साक्षात कल्पवृक्ष के समान फलदाई होता है कल्पसूत्र महाशास्त्र श्रद्धा विधि पूर्वक 21 बार सुनने से होता है मानव भव से बेड़ा पार-भंडारी

यशवंत जैन 

महिदपुर रोड गुवाहाटी श्री जैन श्वेतांबर मूर्ति पूजक संघ मे पर्यूषण महापर्व के तृतीय दिवस पर वर्धमान स्वाध्याय मंडल के स्वाध्याय बंधु सचिन भंडारी महिदपुर रोड ने कल्पसूत्र का महत्व बताते हुए कहा कि इसको श्रद्धा विधिपूर्वक 21 बार सुनने से मानव भवसागर से बेड़ापार हो जाता है ।यह साक्षात कल्पवृक्ष के समान फलदाई है साथ 10 कल्प का विस्तार से वर्णन किया गया। परमात्मा प्रभु महावीर स्वामी का पावन जीवन चरित्र आज से प्रारंभ हुआ। तीर्थंकर परमात्मा मैं अतुल्य बल होने के बाद भी उपसर्गों को संमभाव से समतापूर्वक सहन किया, क्योंकि कर्म राज किसी को नहीं छोड़ते चाहे भगवान हो या इंसान, राजा हो या रंक सभी को अपने-अपने कर्मों को भोगना ही पड़ता है । इसलिए मनुष्य मात्र को अपने जीवन में पुण्य उपार्जन एवं धर्म वृद्धि के कार्य सदैव करते रहना चाहिए । जिससे प्रभाव से हमारा यह भव और परभव दोनों सुख प्रद हो ।साथ ही हमारा आत्म कल्याण का मार्ग भी प्रशस्त हो। 

इसके पूर्व अष्ठानिका के प्रवचन में परीक्षण महापर्व के पांच के 11 वार्षिक कर्तव्य एवं 6 दैनिक जीवन के कर्तव्य के बारे में स्वाध्याय बंधु सचिन भंडारी ने बताया। इंदौर निवासी स्वाध्याय बंधु जिनेंद्र जैन ने स्नात्र पूजा का लाभ बताते हुए कहा कि जब परमात्मा का जन्म होता है तो स्वर्ग लोक से इंद्र स्वयं परमात्मा की महिमा भक्ति करने के लिए भगवान का स्नात्र महोत्सव मनाने के लिए अनेक देवी देवताओं के साथ स्वयं मानते हैं ।और एक करोड़ 60 लाख कलशो से परमात्मा का अभिषेक करते हैं एवं उनको वंदन करने के लिए शक्रस्तव सूत्र की रचना करते हैं रात्रि में जैन मंदिर में आरती भक्ति भावना एवं धार्मिक प्रतियोगिताएं संपन्न की जाएगी साथी पंचम दिवस को महावीर स्वामी जी का जन्म वाचन समारोह एवं अष्टम दिवस को सांवत्सरिक महापर्व मनाया जाएगा

 उक्त जानकारी जैन समाज के संजय शाह ने दी

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