इमामबाड़ा और नया कबाड़खाना में संजीवनी क्लीनिक का लोकार्पण स्वास्थ्य सेवाओं का बेहतर प्रबंधन हमारा लक्ष्य

भोपाल : 4 मार्च 2020, सहकारिता तथा जिले के प्रभारी मंत्री श्री गोविन्द सिंह, लोक निर्माण मंत्री श्री सज्जन सिंह वर्मा, स्वास्थ्य मंत्री श्री तुलसी सिलावट और गैस त्रासदी एवं अल्पसंख्यक कल्याण मंत्री श्री आरिफ अकील द्वारा स्वास्थ्य सेवाओं के बेहतर प्रबंधन के लिए आज भोपाल स्थित इमामबाड़ा और नया कबाड़खाना क्षेत्र में नागरिकों की सहायता और स्वास्थ्य की बेहतर सेवाएं उपलब्ध कराने के उद्देश्य से संजीवनी क्लीनिकों का लोकार्पण किया। इस अवसर पर पार्षद सहित स्थानीय जनप्रतिनिधि और बड़ी संख्या में आम नागरिक उपस्थित थे।

स्वास्थ्य मंत्री श्री तुलसी सिलावट ने जन समुदाय को संबोधित करते हुये कहा कि प्रदेश सरकार नागरिकों को अच्छी सुविधाएं उपलब्ध कराने तथा उनकी बेहतरी के लिये कार्य कर रही है। इस संजीवनी क्लीनिक के खुलने से स्वास्थ्य सेवाओं में इजाफा होगा और इस क्षेत्र में आम जनता को स्वास्थ्य की बेहतर सेवाएं उपलब्ध होगी। सरकार आम जनता की परेशानियों को दूर करने और उनकी बेहतरी के लिये प्रतिबद्ध है। उन्होंने कहा कि स्वास्थ्य सेवाओं का और अधिक विस्तार किया जायेगा जिससे आमजनों को और अधिक लाभ मिल सके।




मंत्री श्री सज्जन सिंह वर्मा ने कहा कि प्रदेश सरकार स्वास्थ्य और शिक्षा के क्षेत्र को और अधिक मजबूत कर रही है। शासन की मंशा है कि स्वस्थ जीवन और बेहतर शिक्षा हमारी प्राथमिकता है। इसे आम जनता तक पहुंचाना हमारी जिम्मेदारी है। स्वास्थ्य सेवाओं का लाभ अंतिम पक्ति के व्यक्ति तक पहुंचाना हमारा लक्ष्य है। संजीवनी क्लीनिक  सुबह 10 बजे से शाम 6 बजे तक संचालित होंगे। यह क्लीनिक मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी के अधीन संचालित होंगे। संजीवनी क्लीनिक में 68 प्रकार की लेबोरेटरी जांच और 120 प्रकार की दवायें मरीजों को नि:शुल्क प्रदान की जायेगी। संजीवनी क्लीनिक में मेडिकल आफीसर्स फार्मासिस्ट, स्टाफ नर्स, एएनएम, लेब टेक्निशियन, मल्टी टास्क वर्कर की टीम उपलब्ध रहेगी। क्लीनिक में आने वाले प्रत्येक मरीज का रजिस्ट्रेशन होगा और उसका डाटा का संधारण भी किया जायेगा। संजीवनी क्लीनिक में सामुदायिक भागीदारी के लिये आशा, एएनएम एवं महिला आरोग्य समिति की महत्वपूर्ण भूमिका रहेगी । एक आशा प्रत्येक 2500 की जनसंख्या एवं एक एएनएम दस हजार की जनसंख्या पर कार्यरत रहेंगी।



संजीवनी क्लीनिक खोलने के पीछे मध्यप्रदेश सरकार की मंशा बस्ती क्षेत्रों के लोगों को घर के नजदीक ही स्वास्थ्य सेवायें मुहैया करवाना है। संजीवनी क्लीनिक के माध्यम से ओ.पी.डी. परामर्श सेवायें, गर्भवती महिलाओं की जाँच, टीकाकरण सेवायें, संचारी रोग एवं अंसचारी रोग, वृद्धजनों के लिए स्वास्थ सेवायें, शिशु रोग सेवायें प्रदान की जायेंगी।
स्वास्थ्य विभाग द्वारा लेब एवं दवाईयों के साथ-साथ मेडिकल ऑफिसर, फार्मासिस्ट, स्टॉफ, नर्स, लेब टेक्नीशियन, मल्टीटास्क वर्कर की सेवायें उपलब्ध कराई गई है। संजीवनी क्लीनिक में मरीजों का पंजीयन परामर्श एवं दवा वितरण की सुविधा टेबलेट के माध्यम से  होगी। इस काम में विश फाउडेंशन द्वारा साफ्टवेयर की सुविधा, डाटा संधारण एवं अन्य तकनीकी सहयोग प्रदान किया जा रहा हैं।


