अंतरराज्यीय प्रवासी मज़दूरों की आशंकाओं को दूर करने के लिए रैपिड रिस्पॉन्स टीम

* प्रवासी मज़दूरों के लिए मानसिक समर्थन सुनिश्चित किया जाएगा


* रैपिड रिस्पॉन्स टीम इसमें मदद करेगी


* क्विक रिस्पॉन्स टीम कैंपों का दौरा करेगी


* सहायता के लिए कॉल सेंटर-हेल्प डेस्क की स्थापना


तिरुनृवनंतपुरम, 13 अप्रैल: केरल में अंतरराज्यीय प्रवासी मज़दूरों की परेशानियों और आशंकाओं को दूर करने के लिए एक रैपिड रिस्पॉन्स टीम का गठन किया गया है। यह टीम राज्य स्तर पर प्रवासी मज़दूरों के मनोवैज्ञानिक और सामाजिक समस्याओं के समाधान के लिए काम करेगी। सुप्रीम कोर्ट और केंद्र सरकार ने राज्यों को प्रवासी मज़दूरों के आवास और उनके मानसिक कल्याण को सुनिश्चित करने के लिए कदम उठाने का आदेश दिए थे।  


एलएसजीडी के विशेष सचिव के बिजू, सहकारी रजिस्ट्रार ए अलेक्जेंडर, पुलिस साउथ जोन के डीआईजी कोरी संजय कुमार गुरुदीन, और तिरुवनंतपुरम असिस्टेंट कलेक्टर अनुकुमार के नेतृत्व में राज्य स्तरीय कोर टीम ने यह निर्णय लिया।


ज़िला श्रम अधिकारी की अध्यक्षता में ज़िला स्तरीय समितियों का भी गठन किया गया है। इनमें एडीएम, डीवाईएसपी, जिला मानसिक स्वास्थ्य विभाग के नोडल अधिकारी, पंचायत के उप निदेशक और महिला एवं बाल कल्याण विभाग के जिला परियोजना अधिकारी शामिल हैं। फील्ड विज़िट और डेटा संबंधी समीक्षा करने के लिए यह समिति हर तीन दिनों में एक बार मिलेगी। राज्य स्तर पर कमिश्नरेट इसपर नज़र रखेगा।


सहायक श्रम अधिकारियों की अध्यक्षता में ज़िला स्तर पर क्विक रिस्पॉन्स टीम भी बनाई गई है। संबंधित जिला पंचायत सचिव, पुलिस विभाग से नियुक्त अधिकारी या होमगार्ड और संबंधित ग्राम विस्तार अधिकारी इसके सदस्य होंगे। इनपर ज़िम्मेदारी होगी कि वह लेबर कमिश्नरेट कॉल सेंटर और जिला स्तर पर हेल्प डेस्क से मिले संदेशों का पर्याप्त हल निकालें। प्रवासी मज़दूर इन कॉल सेंटरों और हेल्प डेस्क पर कॉल कर सकते हैं।


रैपिड रिस्पॉन्स टीम और क्विक रिस्पॉन्स टीम में ज़िला मानसिक स्वास्थ्य विभाग के नोडल अधिकारी द्वारा प्रशिक्षित एक मनो-सामाजिक प्रतिक्रिया टीम भी शामिल होगी। यह बहुभाषी टीम प्रवासी मज़दूरों को लॉकडाउन के दौरान राज्य सरकार द्वारा दी जा रही सुविधाओं, और बरती जाने वाली सावधानियों के बारे में बताएंगे। श्रम आयुक्त प्रणब ज्योतिनाथ ने कहा कि प्रवासी मज़दूरों को मानसिक समर्थन देने के इरादे से इन योजनाओं को लागू किया जा रहा है।


बैठक में प्रवासी मज़दूरों के लिए चल रही कल्याणकारी गतिविधियों की समीक्षा भी की गई। संबंधित लोगों को यह सुनिश्चित करने के लिए निर्देश दिए गए हैं कि अंतरराज्यीय प्रवासी मज़दूरों को सभी सुविधाएं उपलब्ध हों।


सामाजिक न्याय विभाग की संयुक्त निदेशक, एस जलजा, स्वास्थ्य विभाग के राज्य नोडल अधिकारी, डॉ पी एस किरण, अतिरिक्त श्रम आयुक्त, रंजीत पी मनोहर, के श्रीलाल और श्रम आयुक्तालय के वरिष्ठ अधिकारी इस बैठक में शामिल थे।