तबाही का मंझर आंखों के सामने~~~ 2 दिन से चल रहा डेम में लीकेज सही करने का काम, बाँध को खाली करने की जा खुदाई में आ रही दिक्‍कत दोनों ओर बनाई जा रही चेनल

 आशीष यादव, धार

कल से रेसक्यू और मरम्मत जारी, अब भी बन्द नही हुआ है डेम से पानी बन्द

सरकार आम जनता को सुविधा देने की बात करती है मगर वहीं दूसरी ओर डैम में पानी रिसाव से जनता में दहशत का माहौल बन गया है वही गांव के गांव खाली करवाकर लोगों को शरणार्थियों के रूप में रहना पड़ रहा है। गांव के लोग सोच रहे हैं अगर डैम टूटा तो हमारे घर गृहस्ती उड़द जाएंगे

फिर से नया कारवां शुरू करना पड़ेगा जो सालों से जमा पूंजी कर आशियाना बनाया उसे आंखों के सामने टूटता नहीं देख सकते कोई शासन अपने स्तर पर बचाव कार्य में जुटा हुआ है धार जिले एक बड़ी तबाही को रोकने के लिए 400 लोगों की टीम और करीब 6 पोकलेन मशीन लगी है। यहां डैम से हो रहे रिसाव को जारी रखते हुए डैम को फूटने से बचाने का काम युद्ध स्तर पर चल रहा है, डैम से हो रहे लीकेज को रोकने की बजाय उसे जारी रखने और डैम से पानी को निकालकर नदी में छोडऩे की तैयारी चल रही है, ताकि डैम में पानी का प्रेशर कम होने से डैम को फूटने और जिले में होने वाली बड़ी तबाही को रोका जा सके जिले के धरमपुरी ब्लॉक स्थित भारूड़पुरा घाट स्थित ग्राम कोठिदा में कारम नदी पर बन रहे डेम के रिसाव की मरम्मत को शुक्रवार से काम चल रहा है लेकिन अड़चनों के बीच मरम्मत का काम जारी है। पानी निकालने के लिए बनाई कैनल में पत्‍थर आ गए है। इस कारण खुदाइ्र में वक्‍त लग रहा है। हालांकि मरम्‍मत का काम अब भी जारी है और अधिकारी खुदाई वाले हिस्‍से में निरीक्षण करने रहे है। ताकि पानी निकासी के लिए कोई निर्णय लिया जा सके। बीती रात 2 बजे सेना की टीम ने मोर्चा संभाला है। सेना की इंजीनियरिंग विंग ने डेम पर जल संसाधन विभाग की टीम के इंजीनियरों की टीम के साथ मरम्मत का काम जारी कर दिया है। किसी भी तरह से डेम को फूटने से बचाने के लिए वैकल्पिक चैनल बनाकर डेम का पानी निकालने के लिए मशक्कत की जा रही है। इसके लिए पांच पौकलेन 20 घंटे से सतत काम कर रही है।




कारम नदी पर बन रहे डेम के निर्माण का निर्माण वर्ष-2018 में शुरू हुआ, जो अब तक जारी है। इस डेम का निर्माण के काम की शिकायतें तमाम स्तरों पर की गई। घटिया निर्माण की शिकायत धार से भोपाल तक पहुंची। लेकिन सुध नहीं ली गई। इसका खामियाजा आज 18 गांव की करीब 40 हजार आबादी को भुगतना पड़ रहा है। लोगों को अपना घर-बार छोडक़र पहाड़ों, धर्मशालाओं और स्कूलों में शरण लेना पड़ी है। जिंदगीभर की जमापूंजी, घर-बार और सामान सबकुछ गांव में पीछे छुट गया है। खेतों की फसलों से लेकर घर-आंगन सूने पड़े है। हालात चिंताजनक होने के कारण गुरुवार से कलेक्टर पंकज जैन, एसपी आदित्य प्रताप सिंह डेम पर मौजूद है और हालात पर नजर बनाए हुए है।


