एक राजैनेतिक पार्टी का जिलाध्यक्ष भू-माफिया गिरोह का प्रमुख सरगना

 डॉ. श्री अशोक अवस्थी अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक एस.टी.एफ. मध्यप्रदेश भोपाल द्वारा प्रदेश शासन की मंशानुसार माफिया गिरोह का पर्दाफाश किये जानेे हेतु निर्देशित किया गया था। इसी दिशा में एस.टी.एफ. द्वारा शासकीय चरनोई की भूमि का प्रकरण पंजीबद्व किया जाकर विवेचना की जा रही थी। 


  पùविलोचन शुक्ला पुलिस अधीक्षक एस.टी.एफ. इन्दौर द्वारा बताया गया कि ग्राम तेजपुर गडबडी के खसरा नम्बर 1488 की बेशकीमती 4 एकड के अधिक की भूमि जिसका वर्तमान में मूल्य लगभग 50 करोड से अधिक के प्रकरण में अपराध क्रमांक 12 में शासकीय चरनोई की भूमि पर अवैध कब्जा दिखाकर अपना स्वामित्व प्रकट कर कई लोगों से अनुबंध कर अवैध लाभ अर्जित करने वाले प्रकरण में पूर्व में डेवलपर एग्रीमेंट करने वाले सुरेश कुकरेजा जयेश कुकरेजा और कब्जाधारी अवंतीबाई और शकुंतलाबाई को एसटीएफ द्वारा गिरफ्तार किया गया था प्रकरण की विवेचना में यह पाया गया कि इस पूरे प्रकरण का मुख्य सूत्रधार सुरेश यादव है जो एक राजनैतिक पार्टी का जिला अध्यक्ष होने के नाते अपने प्रभुत्व के आधार पर इस माफिया गिरोह के कारोबार को संचालित कर रहा था सुरेश यादव ने देवनारायण अवंती बाई और शकुंतला बाई के साथ वर्ष 2016 में एक आम मुख्तारनामा निष्पादित किया था जिसमें उसे शासकीय कार्य संपादन के लिए नियुक्त किया गया था मुख्तारनामा समाप्त होने के उपरांत सुरेश यादव ने सुरेश कुकरेजा एवं अन्य के साथ अनुबंध करते हुए 76 लाख रुपए नगद प्राप्त किए और सुरेश कुकरेजा को फर्जी ऋण पुस्तिका बनवाए जाने में पूरा निर्देशन किया जिसके लिए सुरेश कुकरेजा ने 15ए00ए000 रुपए से ज्यादा की राशि फर्जी ऋण पुस्तिका के लिए दी गई थी। इसी फर्जी ऋण पुस्तिका के आधार पर देवनारायण और उसकी बहनों का सुरेश कुकरेजा और जयेश कुकरेजा से अनुबंध हुआ था जिसमें सुरेश यादव सहमति दाता के रूप में शामिल हुआ और सारी राशि प्राप्त की है सुरेश यादव ने इस प्रकरण में एसटीएफ से संपर्क कर 16ए00ए000 रुपए की राशि जमा कराए जाने की गुजारिश की गई थी जिसके लिए उसके द्वारा दो-तीन दिन का समय चाहा गया था मगर यह राशि जमा करते हुए उसने अपने प्रभाव के आधार पर कई लोगों से दबाव डलवा कर स्वयं को निर्दाेष साबित करने की कोशिश की गई है। 


   प्रकरण में फर्जी ऋण पुस्तिका बनाने में महती भूमिका निभाने वाले निरंजन निरंजन प्रजापत उर्फ नीरू पिता भंवरलाल प्रजापत निवासी छत्रपति नगर इंदौर जो कलेक्टर कार्यालय में फोटोकॉपी की दुकान संचालन की आड़ में इसी प्रकार के विवादित खतरों की जानकारी कलेक्टर कार्यालय के ऑफिस कानूनगो पटवारियों तहसीलदारों से संपर्क और समन्वय कर बड़ी राशि में यह कार्य करता था को भी गिरफतार किया गया है। इस प्रकरण में नीरू उस निरंजन ने सुरेश कुकरेजा से 15ए00ए000 रुपए से ज्यादा की राशि प्राप्त कर ऑफिस कानूनगो रहे रविंद्र तोमर नामक शख्स को दी थी और उनके द्वारा यह फर्जी ऋण पुस्तिका बनाई जाकर नीरू के माध्यम से देवनारायण और सुरेश कुकरेजा तक पहुंचाई थी इसी आधार पर सुरेश कुकरेजा ने डेवलपर एग्रीमेन्ट किया और लगभग सवा करोड रुपए की राशि स्टांप ड्यूटी के नाम से शासकीय खजाने में जमा कराई थी। प्रकरण में नीरू से पूछताछ में उसने बताया कि रविंद्र तोमर और तहसील और कलेक्टर के अन्य शासकीय कर्मचारियों से सांठगांठ कर उसके द्वारा कई कार्य किए गए हैं रविंद्र तोमर का निधन लगभग 2 से 3 महीने पूर्व होने की जानकारी प्रकाश में आई है जिसकी पुष्टि की जा रही है । प्रकरण में बनाई गई फर्जी ऋण पुस्तिका की जानकारी तहसीलदार कार्यालय से प्राप्त करने पर यह स्पष्ट हो गया कि यह ऋण पुस्तिका कूट रचनाकर तैयार की गई है रविंद्र तोमर के निधन की जानकारी प्रकाश में आई है इसलिए उनके द्वारा किस तहसीलदार से यह हस्ताक्षर करवाए और ऋण पुस्तिका जारी करें यह जांच का विषय है। 


  नीरू उर्फ निरंजन मूलतः राजस्थान का रहने वाला है जिसमें फोटोकॉपी की दुकान की आड़ में है इस गोरखधंधे में अच्छा संपर्क और समन्वय स्थापित कर दूध का व्यवसाय बड़े स्तर पर किया जा रहा है आरोपी नीरू उर्फ निरंजन से अन्य प्रकरण में की गई कूट रचना की जानकारी प्राप्त की जा रही है


  सम्पूर्ण प्रकरण में सुरेश यादव की महती भूमिका रही है जिसमें अपने राजनीतिक प्रभाव का दुरुपयोग करते हुए कब्जा धारियों को मिथ्या जानकारी देकर उनके नाम से कई लोगों से अनुबंध करा कर लाखों रुपए लेने की जानकारी भी प्रकाश में आई है। 
  
  प्रकरण के मुख्य सूत्रधार सुरेश यादव के बारे में यह भी जानकारी प्रकाश में आई है की उसके द्वारा इस सौदे से प्राप्त राशि को अपने परिवार एवं अन्य रिश्तेदारों के नाम से चल अचल संपत्ति क्रय करने में लगाया गया है जिसकी जानकारी प्राप्त कर संपत्ति कुर्क करने की धारा 82 83 की कार्रवाई की जावेगी


 प्रकरण का पर्दाफाश करने में एस.टी.एफ. इकाई के उप निरीक्षक श्यामकिशोर त्रिपाठी, सउनि अमित दीक्षित, प्र.आर. झनकलाल पटेल आर. विवेक द्विवेदी आशीष मिश्रा की उल्लेखनीय भूमिका रही है।