सकल जैन समाज के साधु-साध्वी भगवंतों हेतु श्रुतज्ञान अभियान का शुभारम्भ


यशवंत जैन, उज्जैन

 महाकाल नगरी में पुण्यसम्राट के 41 वे आचार्य पदवी दिवस पर "श्री राजेंद्रसूरि शताब्दी शोध संस्थान" के माध्यम से 22 फरवरी को पुण्य-सम्राट श्रुत अभियान का शुभारम्भ हुआ। जिसमें समस्त जिनशासन के पूज्य श्रमण-श्रमणी भगवन्तों हेतु श्रुतज्ञान (न्याय, प्राकृत, संस्कृत, व्याकरण, धार्मिक शिक्षा) की निर्मल गंगा प्रवाहित होगी। कल्याणमंदिर स्तोत्र की रचना-स्थली, श्री अवंती पार्श्वनाथ की समकित शीतल छाया, श्री श्रीपाल-मैनासुन्दरी की नवपद-सिद्धचक्र आराधना भूमि, श्रीकृष्ण-सुदामा की शिक्षास्थली उज्जैन नगरी की पावन धरा पर निर्मित इस शोध-संस्थान में गुजरात के सुशिक्षित विद्वान गुरुजी द्वारा प्रशिक्षण दिया जा रहा है। 


सुरम्य और सुंदर प्राकृतिक वातावरण में सभी समुदायों के ग्रंथों-शास्त्रों के भव्य पुस्तकालय के साथ ,पी-एच.डी. करने हेतु पूज्य गुरु भगवंतों के निर्दोष वैय्यावच्च और दीक्षार्थी भाई-बहनों के आतिथ्य आदि की व्यवस्था की जा रही है।     