नींद के इंतजार में कट गई रात

बाढ़ के अलर्ट के कारण धार व खरगोन के 18 गांव खाली करवाए गए। लेकिन शुक्रवार को रात होते ही ग्रामीण दोबारा घरों की ओर लौटने लगे। ऐसे में एसटीएफ की कंपनियां गांवों में तैनात की गई। इन गांवों में धारा-144 लगाकर किसी भी व्यक्ति को गांव में घूमता पाए जाने पर हिरासत में लिया गया। तब जाकर लोग दोबारा सुरक्षित स्थानों पर शिफ्ट हुए। अधिकांश लोगों को धामनोद शिफ्ट कर दिया गया है। धामनोद में राहत कैंप बनाए गए है, जहां खाना, रहने सहित अन्य व्यवस्था की गई है। कैंप में रातभर ग्रामीण नींद का इंतजार करते रह गए और चिंता में पूरी रात कट गई।


सेना ने शुरू किया अपना काम

सरकार ने विभागीय अमले के साथ सेना की भी मदद ली है। पांच कंपनियां बुलवाई गई है, जो रात २ बजे डेम पर पहुंच गई है। साथ ही इसमें इंजीनियरिंग विंग भी है। 200 लोगों की टीम मरम्मत और रेसक्यू का काम देखेगी।इसके अलावा एसटीएफ को भी गांवों में तैनात किया गया है। ताकि डाउन स्ट्रीम वाले एरिया में आने वाले गांव में लोग बेवजह न घूमे और घरों की तरफ दोबारा आने न लगे। भारी पुलिस बल भी लगाया गया है।धार में डैम के हालात देखते हुए सेना के जवान शुक्रवार देर रात करीब 2 बजे ही पहुंच गए थे, ऐसे में दिन रात डैम को बचाने का काम चल रहा है। ताकि एक बड़ी तबाही को रोका जा सके।



नदी में छोड़ा जाएगा पानी, ताकि डैम नहीं फूटे

डैम को फूटने से रोकने के लिए एनडीआरएफ और एसडीआएफ की टीम संयुक्त रूप से जुट गई है, यहां डैम से चेनल बनाया जा रहा है, ताकि डैम से पानी को कारम नदी में छोड़ा जा सके, डैम का पानी नदी में जाने से डैम पर पानी का प्रेशर कम हो जाएगा, इससे डैम को फूटने से भी बचाया जा सकेगा, इसके बाद डैम की मरम्मत का काम भी शुरू हो जाएगा।


10 हजार लोगों को सुरक्षित स्थानों पर भेजा

धार के धरमपुरी ब्लॉक में 303.44 करोड़ रुपए से बना बांध पहली बारिश में ही दरक गया। मामला भारूड़पुरा घाट के कोठिदा में कारम नदी पर बने डैम का है। इस बांध का अभी 70 फीसदी निर्माण पूरा हुआ है। पूरा बनने से पहले ही घटिया निर्माण की पोल खुल गई। सुरक्षा के मद्देनजर बांध के आसपास के 15 गांवों को अलर्ट कर 9 गांवों को खाली करा लिया गया है। 10 हजार लोगों को सुरक्षित स्थानों पर भेजा है।


डैम को खाली करने दीवार को बीच से काट दिया

शुक्रवार सुबह दो स्थानों पर पानी का रिसाव बढ़नेे और मिट्टी धंसने का सिलसिला शुरू हुआ। डैम को खाली करने दीवार को बीच से काट दिया गया है, जिससे पानी सीधे नर्मदा नदी में चली जाए। दरअसल, 15 अगस्त को भारी बारिश की चेतावनी के बाद सरकार अलर्ट मोड पर है। भोपाल से मॉनीटरिंग की जा रही है। एयरफोर्स के दो हेलीकॉप्टर और आर्मी की एक कंपनी को रिजर्व रखा है। घटना की जांच के आदेश दिए गए हैं। मौके पर धार, खरगोन और खंडवा के एसपी व कलेक्टरों को तैनात किया है।


