ओंकारेश्वर के सरकारी अस्पताल में नहीं है बुनियादी सुविधाएं

ओंकारेश्वर ( नि प्र ) तीर्थ नगरी ओंकारेश्वर के अस्पताल को कागजों पर सिविल अस्पताल का दर्जा दिया गया है किंतु सुविधा के अभाव में लैब टेक्नीशियन एवं उपकरण व आवश्यक दवाई गोली के अभाव में मरीजों को काफी असुविधा होती है इतना ही नहीं ओकारेश्वर के शासकीय हाई स्कूल के पास जंगल में बना पोस्टमार्टम कक्ष अपनी दुर्दशा पर आंसू बहा रहा है आपातकालीन घटना दुर्घटना व गंभीर घटनाओं में शवों को होने वाले पोस्टमार्टम के समय यहां पदस्थ डॉक्टरों द्वारा खुले आसमान के नीचे पोस्टमार्टम करना मजबूरी बन गया है स्थानीय लोगों द्वारा कई बार शासन प्रशासन से पोस्टमार्टम कक्ष को दुरस्त कर सुव्यवस्थित बनाने की मांग लंबे समय से की जा रही है। किंतु जिम्मेदारों द्वारा उसे गंभीरता से नहीं लिया जा रहा वर्तमान पोस्टमार्टम कक्ष के आसपास हाई स्कूल के साथ मकान निर्माण होने से काफी बस्ती हो गई है वर्तमान पोस्टमार्टम कक्ष को नगर परिषद ओकारेश्वर के ट्रेंचिंग ग्राउंड के निकट पड़ी रिक्त भूमि पर नवीन पोस्टमार्टम कक्ष बनाने की मांग समाज सेवि ललित दुबे द्वारा की जा रही है ओकारेश्वर के सिविल अस्पताल में आवश्यक उपकरण एवं लैब टेक्नीशियन नहीं होने से ओकारेश्वर आने वाले श्रद्धालुओं सहित आसपास जुड़े ग्रामीण क्षेत्र के लोगों को 20 किलोमीटर दूर बड़वाह सनावद जांच के लिए भेजा जा रहा है आपातकालीन स्थिति में एंबुलेंस नहीं होने से 108 घंटों इंतजार के बाद ओकारेश्वर अस्पताल पहुंचती है जब तक असमय मरीज काल का ग्रास बन जाता है कई बार वाद विवाद की स्थिति भी निर्मित हुई मुख्य चिकित्सा स्वास्थ्य अधिकारी एवं अन्य जिम्मेदारों द्वारा तीर्थ नगरी ओकारेश्वर के सिविल अस्पताल की उपेक्षा की जा रही है रोगी कल्याण समिति बैठक नहीं लिए जाने से ओकारेश्वर अस्पताल में क्या सुविधा दी जाना है कोई ध्यान नहीं दिया जा रहा यहां पदस्थ वर्तमान डॉक्टर मनमानी पूर्ण कार्य कर रहे हैं समय-समय पर होने वाले कैंप वो बैठकों की जानकारी मीडिया को नहीं दी जाती