महंगाई के दौर में रेशम की डोर भी हुई महेगी, मंहगाई के दौर में भाई के हाथ मे बंधेंगी महंगाई की डोर, इस बार ओर महेगी हुई राखी कच्चे माल के भाव बढ़ने से बढ़ी मंहगाई

 आशीष यादव धार

जिले में रक्षाबंधन की तैयारियां शुरू हो गई हैं। शहर के बाजारों में राखियों की दुकानें सजने लगी हैं और खरीदारी का सिलसिला भी शुरू हो गया है। इस बार राखियों पर भी महंगाई हावी है। 15 से 20 प्रतिशत जीएसटी, कच्चे माल में बढ़ोतरी, मालभाड़े में वृद्धि आदि कारणों से इस बार राखियों के दाम पिछले दो सालों के मुकाबले लगभग दोगुने हो गए हैं। इस बार धार्मिक और राष्ट्रभक्ति की राखियों की भी कई वैरायटियां हैं। राखियों के दाम 2 रुपए से लेकर 500 रुपए प्रतिनग तक हैं। इस बार कि राखी बहनों के लिए महंगी साबित होगी। रक्षाबंधन के पर्व पर अपने भाई की सूनी कलाई पर राखी बांधना बहनों को पिछली बार से ज्यादा महंगा पड़ेगा क्योंकि इस बार राखी पर महंगाई की मार पड़ रही है। राखी बनाने के लिए कॉटन का धागा और मोती का इस्तेमाल किया जाता है लेकिन इस बार कॉटन का धागा और मोती दोनों ही महंगे हो गए। रक्षाबंधन का पर्व 11 अगस्त को मनाया जाएगा।


कॉटन का धागा और मोतियों में आया उछाल:

दुकानदार ने बताया कि राखी बनाने का कारोबार करने वाले व्यापारियों का कहना है कि इस बार कॉटन का धागा और मोतियों की कीमतों में उछाल आ गया है। पिछले साल जो कॉटन का धागा 170 से 180 किलो के हिसाब से मिलता था इस साल वही कॉटन का धागा 300 किलो तक मिल रहा है। इतना ही नहीं जो मोती पिछले साल तक200 किलो में मिलते थे वही मोतियों की कीमत इस साल बढ़कर 300 किलो पर पहुंच गई है। वही सौंदर्य प्रसाधन पर महिलाओं एवं युवतियों को महंगाई की मार झेलना पड़ रही है पहले की अपेक्षा लगभग हर उत्पाद पर 20 से 25 रुपए का इजाफा इस समय देखने को मिल रहा है । सबसे ज्यादा महंगे ब्रांडेड कंपनियों के उत्पादों में 15 से 20 फीसदी का इजाफा इस समय देखने को मिल रहा है । सौंदर्य प्रसाधन के दामों में लगातार हो रही महंगाई के कारणों को स्थानीय व्यापारी नहीं बता पा रहे हैं । 


राखी के लिए उपयोग आने वाला माल हुआ मंहगा:

राखी बनाने का व्यवसाय करने वाले व्यापारी बताते हैं कि यह तो सिर्फ कॉटन के धागे और मोतियों की कीमत के बारे में बताया गया है। इसके अलावा राखी बनाने में अन्य सामग्री का भी उपयोग किया जाता है। राखी बनाने में उपयोग की जाने वाली अन्य सामग्री भी महंगी हो गई है। इस वजह से राखियों को बनाने का खर्चा भी बढ़ गया है।वही दोगुनी कीमत में बिक रही है राखियां इसका कारोबार करने वाले कारोबारियों का कहना है कि राखी बनाने में उपयोग होने वाले कच्चे माल की कीमतों में उछाल आने की वजह से इस बार राखियां बनाने में ज्यादा खर्चा आ रहा है और यही वजह है कि इस बार राखियों की कीमत दुगनी तक पहुंच गई है। एक अनुमान के हिसाब से जो राखी पिछले साल 10 से 12 रु की बिकी थी वही राखी इस बार बाजार में 18 से 20 रु तक की रेट में बिक रही है।


अहमदाबाद व अन्य प्रदेश से आता है कच्चा माल

व्यापारियों ने बताया कि राखी बनाने के लिए जो कच्चा माल इस्तेमाल किया जाता है उसकी सप्लाई अहमदाबाद,दिल्ली व अन्य जगहों से आता है। वही अन्य प्रदेशों से सामान आने में उसका भाड़ा भी लग जाता है। इसके अलावा कुछ व्यापारी मध्य प्रदेश के ही अन्य जिलों से कच्चा माल मंगा कर राखी बनाने का काम करते हैं। कई व्यापारी इंदौर और भोपाल व अन्ह जिलों से भी कच्चा माल लाते हैं । कही व्यापारी तैयार की हुई राखियां लाते हैं।  तैयार राखी का व्यवसाय करने वाले कारोबारियों को ज्यादा महंगी बेचनी पड़ती है जो व्यापारी तैयार राखियों को खरीद कर बेचने का कारोबार करते हैं उन व्यापारियों को राखी और भी ज्यादा कीमत में बेचनी पढ़ रही है।


नहीं दिख रही चायनीज राखियां:

इस साल बाजार में चाइनीज राखियां भी गायब हो गई हैं। शहर में राखी की विक्रेता बताते हैं। उन्होंने बताया कि पिछले दो तीन सालों से चाइना से माल नहीं आ रहा कोई भी ग्राहक चाइनीज राखी मांग भी नहीं रहा। पुराना कुछ स्टॉक पड़ा था लेकिन वो भी नहीं बिक रहा। वही बाजार से लगभग चीन माल बिक्री बन्द हो गई है


रंग-बिरंगी राखियों से सजी दुकानें:

रक्षाबंधन के लिए धार शहर में दुकानें सज गई हैं। इसके चलते दुकानों में 30 से 40 तरह की रंग-बिरंगी राखियां आई हैं। ये राखियां महिलाओं, खासकर छोटी लड़कियों को लुभा रही हैं। बाजार में चंदन की लकड़ी लगी राखी, डायमंड राखी, कलर पत्थर राखी, रेशम की विभिन्न डोरियों वाली राखियां आई हैं। बच्चों के लिए भी आकर्षक डिजाइन वाली राखियां बाजार में मौजूद हैं।


गोल्डन और सिल्वर राखियां:

वही जेवेलर्स विनीत जैन ने बताया, लांग टाइम सेव रखने के लिए सोने-चांदी की राखियां खरीदी जा रही है। इसमें कुछ लोग पुरानी राखियों का एक्सचेंज भी कर रहे हैं। चांदी की राखियां ज्याद बिक रही है तो गोल्डेन ब्रासलेट में भी राखियां सेट कराई जा रही है। ब्रासलेट की राखियों के लिए बुकिंग की जा रही है। वहीं राखी के मौके पर ज्वेलरी मार्केट राशि के साथ मंगलसूत्र व अन्य गिफ्ट के लिए भी ज्वेलरी पर बुकिंग की जा रही है।

यह है रेंज

सोने की राखी -500 से 5000 रूपए

चांदी की राखी -50 से 400 रूपए 



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