मीटर से ज्यादा है बांध की ऊंचाई

डैम फूटने की आशंका के चलते 18 गांव खाली करवाए गए। खरगोन के कुछ गांव भी खाली करवाए गए हैं। लोगों की आंखों में घर छोड़नेे का दर्द था। । इन गांवों को करवाया गया खाली डैम के निचले हिस्से में बसे जहांगीरपुरा , कोठीदा , भारुड़पूरा , इमलीपुरा , भांडाखो , दुगनी , डेहरिया , सिमराली , सिरसोदिया , डहीवर , लसनगांव , हनुमंतिया समेत धार जिले के 12 गांवों को खाली करवाया गया है । वहीं , खरगोन जिले के 6 गांवों जलकोटा , बड़वी , नयापुरा , काकरिया , मेलखेड़ी , मोयदा को रात में खाली करवा लिया गया है ।


200 जवान मौके पर, सेना ने संभाला मोर्चा

डैम को फूटने से बचाने के लिए सेना ने मोर्चा संभाल लिया है। 200 जवान रात 2 बजे मौके पर पहुंच गए हैं।इनमें सेना की इंजीनियरिंग विंग के 40 जवान और अफसर शामिल हैं। एनडीआरएफ के डीजी ने मध्यप्रदेश के एसीएस होम राजेश राजौरा को बताया कि एनडीआरएफ की अतिरिक्त टीम (सूरत, वड़ोदरा, दिल्ली और भोपाल से एक-एक टीम) भी मौके के लिए रवाना कर दी गई है। हर टीम में 30-35 ट्रेंड जवान हैं। इंदौर संभाग और धार जिले के सभी संबंधित उच्च अधिकारी रात में धामनोद और बांध साइड पर ही रुकेंगे और बचाव कार्य का सतत निगरानी करेंगे।




जांच कमेटी गठित 

जल संसाधन मंत्री तुलसीराम सिलावट ने बताया , विशेषज्ञों की जांच समिति गठित कर दी गई है । जल्द रिपोर्ट देने के लिए कहा गया है । लापरवाही पाए जाने पर दोषियों पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी । रातभर बांध के बाईं तरफ पहाड़ से करीब पानी निकालने के लिए खुदाई होती रही । काम जारी है । स्थिति नियंत्रण में है । मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान के निर्देश पर यहां कैंप किए हुए हैं । संभागायुक्त डॉक्टर पवन शर्मा ने आई जी राकेश गुप्ता कलेक्टर पंकज जैन ,एसपी आदित्यप्रताप सिंह कलेक्टर खरगोन श्रीकुमार पुरुषोत्तम एसपी धर्मवीर सिंह, एसडीएम दिव्या पटेल और दूसरे अधिकारियो भी मौके पर मौजूद होकर स्थिति नियंत्रण में कर रहे।


कांग्रेस ने भी बनाई जांच कमेटी 

बांध की जांच के लिए कांग्रेस ने जांच कमेटी गठित की है । इसमें धार अध्यक्ष बालमुकुंद सिंह गौतम , गंधवानी विधायक उमंग सिंगार , कुक्षी विधायक सुरेंद्रसिंह हनी बघेल , इंदौर विधायक संजय शुक्ला , देपालपुर विधायक विशाल सरदारपुरा विधायक प्रताप ग्रेवाल , धरमपुरी विधायक प्राचीलाल मेडा , मनावर विधायक डॉ . हीरा अलावा शामिल हैं कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष कमलनाथ ने कमेटी बनाकर जल्द रिपोर्ट देने का कहा वही आज जिलाध्यक्ष बालमुकुंद गौतम व विधायक उमंग सिंगार मौके पर पहुंचकर स्थिति देखी है ।

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