लाँकडाउन के चलते मरीज टू व्हीलर पर ही अस्पताल- अस्पताल भटकता रहा, इलाज नहीं मिला और हो गई मौत

इंदौरःकोरोना जैसी महामारी के चलते पूरे देश में लाँकडाउन चल रहा है। इसबीच मरीजों को सबसे ज्यादा परेशानियों का सामना करना पड़ा रहा है, क्योंकि अस्पताल वालों मरीजों को इधरउधर भटकने को मजबूर कर रहे हैं। मरीज इलाज के लिए तरस रहा है, लेकिन अस्पताल वाले इलाज नहीं कर रहे हैं। कल ऐसा ही एक मामला अहिल्या पलटन निवासी शख्स कोरोना संदिग्ध पांडु राव की मौत हो गई। चार दिन पहले वे तबियत खराब होने पर एमवाय अस्पताल में डाक्टर को दिखाने आए थे। तब डाक्टर ने दवाई देकर सीने का एक्सरे उतरवाया था। उस एक्सरे की रिपोर्ट में क्या आया, अभी तक पता नहीं हैं।


तब पांडू राव को अस्पताल से दवाई देकर घर भेज दिया गया था। कल सुबह फिर मरीज को अचानक सांस लेने में तकलीफ हुईं तो परिजन उसें तुरंत क्लॉथ मार्केट अस्पताल लेकर पहुंचे। इस दौरान बीच रास्ते मे ही पांडू राव की मौत हो गयी । लेकिन पांडू राव के परिजनों को विश्वास नहीं हुआ तो वह तुरंत एमवाय अस्पताल एक्टिवा पर लेकर पहुचे लेकिन मरीज की पहले ही मौत हो चुकी थी।


अस्पताल से संतुष्ट होने के बाद परिजन डेड बॉडी को एक्टिवा पर ही लेकर 103 कमला नेहरू नगर मरीमाता स्थित घर पर ले गया। घर ले जाने के बाद तुरंत अंतिम संस्कार कर दिया गया।


डा.ज्योति बिंदल, डीन, इंदौर मेडिकल कालेज ने बताया कि
पांडू राव के बारे में उन्हें कोई जानकारी नहीं थी।