मुख्यमंत्री श्री चौहान ने स्व-सहायता समूह के सदस्यों को वर्चुअली वितरित किए 300 करोड़ रूपए के ऋण

 आशीष यादव, धार

सीएम ने किया ग्राम सादलपुर की ममता से सीधा संवाद

सभी महिलाओ को आत्मनिर्भर बनना चाहिए- ममता

मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा है कि यदि काम करने की तड़प हो तो बहनें चमत्कार कर सकती हैं। माता, बहन, बेटियाँ अभाव और गरीबी में रहने तथा ताने सुनने के लिए पैदा नहीं हुई हैं। महिलाओं को जो सम्मान मिलना चाहिए वह अभी तक नहीं मिला है। बेटा-बेटियों में भेद किया जाता है। माँ, बहन, बेटी के सशक्तीकरण के लिए काम करना मेरे जीवन का मिशन है, यह मेरी सर्वोच्च प्राथमिकता है। मुख्यमंत्री बनने के बाद मैंने जो योजनाएँ बनाई उनका उद्देश्य ग्राम स्तर तक महिला सशक्तीकरण को सुनिश्चित करना रहा। मुख्यमंत्री चौहान कुशाभाऊ ठाकरे सभागृह में ग्रामीण राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन में गठित स्व-सहायता समूह के सदस्यों को बैंक ऋण वितरित करने कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे। मुख्यमंत्री श्री चौहान ने स्व-सहायता समूह के सदस्यों को 300 करोड़ रुपए के बैंक ऋण सिंगल क्लिक से वितरित किए। मुख्यमंत्री चौहान ने पंचायत स्तर पर समूह के सदस्यों से वर्चुअल संवाद भी किया।

 यहां जिला मुख्यालय पर कलेक्ट्रेट स्थित वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग कक्ष में विधायक नीना वर्मा, जिला पंचायत अध्यक्ष मालती पटेल, जिला पंचायत सीईओ के एल मीणा सहित हितग्राही मौजूद है। इस अवसर पर मुख्यमंत्री श्री चौहान ने जिले के ग्राम सादलपुर के जाग्रति आजीविका स्व सहायता समूह की अध्यक्ष ब्यूटी पार्लर, साड़ी की दुकान तथा पशुपालन करने वाली ममता हेमन्त सोनगरा से चर्चा भी की। कार्यक्रम में उपस्थित अतिथीयों द्वारा धार विकासखण्ड के 14 स्व सहायता समूह को प्रतिकात्मक रूप से चेक का वितरण भी किया गया। उपरोक्त कार्यक्रम जिले के समस्त विकासखण्ड, पंचायत स्तर एवं बैंक शखा स्तर पर ऋण वितरण का कार्यक्रम भी आयोजित किया गया। जिसमे जिला धार में कुल 282 स्व सहायता समूह को चार करोड़ 80 लाख रुपये के प्रकरण स्वीकृत कर वितरित किये गये।

सीएम चौहान द्वारा जागृति स्व सहायता समूह की अध्यक्ष ममता सोनगरा से सीधा संवाद करते हुए समूह से जुडने के पश्चात उनके जीवन मे आयें बदलाव के बारे मे चर्चा करते हुए पुछा कि आजीविका गतिविधयों को शुरु करने के लिये क्या समूह और बैंक से कोई ऋण मिला ? इस पर ममता सोनगरा द्वारा बताया गया कि हां समूह से जुडने के बाद मेरे द्वारा सात-आठ बार ऋण लिया गया है। इस ऋण से मेने ब्यूटी पार्लर दुकान, साडी की दुकान एवं पशु पालन का कार्य शुरु किया है। इन सभी गतिविविधयो से मेरी आय लगभग 25 से 30 हजार प्रतिमाह हो गई है। सीएम ने पूछा कि क्या आपने आजीविका गतिविधि के अलावा किसी अन्य काम के लिये भी समूह से ऋण लिया है ? ममता सोनगरा ने बताया गया कि हां मेने एक लाख रुपये समूह के माध्यम से ऋण लेकर पति का ईलाज करवाया, समय पर ऋण मिलने से मै अपने पति का ईलाज करवा सकी और आज मैरे पति मेरे साथ है। इसके बाद घर और अन्य कार्यो के लिये मैने समूह से 40 हजार ऋण लेकर एक दो पहिया वाहन एक्टिवा खरीदी और स्वयं की पढाई के लिये समूह से 10 हजार रुपये ऋण लिया, जिससे मैने 10 वी कक्षा पास की। सीएम ने पुछा कि अब आय में वृद्धि से आपके जीवन मे क्या बदलाव आए हैं ? ममता सोनगरा ने बताया कि पहले 1500 रुपये प्रति माह कांच बटन का कार्य करती थी, बाद में आजीविका मिशन के माध्यम से जुडकर तीन गतिविधियों के माध्यम से लखपति बन गई है, गांव मे मेरी सामाजिक प्रतिष्ठा बड़ी और समूह से जुडने के बाद मिशन के माध्यम से आठवीं व दसवीं कक्षा पास करके अब मैं मिशन मे राष्ट्रीय स्त्रोत व्यक्ति बन गई हूं। अंत मे सीएम ने ममता से पूछा कि जो महिलाएं अभी तक समूह से नहीं जुडी हैं उनको क्या संदेश देना चाहोगी, इस पर ममता ने कहा कि मै जिले ही नही प्रदेश की सभी दीदीयों से कहना चाहती हूं कि सभी महिलाओ को आत्मनिर्भर बनना चाहिए। घर मे यदि पति-पत्नि दोनों कमाएंगे तो घर की स्थिति अच्छी होगी और हम अपने बच्चों को अच्छी परवरिश देकर अपने सपनों को साकार कर सकते हैं। आजीविका मिशन के माध्यम से ही यह संभव है इस कारण अधिक से अधिक दीदीयां समूह मे सम्मिलित होवे।