स्वास्थ्य विभाग अलर्ट पर - कोरोना वायरस की रोकथाम एवं नियंत्रण के निर्देश

स्वास्थ्य विभाग द्वारा कोरोना वायरस की रोकथाम एवं नियत्रंण के संबंध में संभाग के जिलों के सभी शासकीय मेडिकल कॉलेजों के डीन, सभी सीएमएचओ तथा सिविल सर्जन सह मुख्य अस्पताल अधीक्षक को निर्देश दिए हैं । स्वास्थ्य विभाग ने अपने निर्देश में कहा है कि चीन के हुबई राज्य के बुहान शहर में एक नए प्रकार का कोरोना वायरस से निमोनिया के प्रकरण पाए गए हैं। कोरोना वायरस फैमिली के वायरस से सामान्य सर्दी-खांसी, MERS o SARS जैसी गंभीर बीमारियों होती है। इसमें मनुष्य से मनुष्य में संक्रमण फैलने की संभावना होती है।
स्वास्थ्य विभाग द्वारा सभी संबंधित अधिकारियों को चिकित्सकों तथा स्वास्थ्य कर्मियों को कोरोना वायरस के प्रति जागरूक करने तथा तीव्र श्वसन संक्रमण, इन्फ्लूएंजा जैसी बीमारी के मरीजों पर नजर रखने एवं एक ही स्थान से आने वाले तीव्र श्वसन संक्रमण, इन्फ्लूएंजा जैसी बीमारी के मरीजों की जानकारी रखने के संबंध में निर्देश दिए गए हैं। चीन के अलावा थाईलेंड, साउथ कोरिया, जापान व संयुक्त राष्ट्र अमेरिका में भी चीन से आए यात्रियों में इस वायरस की पुष्टि हुई है ।



कोरोनो वायरस के लक्षण तथा केस डेफिनेशन


कोरोना वायरस के लक्षणों में तेज बुखार  (38ºC),  खांसी, गले में खरास तथा सांस फूलना शामिल है । लक्षण प्रकट होने के पहले 14 दिन के भीतर चीन के हुबई राज्य के वुहान शहर की यात्रा की हो या कोई स्वास्थ्य कर्मी जो गंभीर श्वसन संक्रमण के मरीज के सम्पर्क में आया हो चाहे उसकी ट्रेवल हिस्ट्री न हो तथा मरीज जिसमें असामान्य एवं असंभावित लक्षण प्रकट हो रहे हो व सभी संभव इलाज के पश्चात्य भी हालत में सुधार न हो रहा हो और कारण स्पष्ट न हो पा रहा हो  ।
  


इसके अतिरिक्त वह व्यक्ति जिसमें गंभीर श्वसन संक्रमण SARI तथा लक्षण प्रकट होने में 14 दिन के भीतर वह किसी nCov (कोरोना वायरस) में कन्फर्म केस के सम्पर्क में आया हो, किसी nCov के प्रकरण को रिपोर्ट करने वाले अस्पताल गया हो या किसी दब्वअ रिपोर्ट करने वाले देश से आए हुए जानवर के सीधे सम्पर्क में आया हो । कोरोना वायरस nCov की जांच थ्रोट स्वाब के लिए NIV Pune में व्यवस्था की गई है ।

