असली नक्सलियों से अधिक खतरनाक होते हैं अर्बन नक्सल्स

 असली नक्सलियों से अधिक खतरनाक होते हैं अर्बन नक्सल्स

 जंगल के नक्सली तो वार करते हैं कुछ एक शरीरों के ऊपर पर अर्बन नक्सल्स वार करते हैं हजारों, लाखों और करोड़ों मस्तसको पर.

 हाथों में बंदूक, गोला-बारूद के कारण तुरंत पहचान में आ जाते हैं जंगल के नक्सली पर हम आप में से ही होते हैं कोर्ट पेंट वाले अर्बन नक्सल

जंगल के नक्सलियों का एरिया होता है सिर्फ कुछ किलोमीटर का जंगल क्षेत्र पर अर्बन नक्सल्स का दायरा इतना व्यापक होता है कि वह चाहे तो उनकी आवाज या संदेश कुछ दूर तक ही सुनाई दे और अगर वे चाहें तो कुछ ही घंटों में पूरी दुनिया में उनके संदेशों की गूंज सुनाई देने लगती है

"अर्बन नक्सल" यह शब्द किसने इजाद किए, यह तो नहीं पता पर वह जो भी है उसे बहुत-बहुत साधुवाद!

आज अपने इस शो में हम आपको कुछ बिंदु बताएंगे जिससे आपको पता चलेगा कि इन अर्बन नक्सल्स का मॉडस ऑपरेंडी क्या होता है?

यह लोग चार्ल्स बुवस्की द्वारा कही इस बात को हमेशा दिमाग में रखते हैं कि "बुद्धिमान लोग हमेशा शंकाओं से गिरे रहते हैं पर बेवकूफ हमेशा विश्वास से भरे होते हैं"       इसलिए हमेशा ऐसी बात बोलते हैं जिससे बुद्धिमान कंफ्यूज हो जाते हैं और मूर्ख सहमत.

1. इन लोगों ने रफाल डील के समय यह किया था एक-एक दिन में ही उस विमान की अलग-अलग कीमतें बता देते थे जिससे बुद्धिमान मन में मोदी के प्रति शक करने लगते थे, वही मूर्ख उनकी बातों को अक्षरस: मान लेते थे.

2. जब चीन गलवान घाटी से हटने लगा तो इन्हें खतरा हुआ और उन्होंने कहना शुरू कर दिया कि "मोदी कमजोर है" "डरपोक है" वगैरा-वगैरा 

3. यही किया इन्होंने फर्जी किसान आंदोलन में- बार-बार तीनों कृषि कानूनों को किसानों के लिए "डेथ वारंट" कहना शुरू कर दिया 

 इन 3 बिंदुओं से हमने आपको बताया कि किस तरह से इन अर्बन नक्सल्स ने लोगों को देश के लिए अहम साबित हो रहे हर मुद्दे पर जमकर कंफ्यूज किया है और हर बार अपने हित साधने के लिए यह कुछ भी करने को तैयार हो जाते हैं.