ज्ञात हो कि ग्राम सादलपुर के जाग्रति आजीविका स्व सहायता समूह में 10 सदस्य है। इस समूह का गठन 5 अक्टूबर 2015 में हुआ था। समूह की सदस्य एवं सचिव पपीता जसवंत चौहान पशुपालन, डेयरी का कार्य करती है। इसके साथ ही सदस्य ममता पांचाल जनरल स्टोर का कार्य, रुकमा जितेंद्र पशुपालन, डेयरी का कार्य, दुर्गा भगवान सिंह पशुपालन का कार्य, किरण गुरुचरण जाट किराना दुकान का कार्य, माया शांतिलाल पांचाल दवाई की दुकान का कार्य, देविका जितेंद्र सोनगरा सिलाई का कार्य, मनोरमा शंकरलाल साउंड सिस्टम का कार्य तथा दाखा जगदीश जनरल स्टोर्स का कार्य करती है। इन सभी की मासिक आय लगभग एक लाख 55 हजार रुपए है।

 चौहान ने कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा की प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना आरंभ करने के लिए धन्यवाद देते हुए कहा कि महिलाओं के जन्म से लेकर जीवन पर्यंत उनके सशक्तीकरण के लिए विभिन्न योजनाओं के माध्यम से व्यवस्था की गई है। प्रदेश में संबल योजना भी क्रियान्वित है। गर्भवती माताओं को प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना में, बेटी के जन्म होने पर लाड़ली लक्ष्मी योजना, बेटी स्कूल जाए तो नि:शुल्क पुस्तकें और स्कूल यूनिफार्म, बेटी दूसरे गाँव में पढ़ने जाए तो नि:शुल्क सायकिल, बेटी बारहवीं कक्षा में अच्छे नंबरों से पास हो तो गाँव की बेटी योजना का लाभ, बेटी कॉलेज जाए तो प्रतिभा किरण योजना के लाभ की व्यवस्था है। साथ ही बेटियों का घर ठीक से बस जाए इसके‍लिए मुख्यमंत्री कन्या विवाह योजना में व्यवस्था की गई है। मुख्यमंत्री चौहान ने कहा कि प्रदेश में अब तक 40 लाख से अधिक बेटियाँ लाड़ली लक्ष्मी बनी हैं। राज्य सरकार लाड़ली लक्ष्मी-दो योजना शीघ्र ही क्रियान्वित करने वाली है।

 चौहान ने कहा कि हमारी सरकार महिलाओं के शैक्षणिक, सामाजिक, आर्थिक, राजनैतिक सशक्तीकरण के लिए प्रतिबद्ध है। महिलाओं के लिए स्थानीय निकायों में 50 प्रतिशत आरक्षण सबसे पहले मध्यप्रदेश में दिया गया। महिलाओं के लिए संविदा शाला शिक्षक के 50 प्रतिशत पद पर तथा पुलिस की नौकरी में 30 प्रतिशत आरक्षण की व्यवस्था की गई है। महिलाओं ने भी आत्म-विश्वास के साथ काम कर नया इतिहास रचा है, यह बड़ा सामाजिक परिवर्तन है। इंदौर पाँच बार स्वच्छता में प्रथम आया है, वहाँ की मेयर एक महिला है। महिला सरपंच भी अनुकरणीय कार्य कर रही हैं।

 चौहान ने कहा कि आर्थिक सशक्तीकरण आत्म-सम्मान और आत्म- विश्वास के लिए जरूरी है। महिलाएँ आर्थिक रूप से सशक्त हों, बहनों की आमदनी बढ़े, यह महिलाओं के संपूर्ण सशक्तीकरण के लिए आवश्यक है। आजीविका मिशन में जुड़ी प्रत्येक महिला की न्यूनतम दस हजार रूपए प्रतिमाह आय हो, इस दिशा में राज्य सरकार निरंतर कार्यरत है। बैंकों से सहज और सरल रूप से महिलाओं को ऋण प्राप्त हो, इस उद्देश्य से प्रतिमाह बैंकों के साथ सघन बैठकें की जा रही हैं। मुख्यमंत्री चौहान ने कहा कि महिला स्व-सहायता समूहों की महिलाएँ रूपए-पैसे के डिजिटल लेन-देन के तरीकों को अपनाएँ। आजीविका मिशन की अवधारणा के 13 सूत्र को आत्म-सात करते हुए महिलाएँ पूरे आत्म-विश्वास से आगे बढ़ें, राज्य सरकार हर कदम पर महिलाओं के साथ है।

चौहान ने कहा कि आर्थिक के साथ-साथ सामाजिक सशक्तीकरण के क्षेत्र में भी महिलाओं की सक्रियता से बदलाव आ रहे हैं। महिला स्व-सहायता समूहों को नशामुक्ति, बाल विवाह की रोकथाम, स्वच्छता, पोषण, पर्यावरण संरक्षण जैसे विषयों में सामाजिक व्यवहार में सकारात्मक बदलाव के लिए भी निरंतर प्रयास करने चाहिए। 



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