कुटीर एवं ग्रामोउद्योग मंत्री श्री हर्ष यादव द्वारा शिल्पियों को किया पुरस्कृत

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कुटीर एवं ग्रामोउद्योग मंत्री श्री हर्ष यादव द्वारा शिल्पियों को किया पुरस्कृत


 अंतरराष्ट्रीय पुरस्कार प्राप्त बाग प्रिंट शिल्पकार काजिम खत्री हुये राज्य स्तरीय पुरस्कार से सम्मानित


भोपाल- 24 फरवरी 2020
            कुटीर एवं ग्रामोउद्योग मंत्री श्री हर्ष यादव ने आज यहाँ अंतरराष्ट्रीय पुरस्कार प्राप्त बाग प्रिंट शिल्पी श्री मोहम्मद काजिम खत्री को राज्य स्तरीय विश्वकर्मा पुरस्कार से सम्मानित किया। इस अवसर पर वर्ष 2018-2019 के लिये शिल्पियों को सम्मानित किया गया। मंत्री श्री हर्ष यादव ने श्री काजिम को प्रमाण पत्र, श्रीफल और शॉल भी भेंट की।


 आगरा तथा दिल्ली के किले और प्राचीन गुफाओं, ईमारतों के डिजाईन के लिए मिला पुरस्कार-
      
शिल्पी काजिम खत्री ने राज्य स्तरीय पुरस्कार के लिये बाग प्रिंट ठप्पा छपाई में प्राकृतिक रंगो के साथ बहुत बड़ी पंजा दरी प्रस्तुत की थी। पंजा दरी में चारो ओर 32 चोकोर खाने थे, एंव दरी के बीच लहरिया डिजाईन बनाया था। चोकोर खाने एंव लहरिया मे पृथक - पृथक डिजाईनो को डाला गया था। पंजा दरी में बहुत ही महीन और 1000 वर्ष पुराने परम्परागत डिजाइनों और बाग की प्राचीन गुफाओ एवं मांडु कि प्राचीन इमारतो के डिजाइनो के साथ-साथ आगरा एवं दिल्ली के लाल किले के डिजाइन भी पंजा दरी में इस्तेमाल किये गये थे।



शिल्पी काजिम को पूर्व में भी मिले है अंतरराष्ट्रीय पुरस्कार-
     
 हस्तशिल्प कला में ठप्पा छपाई के नये अयाम देने वाले बाग प्रिंटर्स काजिम खत्री को इसके पूर्व यूनेस्को एंव वल्ड क्राफ्ट्स काउन्सल का अवार्ड ऑफ एक्सीलेंस फॉर हैंडीक्राफ्ट्स वर्ष 2018 के सम्मान से तथा 9 अगस्त 2018 को मुम्बई मे रोशन कलापेशी अवार्ड से सम्माति किया गया। इसी प्रकार काज़ीम खत्री ताइवान हुआलियान आर्ट फेस्टीवल वर्ष 2015, रूस तथा मलेशिया के कुआलालम्पुर अंतराष्ट्रीय क्राफ्ट फेस्टिवल 2015, अंतराष्ट्रीय इनोवेटिव क्राफ्ट फेस्टिवल थाईलेंड 2017 मे अपने कलात्मक उत्पादों का प्रदर्शन कर मध्यप्रदेश एवं समुचे देश का नाम अर्न्तराष्ट्रीय स्तर पर गौरवान्वित किया। साथ ही मोहम्मद काजिम खत्री धार जिले के छोटे से कस्बे बाग मे अपनी रंगाई छपाई कार्यशाला मे प्रतिदिन नये प्रयोग करने मे लगे रहते हैं। 



बाग प्रिंट कला के जनक शिल्पगुरू स्व. श्री इस्माईल खत्री की कला को रख रहे है जीवित-


               उल्लेखनीय है कि मोहम्मद काजिम खत्री को अपनी कला में निरन्तर नया एवं शोध करने की प्रेरणा उनके पिता राष्ट्रीय तथा अर्न्तराष्ट्रीय पुरस्कार से सम्मानित शिल्प गुरू मोहम्मद युसूफ खत्री से मिलती रही। काजिम का कहना हे कि परम्परागत बाग प्रिंट कला के जनक शिल्प गुरू स्वर्गीय श्री इसमाईल सुलेमानजी खत्री  तथा श्रीमती जैतुन बी के प्रयासों से यह कला आज जीवित है। काजिम खत्री के द्वारा 60 से अधिक प्रशिक्षणार्थियो को व्यक्तिगत रूप से प्रशिक्षण दिया जा चुका है। वर्तमान में भी अपनी कार्यशाला पर प्रतिदिन नई प्रतिभाओं के साथ निरन्तर बाग हाथ ठप्पा छपाई कार्यो में लगे रहते है।