मामला पंचशील नगर का......... 2018 में विकास कार्य पूर्ण किया, 14 साल पहले नपा से हासिल कर लिया पूर्णता प्रमाण पत्र

 आशीष यादव, धार

डेव्लपमेंट कांट्रेक्टरों को पैसे के बदले भूखंड देने का अनुबंध किया था, काम करवाकर पैसे नहीं देने का भी आरोप 

कलेक्टर को सौंपी शिकायत,

अधिकारियों ने कहा 3 दिन में करेंगे शिकायत की जांच 

नगरपालिका इंजीनियर और कॉलोनाईजरों के मध्य सेटिंग का एक और मामला सामने आया है। जिसमें कॉलोनी में विकास कार्य पूर्ण होने के 14 साल पहले ही कॉलोनी को 85 प्रतिशत कार्य पूर्णता का प्रमाण पत्र नगरपालिका द्वारा जारी किया गया है। इस तरह के मामले की जानकारी कॉलोनी में डेव्लपमेंट कांट्रेक्टर के तौर पर विद्युत एवं अन्य निर्माण कार्य करने वाले दो ठेकेदारों द्वारा भुगतान ना मिलने पर की गई शिकायत से सामने आई है। मंगलवार को कलेक्टर के नाम एक शिकायत एडीएम शृंगार श्रीवास्तव को सौंपी गई है। एडीएम ने शिकायत एसडीएम और तहसीलदार को प्रेषित की है7 शिकायतकर्ता धर्मेन्द्र रघुवंशी और मोहन नायक को अधिकारियों ने तीन दिन में शिकायत की जांच करने का आश्वासन दिया है। 

यह है मामला 

शहर के मांडू रोड पर पंचशील नगर नाम की एक कॉलोनी आकार ले रही है। आदिनाथ फर्म तर्फे रमेशचंद्र चौहान नाम के व्यक्ति ने दोनों ठेकेदारों से 2017 में विद्युत कार्य एवं अन्य विकास कार्यों को करवाने के लिए अनुबंध किया था। 2018 में ठेकेदारों ने काम पूर्ण कर दिया था। जिसके बाद से भुगतान पेटे प्लाट देने के अनुबंध के तहत प्लाटों का विक्रय पंजीयन कराने के लिए प्रयास कर रहे थे। श्री चौहान द्वारा प्लाटों का पंजीयन नहीं कराया जा रहा था। 4 साल परेशान होने के बाद मंगलवार को ठेकेदारों ने इस मामले की शिकायत की। जिसमें बताया कि उन्हें वह प्लाट विक्रय किए गए हैं जिसे नगरपालिका में बंधक रखा गया था। बंधक प्लाटों का अनुबंध करना धोखाधड़ी की श्रेणी में आता है। हालांकि अधिकारियों ने पूछा कि यह बात अनुबंध करने के दौरान पता नहीं थी क्या, ठेकेदार ने कहा नहीं। 

85 प्रतिशत का प्रमाण पत्र 4 में लिया 

पंचशील नगर कॉलोनी के शिकायतकर्ताओं ने एसडीएम और तहसीलदार को बताया कि सन् 2000 में कॉलोनी निर्माण का अनुबंध किया गया था। सन् 2004 में नगरपालिका से 85 प्रतिशत कार्य पूर्ण होने का प्रमाण पत्र भी कॉलोनाईजर ने हासिल कर लिया था। वास्तविकता यह है कि विकास कार्य 2017 में हमसे अनुबंध के बाद शुरु किए। इस दौरान अधिकारियों ने चुटकी ली कि धार में यह सब बहुत होता है। मौके पर मौजूद अपर कलेक्टर नेहा शिवहरे ने एडीएम शृंगार श्रीवास्तव से कहा कि सर इस तरह के बहुत मामले आते है। धार जिले के लिए एक कॉलोनी सेल अलग से होना चाहिए। इसके अलावा भी कई तरह की व्यक्तिगत चर्चाएं अधिकारियों के मध्य इसी मुद्दे पर जनसुनवाई के दौरान होती रही। 

बाहर हंू, कल बात करेंगे - इस मामले में शिकायतकर्ता की और से अनुबंध करने और अनुबंध का उल्लंघन करने वाले रमेशचंद्र चौहान से प्रतिनिधि ने उनका पक्ष जानना चाहा तो उन्होंने कहा अभी बाहर हूं। कल आकर वस्तुस्थिति समझकर बात करेंगे। 



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