गृह निर्माण सहकारी समितियों की अद्यतन वरियता सूची को सार्वजनिक रूप से प्रकाशित किया जायेगा प्रकाशन के पांच दिन के भीतर जनसुनवाई कर दावे-आपत्ति लेकर होगा त्वरित निराकरण

इंदौर। इंदौर जिले में गृह निर्माण सहकारी समिति के सदस्यों को वर्षों से लंबित, उनकी पात्रता अनुसार प्लाट आवंटन किये जाने का कार्य एक अभियान के रूप में किया जा रहा है। संभागायुक्त आकाश‍ त्रिपाठी इस अभियान में पुर्ण पारदर्शिता रखने के निर्देश सभी संबंधित अधिकारियों को दिये है। उन्होंने निर्देश दिये है कि जिस गृह निर्माण सहकारी समिति में सदस्यों को प्लॉट आवंटन हेतु कार्यवाही की जा रही है, उस समिति के पात्र सदस्यों की अद्यतन वरीयता सूची को सार्वजनिक रूप से प्रकाशित किया जाये। वरीयता सूची प्रकाशन के बाद कम से कम 5 दिवस का समय देकर, उस सूची के संबंध में "" जनसुनवाई''करें। जनसुनवाई में दावे-आपत्ति प्राप्त कर उसका शीघ्र निराकरण करें। 
 संभागायुक्त श्री त्रिपाठी ने निर्देश दिये हैं कि  जिस गृह निर्माण सहकारी समिति में सदस्यों को प्लॉट आवंटन हेतु कार्यवाही की जा रही है, उस समिति के पात्र सदस्यों की अद्यतन वरीयता सूची को सर्वप्रथम सार्वजनिक रूप से प्रकाशित किया जाये। यह सूची संभागायुक्त कार्यालय, इंदौर नगर निगम, इंदौर विकास प्राधिकरण, सहकारिता कार्यालय आदि स्थानों पर प्रकाशित की जाए तथा प्रकाशन की सूचना समाचार पत्रों में भी दी जाए।
      वरीयता सूची प्रकाशन के बाद कम से कम 5 दिवस का समय देकर, उस सूची के संबंध में "" जनसुनवाई'' में वरियता सूची में उल्लेखित वरियता के संबंध में गृह निर्माण समिति के सदस्य आपत्ति दर्ज करा सकते हैं। ये आपत्तियां सदस्य द्वारा दस्तावेजी प्रमाण के साथ प्राप्त की जाए। यदि समिति के सदस्यों द्वारा वरियता सूची के संबंध में कोई आपत्तियां प्रस्तुत की जाती हैं, तो उन आपत्तियों का नियमानुसार समुचित निराकरण जिला स्तरीय टॉस्क फोर्स समिति द्वारा सुनिश्चित किया जाये। उस निराकरण के पश्चात् ही वरियता के आधार पर प्लाट आवंटन हेतु अंतिम रूप दिया जाए। निर्देशों का समस्त गृह निर्माण समितियों के संबंध में पालन सुनिश्चित किया जाए।
      इंदौर जिले में गृह निर्माण सहकारी समिति के सदस्यों को वर्षों से लंबित, उनकी पात्रता अनुसार प्लाट आवंटन किये जाने का कार्य एक अभियान के रूप में किया जा रहा है, जिसमें जिला स्तरीय टॉस्क फोर्स समिति की भूमिका अत्यन्त महत्वपूर्ण है। प्लॉट आवंटन के कार्य में पूर्ण पारदर्शिता सुनिश्चित करने के निर्देश दिये गये है।