इंदौर प्रशासन को कटघरे में लिया रतलाम कलेक्टर ने

रतलाम। 9अप्रैल 2020 कोरोना संक्रमित पाए गए व्यक्ति मोहम्मद कादरी उर्फ बाबू भाई को  रतलाम में दफन करने के मामले में रतलाम कलेक्टर रुचिका चौहान ने इंदौर जिला प्रशासन को कठघरे में खड़ा कर दिया है। इस विषय मे कलेक्टर रतलाम ने मुख्य सचिव एवं संभागायुक्त को पत्र भेजा है। प्रशासन की और से जनसंपर्क कार्यालय ने व्हाट्स एप ग्रुप पर यह जानकारी दी  है। पत्र में मृतक का कोरोना जांच के लिए सैंपल लिया गया है । इसकी  जानकारी इंदौर जिला प्रशासन ने रतलाम जिला प्रशासन को नहीं दी इस बात को आधार बनाया गया है। इसी के साथ लॉक डाउन और सीमा सील होने के बावजूद मृतक की देह रतलाम कैसे पहुँच गई। कलेक्टर रुचिका चौहान ने इस मामले की जांच के लिए एसडीएम रतलाम ग्रामीण को जांच अधिकारी नियुक्त किया है। मुख्य सचिव को भेजे पत्र में कलेक्टर ने स्पष्ट किया है कि मृतक का कोरोना जांच के लिए सैंपल लिया गया है। इंदौर प्रशासन ने न तो इसकी जानकारी रतलाम प्रशासन के साथ साझा की और न ही शव का अंतिम संस्कार संभावित कोविड-19 पॉजिटिव मानकर नियत प्रोटोकॉल अनुसार  करवाया गया । यह एक गंभीर त्रुटि है। कलेक्टर रुचिका चौहान ने कोरोना संक्रमित व्यक्ति के शव के रतलाम जिले की सीमा में प्रवेश की जांच हेतु रतलाम ग्रामीण एसडीएम श्री प्रवीण फूल पगारे को जांच अधिकारी नियुक्त किया गया है जांच अधिकारी द्वारा विभिन्न तथ्यों के आधार पर विस्तृत जांच की जाएगी की जिले की सीमा में संक्रमित व्यक्ति का शव किन परिस्थितियों में प्रवेश कराया गया।