क्षेत्रीय सांसद गुमानसिंह डामोर पर लगे 600 करोड़ के घोटाले के आरोपों को प्रदेश भाजपा एवं जिला भाजपा ने सिरे से नकारा~ यशवंत जैन

 क्षेत्रीय सांसद गुमानसिंह डामोर पर लगे 600 करोड़ के घोटाले के आरोपों को प्रदेश भाजपा एवं जिला भाजपा ने सिरे से नकारा

कहा -ः वर्ष 2006-07 में ना तो जीएस डामोर मुख्य अभियंता थे और ना ही इस अवधि में झाबुआ या आलीराजपुर जिले में 600 करोड़़ रू. लागत की कोई योजना स्वीकृत हुई

पत्रकारवार्ता में सभी आरोपो का किया गया खंडन

झाबुआ। रतलाम-झाबुआ-आलीराजपुर सांसद गुमानसिंह डामोर पर लगे कथित 600 करोड़ रू. के घोटाले को लेकर सांसद श्री डामोर के बचाव पक्ष मंे 30 दिसंबर, गुरूवार को जिला भाजपा की ओर से भाजपा जिला कार्यालय पर पत्रकारवार्ता का आयोजन किया गया। जिसमें उपस्थित भाजपा के प्रदेश कार्यकारिणी सदस्य ओमप्रकाश शर्मा, भाजपा जिला महामंत्री कृष्णपालसिंह गंगाखेड़ी एवं गौरव खंडेलवाल ने साफ तौर पर कहा कि माननीय आलीराजपुर न्यायालय में जिस वर्ष 2006-07 में सांसद पर पूर्व अभियंता रहते हुए 600 करोड़ रू. के घोटाले का जो परिवाद प्रस्तुत किया गया है, उस अवधि में सांसद मुख्य अभियंता पद पर थे ही नहीं। वहीं ना ही इस अवधि में आलीराजपुर या झाबुआ जिले में एक भी योजना ऐसी स्वीकृत नहीं हुई, जिसकी लागत 600 करोड़ रू. हो।

प्रारंभ में संचालन करते हुए भाजपा जिला मीडिया प्रभारी योगेन्द्र नाहर ने पत्रकारवार्ता के विषय पर प्रकाश डाला। बाद भाजपा जिला महामंत्री कृष्णपालसिंह गंगाखेड़ी ने कुछ बिंदुओं पर प्रकाश डालते हुए बताया कि सांसद श्री डामोर पर लगाए गए कथित करोड़ो के घोटाले के मामले की पूरी सच्चाई पता करने पर यह सामने आया है कि सांसद जीएस डामोर वर्ष 2006-07 में मुख्य अभियंता पद पर नहीं थे। उन पर आरोप लगाया गया है कि पीएचई विभाग के कार्यपालन यंत्री पद पर रहते हुए यह तथाकथित घोटाला उनके द्वारा किया गया है, परन्तु उक्त विभाग से प्राप्त जानकारी के अनुसार सांसद श्री डामोर झाबुआ एवं आलीराजपुर जिले में कभी भी कार्यपालन यंत्री के पद पर पदस्थ ही नहीं रहे, तो फिर उन्होंने घोटाला कैसे किया ... ?, वर्ष 2006-07 में आलीराजपुर अथवा झाबुआ जिले के एक भी ऐसी योजना स्वीकृत नहीं हुई, जिसकी लागत 600 करोड़ रू. रही हो।

सभी आरोप सरासर गलत है

पत्रकारवार्ता में भाजपा जिला महामंत्री श्री गंगाखेड़ी ने आगे कहा कि विभागीय सूत्रांे से यह भी बताया गया कि आलीराजपुर जिला वर्ष 2008 में झाबुआ जिले से अलग हुआ। नया जिला बनने के बाद आलीराजपुर जिले के लिए फलोरोसिस निवारण के लिए कभी भी 600 करोड़ रू. का बजट नहीं मिला। माननीय न्यायालय में प्रस्तुत परिवाद मेंघोटाले में 600 करोड़ रू. का आरोप नहीं लगाया गया है। विभागीय सूत्रों से जिला भाजपा को मिली जानकारी के अनुसार झाबुआ जिले में लगभग 51 करोड़ की योजना स्वीकृत हुई थी, जो वर्तमान में कार्यरत है। इस तथाकथित घोटाले को उन लोगों द्वारा ही फैलाया जा रहा है, जो भारतीय जनता पार्टी को बदनाम करना चाहते है। जिन्हें जनता ने साफ तौर पर नकार दिया है। झाबुआ-आलीराजपुर जिले में राजनीति में पिछले 40-50 वर्षों से जमे हुए थे, उनको जनता द्वारा उखाड़ फैंकने के कारण बोखलाहट के चलते इस मामले में झूठा प्रोपोगोंडा कर बदनाम करने की साजिश की जा रहीं है।

सांसद माननीय न्यायालय में रखेंगे अपना पक्ष

इस अवसर पर भाजपा के प्रदेश कार्यकारिणी सदस्य ओमप्रकाश शर्मा ने कहा कि आगामी 17 जनवरी 2022 को सांसद जीएस डामोर इस मामले में अपना पक्ष रखेंगे। जिसके बाद दूध का दूध और पानी का पानी हो जाएगा। प्रदेश भाजपा एवं जिला भाजपा तथाकथित इस घोटाले में आपसी रंजिश के चलते लगाए गए इन सभी आरोपो को सिरे से नकारती है एवं इसका खंडन करती है। इस अवसर पर भाजपा जिला महामंत्री गौरव खंडेलवाल ने भी कहा कि जिला भाजपा इस तथकथित झूठा मामले में, जो भेदभाव या गलत नीति से लगाया गया है, इसमें पूर्णतः सांसद श्री डामोर के साथ है। आलीराजपुर न्यायालय में चल रहे इस प्रकरण में जल्द ही साजिशकारो की सच्चाई सामने आ जाएगी।

यह रहे उपस्थित

पत्रकारवार्ता में भाजपा मीडिया सेल विभाग के जिला संयोजक जितेन्द्र जैन, जिला कार्यालय मंत्री मनोहर मोदी, भाजपा आईटी सेल जिला संयोजक अर्पित कटकानी, युवा भाजपा नेता भूपेश सिंगोड़, पूर्व भाजपा जिला उपाध्यक्ष ओपी राय, भाजपा मंडल महामंत्री एवं युवा पार्षद पपीश पानेरी, पूर्व कल्याणपुरा मंडल अध्यक्ष भुरूभाई चौहान, भील जनजाति सेवा संघ के अध्यक्ष अजय डामोर, मनोज अरोरा, पार्षद अजय सोनी, कार्यकर्ता रमण कनेश आदि उपस्थित थे।

फोटो 001 -ः पत्रकारवार्ता का संचालन करते भाजपा जिला मीडिया प्रभारी योगेन्द्र नाहर एवं उपस्थित वरिष्ठ भाजपा पदाधिकारीगण।

फोटो 002 -ः सांसद जीएस डामोर पर लगे सभी आरोपो का खंडन करते भाजपा प्रदेश कार्यकारिणी सदस्य ओमप्रकाश शर्मा एवं भाजपा जिला महामंत्रीद्वय श्री गंगाखेड़ी तथा श्री खंडेलवाल।