कोरोना वायरस नियंत्रण व रोकने के उपाय
स्वास्थ्य विभाग द्वारा कोरोना वायरस नियंत्रण व रोकने के उपाए बताए गए हैं । इसमें जल्दी रोग की पहचान व संक्रमण के स्त्रोत का नियंत्रण के लिए स्वास्थ्यकर्मियों को रोग की जानकारी रखने के लिए कहा गया है ताकि संभावित मरीज की जल्दी पहचान हो सके । इसी प्रकार जांच के लिए प्रश्नावली तैयार करने, रोग के लक्षणों व रोकने के उपायों का प्रचार-प्रसार करने, खांसते तथा छींकते समय मुंह या रूमाल कपड़ा आदि लगाने एवं कोहनी से नाक मुंह को ढंकना जरूरी है। इसी प्रकार संभावित कोरोना वायरस मरीज को अन्य मरीजों से अलग ऑइसोलेश्न वार्ड में रखने, संभावित कोरोना वायरस के मरीज को मास्क पहनने की सलाह देने तथा मरीज के सम्पर्क में आने से पहले व बाद में हाथ धोना जरूरी है।  
संभावित कोरोना वायरस के मरीज द्वारा बरती जाने वाली सावधानियां
 स्वास्थ्य विभाग द्वारा निर्देश दिए गए हैं कोरोना वायरस से बचाव के लिए सामान्य सावधानियों के साथ-साथ संभावित मरीज में परिवार के सदस्यों, मिलने-जुलने वाले लोगों तथा देखभाल करने वाले स्वास्थ्य कर्मियों का मास्क पहनना व बार-बार हाथ धोना जरूरी है। मरीज को अलग एक स्वच्छ हवादार आईसोलेट कमरे में रखने और यदि संभव न हो तो सभी संभावित एक ही प्रकार के लक्षणों वाले मरीजों को एक ही कमरे में रखना चाहिए । दो मरीजों में पलंग के बीच की दूरी का अंतर कम से कम एक मीटर होना चाहिए तथा जहां तक संभव हो स्वास्थ्य कर्मियों का एक पृथक से समूह बनाकर उन्हीं से संभावित मरीजों की देखभाल कराएं। एक बार उपयोग में लाए जाने वाले डिस्पोजिबल उपकरणों का प्रयोग न करें । कोरोना वायरस के संबंध में अधिक जानकारी के लिए वेबसाईट www.who.int  का उपयोग कर सकते हैं। इसके साथ ही किसी भी मरीज में उपरोक्त लक्षण पाए जाने पर jdsbho_mp@nic.in पर ईमेल के द्वारा अथवा मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी भोपाल 1250 चिकित्सालय में सूचित कर सकते हैं।
   
                                 
पार्षदों की निर्वाचन व्यय सीमा निर्धारित

नगर पालिक निगम, नगर पालिका परिषदों तथा नगर परिषदों में पार्षदों के निर्वाचन के लिये व्यय सीमा निर्धारित की गयी है। दस लाख से कम जनसंख्या वाले नगरपालिक निगमों में पार्षदों के निर्वाचन व्यय की अधिकतम सीमा 3 लाख 75 हजार रूपये और 10 लाख से अधिक जनसंख्या पर 8 लाख 75 हजार रूपये निर्धारित की गयी है।
इसी तरह नगरपालिका परिषदों में एक लाख से अधिक जनसंख्या पर 2 लाख 50 हजार रूपये, 50 हजार से एक लाख तक जनसंख्या पर एक लाख 50 हजार रूपये और 50 हजार से कम जनसंख्या की नगरपालिका परिषदों के पार्षदों के निर्वाचन व्यय की अधिकतम सीमा एक लाख रूपये निर्धारित की गयी है। नगर परिषदों के लिये यह व्यय सीमा 75 हजार रूपये तय की गयी है।

नगरीय निकायों एवं पंचायतों की मतदाता-सूची का अंतिम प्रकाशन 26 मई को

कलेक्टर एवं जिला निर्वाचन अधिकारी श्री तरूण पिथोड़े ने बताया कि मध्यप्रदेश राज्य निर्वाचन आयोग द्वारा नगरीय निकायों और त्रि-स्तरीय पंचायतों के निर्वाचन के लिये फोटोयुक्त मतदाता-सूची के वार्षिक पुनरीक्षण का कार्यक्रम घोषित कर दिया गया है । मतदाता-सूची का पुनरीक्षण एक जनवरी, 2020 की संदर्भ तारीख के आधार पर किया   जायेगा । फोटोयुक्त मतदाता-सूची का अंतिम प्रकाशन 26 मई को होगा।
फोटो-रहित प्रारूप मतदाता-सूची 16 अप्रैल को वेबसाइट पर अपलोड की जायेगी। फोटोयुक्त प्रारूप मतदाता-सूची का नगरपालिका वार्ड, ग्राम पंचायत एवं अन्य विहित स्थानों पर सार्वजनिक प्रकाशन 22 अप्रैल को किया जायेगा।दावा-आपत्ति केन्द्रों पर दावा-आपत्ति 22 से 30 अप्रैल तक (अपरान्ह 3 बजे तक) लिये जायेंगे। दावा-आपत्तियों का निराकरण 5 मई तक किया जायेगा। फोटोयुक्त अंतिम मतदाता-सूची का विहित स्थानों पर सार्वजनिक प्रकाशन 26 मई, को होगा।




 

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