक्तानुसार तैयारियां करे, ताकि फर्जी विक्रय रोका जा सके एवं वास्तविक किसानों को उपार्जन का लाभ प्राप्त हो सके तथा बिचौलिये तथा अन्य व्यक्ति इसका अनुचित लाभ न उठा सके।


जिले में पंजीयन/उपार्जन केन्द्रवार नोडल अधिकारी नियुक्त

शासन की विकेन्द्रीयकृत उपार्जन योजना अंतर्गत रबी विपणन वर्ष 2022-23 में न्यूनतम समर्थन मूल्य पर एफएक्यू गुणवत्ता गेहू का उपार्जन किए जाने हेतु किसानों के पंजीयन किया जा रहा है। इसके लिए जिले में 109 पंजीयन केन्द्र स्थापित किए गए है। जिसमें पंजीयन एवं उपार्जन कार्य सुगमता से सम्पन्न कराए जाने हेतु कलेक्टर डॉं. पंकज जैन ने 109 पंजीयन/उपार्जन केन्द्रवार संबंधित क्षेत्र के ग्रामीण कृषि विस्तार अधिकारियों को नोडल अधिकारी नियुक्त किए जाने का आदेष जारी किया है। उक्त नियुक्त अधिकार वर्तमान में पंजीयन तथा उपार्जन के समय उपार्जन केन्द्रों का भ्रमण कर आने वाली समस्याओं के निराकरण में सहयोग तथा पंजीयन केन्द्रों पर जाकर उपलब्ध सुविधाओं को देखेंगे


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