सर्जिकल स्ट्राइक पर सवाल उठाने से पहले खुद पर उठ रहे सवालों के जवाब दें कमलनाथ : विष्णुदत्त शर्मा

भोपाल, सर्जिकल स्ट्राइक का क्या असर हुआ, इसके क्या परिणाम हुए इसके बारे में पाकिस्तान के प्रधानमंत्री इमरान खान ही काफी कुछ बता चुके हैं। कांग्रेस नेताओं को छोड़कर देश की जनता भी सर्जिकल स्ट्राइक भलीभांति जानती है। लेकिन वीर जवानों के शौर्य और पराक्रम से लिखी गई यह सच्चाई कांग्रेस पार्टी और उसके नेता पचा नहीं पा रहे हैं। बेहतर होगा यदि मुख्यमंत्री कमलनाथ सर्जिकल स्ट्राइक पर सवाल उठाने से पहले उन सवालों के जवाब दे देते, जो 1984 के सिख नरसंहार में उनकी भूमिकाओं को लेकर उठते रहे हैं। उन सवालों के जवाब दे देते जो प्रदेश की दुर्दशा को लेकर जनता उन से पूछ रही है। यह बात भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष व सांसद श्री विष्णुदत्त शर्मा ने छिंदवाड़ा में मुख्यमंत्री कमलनाथ द्वारा सर्जिकल स्ट्राइक पर प्रश्न किए जाने की निंदा करते हुए कही।


विष्णुदत्त शर्मा ने कहा कि देश की सेनाओं ने जिस कुशलता और शौर्य के साथ सर्जिकल स्ट्राइक और एयर स्ट्राइक को अंजाम दिया, उससे हमारी सेनाओं और पूरे देश का मनोबल बढ़ा है तथा आतंकवादियों और उनके आकाओं को यह संदेश भी मिल गया है कि भारत अब पहले की तरह एक सॉफ्ट टारगेट नहीं रहा है। लेकिन इन दोनों ही कार्रवाइयों से जितनी वेदना पाकिस्तान सरकार और वहां बैठे आतंकी संगठनों को हुई है, उससे ज्यादा तकलीफ कांग्रेस पार्टी और उसके नेताओं को हुई है। इसीलिए वे बार-बार बयान देकर, सवाल उठाकर हमारे सैनिकों की वीरता की उस कहानी को झुठलाना चाहते हैं, जो इतिहास में दर्ज हो चुकी है। श्री शर्मा ने कहा कि मुख्यमंत्री कमलनाथ द्वारा सर्जिकल स्ट्राइक के बारे में सवाल करना उनकी मजबूरी थी, क्योंकि न तो उनकी पार्टी कांग्रेस में सब कुछ ठीक चल रहा है और न ही उनकी सरकार के पास बताने के लिये कोई उपलब्धियां हैं। उन्होंने कहा कि बेहतर होता यदि प्रधानमंत्री श्री मोदी के नेतृत्व वाली केंद्र सरकार से सवाल करने की बजाय मुख्यमंत्री कमलनाथ लोगों को यह समझाने का प्रयास करते कि प्रदेश में अराजकता का वातावरण क्यों है, कानून व्यवस्था क्यों चौपट हो गई हे, रेत माफिया बेलगाम क्यों है, किसानों की कर्जमाफी क्यों नहीं हो सकी और युवाओं को बेरोजगारी भत्ते के लिए कब तक इंतजार करना पड़ेगा।