एमएसएमई जो कि देश के कुल औद्योगिक क्षेत्र का 99% प्रतिनिधित्व करती हैं; के 2000 इंडस्ट्री क्लस्टर्स एवं छोटे उद्योग सेक्टर्स को सपोर्ट करने के लिए 10000 करोड़ के एमएसएमई ग्रोथ फण्ड का प्रावधान किया गया है जो कि भारतीय उद्योगों को मजबूत करने की दिशा में सराहनीय कदम है। इससे भारतीय उद्योग वैश्विक अर्थव्यवस्था में अपना मजबूत स्थान बनायेंगे
आयकर में मिसरिपोर्टिंग ऑफ इनकम में जहाँ पहले 200% पेनाल्टी लगती थी जिसको अब 100% पेनाल्टी पर रेस्ट्रिक्ट किया गया है यह स्वागत योग्य कदम है। इससे सर्च एवं सर्वे के केसेस में बड़ी राहत मिलेगी।
आयकर रिटर्न नॉन बिज़नेस टैक्स पेयर के लिए दाखिल किए जाने वाले ईटीआर फॉर्म 1 एवं 2 के लिए रिटर्न दाखिल करने की अंतिम तिथि 31 जुलाई तथा नॉन ऑडिट बिज़नेस एवं ट्रस्ट के लिए रिटर्न दाखिल करने की अंतिम तिथि 31 अगस्त नियत की गई है। इससे करदाताओं एवं टैक्स प्रोफेशनल्स को आईटीआर दाखिल करने की अलग अलग दिनांक होने से सुविधा होगी।
एनआरआई से खरीदी गई संपत्ति पर काटने के लिए पहले पहले टेन (टैक्स डिडक्शन अकाउंट नंबर) नंबर अलॉट कराना होता था उसके पश्चात ही रेसिडेंट क्रेता टीडीएस डिपाजिट कर सकता था। अब नए नियमों के अनुसार पैन बेस्ड टैक्स डिडक्शन संभव होगा जिससे ऐसे क्रेताओं को फायदा होगा तथा टेन अप्लाई करने की आवश्यकता नहीं होगी।
कुल मिलाकर नए आयकर कानून जो कि 01 अप्रैल 2026 से लागू हो रहा है, के संबंध में आ रही कर प्रशासन संबंधी परेशानियों को दूर करने के प्रयास निश्चित रूप से स्वागत योग्य हैं।
अनिवासी भारतीय (PROIs) अब भारतीय इक्विटी शेयर्स में पोर्टफोलियो इन्वेस्टमेंट स्कीम में 5% के स्थान पर 10% निवेश कर सकेंगे। जिससे विदेशी निवेश भारत आयेगा तथा भारतीय शेयर बाजार को मजबूती मिलेगी।
भारतीय उद्योग, इंफ्रास्ट्रक्चर, रेल कॉरिडोर, रेयर अर्थ कॉरिडोर, केमिकल पार्क, आयुर्वेद एवं हेल्थकेयर, सेमीकंडक्टर मिशन 2.00, टेक्सटाइल सेक्टर, ओवरसीज इन्वेस्टर्स, इज ऑफ डूइंग बिज़नेस को बढ़ावा देने के लिए इस बजट में पर्याप्त प्रावधान किए गए हैं जिससे लांग टर्म पॉजिटिव इकोनॉमिक रिफार्म भारत में देखने में आयेंगे।

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