कोरोना हॅूं मैं, कोई बचना नहीं है मेरे सिवा ...नुक्कड़ नाटक के माध्यम से दिया लोगों को सावधान रहने का संदेश 

महू, २७ अक्टू़। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के संदेश कि कोरोना अभी गया नहीं है, सावधानी रखनी है, पर आधारित नुक्कड़ नाटक ‘जो न समझे वो अनाड़ी है‘, का मंचन गोकुलगंज धान मंडी चौराहे पर शाम को किया गया। 


नाटक की कथा वस्तु में तीन प्रसंग जोड़े गए जिसमें तीन सहेलियों द्वारा मास्क न पहनने पर चौथी सहेली द्वारा उन्हें मास्क के लिये प्रेरित करना, पुत्र द्वारा पिता की कोरोना से बचने के लिये हिदायत देना और कोरोना संक्रमित युवक के साथ लापरवाही से रहने वाले दोस्तों में संक्रमण फैलना जैसे प्रसंग शामिल थे। घर में रहो, सेफ रहो, जान है तो जहान है जैसे प्रेरक नारों का भी इसमें समावेश रहा। इसमें मूल रुप से संजय यादव, मनोरमा ठोमरे, उमा गोयल देवांशी गुर्जर और वेदांशी परदेशी ने अभिनय किया। जबकि कोरोना संक्रमण का रुप धारण किये शिवानी अग्रवाल नाटक में आकर्षण का केन्द्र रही जिसने पैरोडी गीत गाया- कोरोना हूँ मैं, इस दुनिया में कोई बचना नहीं है मेरे सिवा.. से लापरवाही बरतने वालों को भयभीत किया। अंतत: लोगों की जागरुकता के चलते कोरोना संक्रमण अपने इरादे में हर कदम पर पराजित होता रहा।   


लगभग ३० मिनिट के इस नुक्कड़ के लेखक निर्देशक रहे दिनेश सोलंकी। यह नाटक महज तीन रिहर्सल में पूरा किया गया। इसके अन्य मंचन भी आने वाले दिनों में किये जाएंगे।



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