Yes बैंक के ग्राहकों के लिए बड़ी ख़ुशख़बरी, इस दिन ख़त्म हो जाएगी निकासी पर लगी पाबंदी

सरकार ने पूंजी संकट से जूझ रहे निजी क्षेत्र के यस बैंक की पुनर्गठन (रि-कंस्ट्रक्शन) योजना की अधिसूचना जारी कर दी है. सरकार ने कहा है कि बैंक खातों से निकासी पर लगी रोक को "अगले दिन कार्य दिवस (वर्किंग डे)" में हटा लिया जाएगा. ग्राहकों के लिए 50,000 रुपए तक निकासी सीमा तय की गई है. यह रोक तीन अप्रैल तक के लिए लगाई गई है.



भारतीय रिजर्व बैंक ने इस महीने की शुरुआत में यस बैंक के निदेशक मंडल की जगह पर प्रशासक नियुक्ति की थी. साथ ही बैंक खाते से 50,000 रुपए तक की निकासी की सीमा तय करने के साथ अन्य प्रतिबंध लगाए गए थे. आरबीआई के इस फैसले से जमाकर्ताओं को अपनी पूंजी को निकालने में काफी मशक्कत का सामना करना पड़ रहा है.


भारतीय रिजर्व बैंक की तरफ से प्रस्तावित ड्राफ़्ट को कैबिनेट की मंजूरी मिल गई है. इसके तहत बैंक में निवेश करने वाला 49 फीसदी तक की हिस्सेदारी ख़रीद सकता है. भारतीय रिजर्व बैंक ने लोगों से भी ड्राफ्ट स्कीम को लेकर सुझाव मांगे थे और 9 मार्च को इसकी आख़िरी तारीख़ रखी थी. बता दें कि इससे पहले यस बैंक को डूबने से बचाने के लिए भारतीय रिजर्व बैंक ने ही इससे पैसे निकालने की सीमा को 50 हजार रुपए तक सीमित कर दिया था. हालांकि, शादी, उच्च शिक्षा या किसी मेडिकल इमरजेंसी में अधिक पैसे भी निकालने की इजाज़त थी. इस प्रतिबंध के बाद ही भारतीय रिजर्व बैंक ने यस बैंक के लिए ये स्कीम जारी की थी.


सरकार ने शुक्रवार को अधिसूचना में कहा, "इस पुनर्गठन योजना के लागू होने की तारीख़ से तीन दिन के भीतर यस बैंक पर लगी रोक को हटा लिया जाएगा." बता दें कि यस बैंक के ग्राहकों को इंटरनेट बैंकिंग, यूपीआई पेमेंट और एटीएम से नकदी निकालने में भी दिक्कत हो रही है. इसी तरह, चालू खाता धारकों ने भी कई प्रकार की समस्याओं की सूचना दी है. शुक्रवार को केंद्रीय मंत्रिमंडल ने यस बैंक के लिए केंद्रीय बैंक द्वारा प्रस्तावित पुनर्गठन योजना को मंजूरी दे दी है.


मंत्रिमंडल की बैठक के बाद वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने कहा, "केंद्रीय मंत्रिमंडल ने भारतीय रिजर्व बैंक की ओर से प्रस्तावित पुनर्गठन योजना को मंजूरी दे दी है. भारतीय स्टेट बैंक (SBI) यस बैंक में 49 प्रतिशत इक्विटी हिस्सेदारी खरीदेगा और अन्य निवेशकों को भी आमंत्रित किया जाएगा. इस अधिसूचना के सात दिन के भीतर निदेशक मंडल का गठन कर लिया जाएगा."

संकट में फंसे यस बैंक के लिए आरबीआई की ओर से प्रस्तावित योजना के मुताबिक, एसबीआई यस बैंक में 49 प्रतिशत हिस्सेदारी का अधिग्रहण करेगा और कम से कम से तीन तक उसे यस बैंक में अपनी 26 फीसदी हिस्सेदारी बरकरार रखनी होगी