   पुण्य सम्राट राष्ट्रसंत श्रीमद् विजय जयंतसेन सूरीश्वरजी महाराजा की प्रेरणा से बने इस संस्थान में वर्तमान द्वय पट्टधर गच्छाधिपति शासन शिरोमणि आचार्य देवेश श्रीमद् विजय नित्यसेन सूरीश्वरजी म.सा. एवं आचार्य देवेश श्रीमद् विजय जयरत्न सूरीश्वरजी म. सा. की आज्ञानुवर्ती साध्वी भुवनप्रभाश्री जी म.सा. की सुशिष्या साध्वी डॉ. श्री अमृतरसा श्री जी म. सा. , साध्वी श्री निरागरसा श्रीजी म.व साध्वी श्री जिनांश रसा श्री जी म.सा.आदि ठाणा 3 की पावन निश्रा में समारोह आयोजित हुआ।अवंतिका नगरी में साधुजी-साध्वीजी के उच्च अध्यापन के विषय-न्याय, सूत्रार्थ, 4 प्रकरण, 3 भाष्य, 6-कर्मग्रंथ, ज्ञानसार, तत्वार्थसूत्र, बृहत्संग्रहणी, पंचसंग्रहभाग 2, आनंदघन चोवीशी, आठदृष्टि की सज्झाय, संस्कृत-हैम संस्कृत प्रवेशिका भाग -1, भाग -2 प्राकृतविज्ञान पाठमाला संस्कृत वांचन गद्य, पद्य संस्कृत टीका, रघुवंशम् काव्य आदि श्रुत ज्ञानार्जन अभियान का शुभारंभ हुआ। अ.भा.श्री राजेंद्र जैन नवयुवक परिषद् के राष्ट्रीय मिडीया प्रभारी ब्रजेश बोहरा ने बताया कि इस अवसर पर मंचासीन श्रीसंघ के वरिष्ठ मनोहरलालजी पुराणिक , शांतीलाल जी दसेड़ा, अशोक श्रीश्रीमाल, राष्ट्रीय परिषद के पदाधिकारी अध्यक्ष प्रकाश छाजेड,वरिष्ठ उपाध्यक्ष राजेंद्र दंगवाडा, कोषाध्यक्ष धर्मचंद जी बोहरा सह कोषाध्यक्ष प्रमोद जी भंडारी,संगठन मंत्री प्रकाशजी तलेसरा, ब्रजेश बोहरा, तरूण परिषद राष्ट्रीय अध्यक्ष आदित्य जी धोखा राष्ट्रीय महिला परिषद् उपाध्यक्ष राखीजी रांका, महामंत्री संगीताजी पोरवाल प्रांतीय सारिकाजी कोलन,प्रांतीय नवयुवक परिषद् उपाध्यक्ष पंकजजी डुंगरवाल एंव नयापुरा श्रीसंघ अध्यक्ष सुरेश जी पगारिया,नमक मंडी श्रीसंघ अध्यक्ष राजबहादुर जी मेहता व विधायक श्री अनिलजी जैन कालुहेडा (उज्जैन) एंव विधायक श्री दिनेशजी जैन बोस (महिदपुर),व उज्जैन एमआईसी सदस्य रजतजी मेहता आदि की सम्मानीय उपस्थिति में उद्घाटन व शुभारंभ संपन्न हुआ। इसअवसर विधायक एंव श्रीसंघ के प्रमुख व परिषद परिवार के प्रमुख का बहुमान शोध संस्थान के ट्रस्टीगण द्वारा किया गया। समारोह के आयोजन में श्री राजेंद्र सूरि शताब्दी शोध संस्थान के अध्यक्ष श्री पारस जैन, वरिष्ठ उपाध्यक्ष - श्री अभयकुमार सेठिया, उपाध्यक्ष- श्री अनिल जैन कालुहेडा, सचिव- श्री अंशुल गिरिया, कोषाध्यक्ष- श्री पवन जैन, सह सचिव- श्री दिलीप चौपड़ा, संगठन सचिव-श्री प्रकाश सेठिया, ट्रस्टीगण सर्वश्री राजबहादुर मेहता, राजेश वनवट , धर्मचंद बोहरा, सुनील मेहता, निर्देशक डॉ. भूपेन्द्र कुमार मेहता की विशेष भूमिका रही। इस अवसर पर श्रीसंघ के पदाधिकारियों व समाजजन एवं अ.भा. श्री राजेंद्र जैन नवयुवक परिषद् के पदाधिकारीयो व सदस्यों सहित गणमान्यजनों की उपस्थिति रही। सभी ने आज साध्वी श्री अमृतरसा श्रीजी मसा के 25 वॉ दीक्षा दिवस पर अनुमोदना की । कार्यक्रम की शुरूआत मे अतिथीयो द्वारा दीप प्रज्वलित कर स्वागत भाषण अभय जी सेठिया ने दिया।पारस जी जैन ने संस्थान के बारे व राजेश वनवट ने श्रुतज्ञान अभियान के बारे मे बताया, श्री राज राजेन्द्र शिक्षा महाविघालय की प्राचार्य विघा जोशी ने कालेज की हस्त लिखीत पुस्तक (जी जी विषा) का विमोचन अतिथीयो द्वारा करवाया ।इस मौके पर गुरूजी सुभाष जी जैन का भी बहुमान कीया गया। अतिथियो द्वारा उद्धबोधन दिये गये ।साध्वीश्री निरागरसा श्री जी ने अपने प्रवचन मे पुण्य सम्राट का पाटोत्सव , ज्ञानोत्सव एंव दीक्षा दिवस इन त्रिवेणी सगंम के उपल्क्ष मे शासन प्रभावना समर्पण एंव शिक्षा के बारे मे बताया। कार्यक्रम का संचालन परिषद के प्रांतीय महामंत्री श्री संजय कोठारी ने किया व आभार कालेज के निर्देशक डॉ.भुपेन्द्र जी मेहता ने माना। इस समारोह मे अनेक श्रीसंघो के सदस्यों की उपस्थिति रही।

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