सेवानिवृत्त होने वाले कर्मचारियों को नहीं लगाया जाएगा ड्यूटी में मतदान कर्मियों की नियुक्ति के संबंध में दिशा निर्देश

आशीष यादव, धार

पंचायत चुनाव की तारीख तय होती ही बैठकों के दौर शुरू हो गए वही शांति पूर्ण तरीके से चुनाव करवाने के लिए दिशा निदेश के लिए बैठके हो रहे त्रिस्तरीय पंचायतों के आम निर्वाचन वर्ष हेतु मतदान कर्मियों की नियुक्ति करने के संबंध में राज्य निर्वाचन आयोग के द्वारा आवश्यक दिशा निर्देश जारी किए गए हैं साथ ही पीठासीन अधिकारी के लिए जारी पुस्तिका का बारीकी से अध्ययन कर दिशानिर्देशों का क्रियान्वयन मतदान केंद्रों पर अनिवार्य रूप से कराए जाने के निर्देश प्रसारित किए गए हैं। मतदान अधिकारियों के कर्तव्यों का विवरण पीठासीन अधिकारियों के लिए मार्गदर्शिका के अध्याय-6 में दिया गया है, जो मतपत्र साथ होने वाले निर्वाचन की दृष्टि से दिये गये हैं। वर्तमान में त्रिस्तरीय पंचायतों के आम निर्वाचनों में (समस्त पदों के निर्वाचन) मतपत्र/मतपेटी से ही सम्पन्न कराये जा रहे हैं, इन परिस्थितियों में मतदान प्रक्रिया के सुव्यवस्थित और दक्षता पूर्ण संचालन के लिए विभिन्न मतदान अधिकारियों को निम्नानुसार कार्य सौंपा जाएंगे - मतदान अधिकारी क्रमांक-1 (मतदाता सूची एवं अमिट स्याही का प्रभारी) इसके दायित्व वही होंगे, जैसे की पीठासीन अधिकारियों के लिए मार्गदर्शिका के अध्याय-6 में वर्णित किये गये हैं। मतदान अधिकारी क्रमांक- 2 (पंच एवं सरपंच पद के मतपत्रों का प्रभारी) यह अधिकारी मतदाता को मतपत्र प्रदान करेगा। पंचायतों के आम निर्वाचन में मतदाता को पहले, पंच और सरपंच पद के लिए (क्रमशः सफेद और नीले रंग के) मतपत्र दिये जायेंगे। इस अधिकारी को यह सावधानी रखनी होगी कि मतदाता को पंच पद हेतु उसी वार्ड से सम्बंधित मतपत्र दिया जाये, जिस वार्ड की मतदाता सूची में उसका नाम अंकित है। यह अधिकारी मतदाता सूची में अंकित मतदाता का अनुक्रमांक, पंच पद के लिए उसे दिये गये मतपत्र के प्रतिपर्ण पर दर्ज करेगा और प्रतिपर्ण पर मतदाता के हस्ताक्षर या अंगूठा निशान लेगा। यही अधिकारी मतदाता को सरपंच पद के लिए मतपत्र देगा और प्रतिपर्ण पर मतदाता सूची अनुसार उसका अनुक्रमांक पुनः दर्ज करेगा और प्रतिपर्ण पर मतदाता के हस्ताक्षर या अंगूठा निशान लेगा। इसके बाद यह अधिकारी मतदाता को मोड़कर मतपत्र देगा और साथ में, मत अंकित करने के लिए घूमते हुए तीरों वाली रबर की मोहर स्याही लगाकर देगा। मतदान अधिकारी क्रमांक-3 (जनपद एवं जिला पंचायत सदस्य पद के मतपत्र का प्रभारी) इस अधिकारी का कार्य मतदान अधिकारी क्रमांक-2 के समान ही है। अंतर केवल इतना है कि यह अधिकारी मतदाता को जनपद पंचायत सदस्य के लिए (पीले रंग का) मतपत्र तथा जिला पंचायत सदस्य पद के लिए (गुलाबी रंग का) मतपत्र देगा। यह अधिकारी भी मतदान अधिकारी क्रमांक-2 की भाति ही प्रत्येक जारी किये गये मतपत्र के प्रतिपर्ण पर मतदाता का अनुक्रमांक दर्ज करेगा और प्रतिपर्ण पर हस्ताक्षर या अंगूठा निशानी लेगा। मतदान अधिकारी क्रमांक-4 (मतपेटी का प्रभारी) मतपेटी से निर्वाचन कराये जाने की स्थिति में मतदान अधिकारी क्रमांक-4 का दायित्व अपेक्षाकृत आसान होता है। इसे मतपेटी पर सतत् निगाह रखनी होती है तथा यह देखना होता है कि मतदाता, मत अंकित करने के पश्चात, मतपत्र मतपेटी में ही डाले। यह अधिकारी बीच-बीच में पुशर की सहायता से मतपेटी में डाले गये मतपत्रों को अंदर भी ढकेलता रहता है, ताकि मतपेटी की पूरी क्षमता का उपयोग हो सके।यह कार्य मात्र सतत् निगरानी का कार्य है, विशेष परिस्थितियों में (जब मतदान दल का गठन पीठासीन अधिकारी एवं तीन मतदान अधिकारियों के बीच किया जाये) यह दायित्व एवं निरीक्षण पीठासीन अधिकारी स्वयं कर सकता है। आयोग द्वारा यह भी स्पष्ट किया जाता है कि मतदान दल में यदि मतदान अधिकारी क्रमांक 04 नियोजित किया जाता है तो इस हेतु सामान्यतः एक चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी की नियुक्ति की जायें। इस संबंध में रिटर्निंग ऑफिसरो के लिए हस्त है


मतदान दलों में इन्हें शामिल नहीं करने के निर्देश

राज्य निर्वाचन आयोग द्वारा त्रि-स्तरीय पंचायत आम निर्वाचन को सम्पन्न कराए जाने हेतु मतदानकर्मियों के संबंध में आवश्यक दायित्व संबंधी दिशा निर्देश प्रसारित किए गए है जिसमें कंडिका नम्बर नौ में उल्लेखित है कि ऐसे कर्मचारी जिनकी सेवानिवृत्ति में छह माह या उससे कम समय अवधि शेष हो इस प्रकार के सभी कर्मचारियों को मतदान दल में शामिल नहीं किया जाए। इस प्रकार के कर्मचारियों से निर्वाचन संबंधी अन्य कार्य संपादित कराए जा सकते है।


बिजली बिल बकाया नहीं होने का देना होगा अदेय प्रमाण-पत्र

पंचायत निर्वाचन के तहत जिला पंचायत सदस्य, जनपद पंचायत सदस्य, सरपंच और पंच पद के अभ्यर्थियों को नाम निर्देशन-पत्र के साथ, बिजली बिल बकाया नहीं होने और जिला तथा जनपद पंचायत और ग्राम पंचायत में बकाया नहीं होने के संबंध में अदेय प्रमाण-पत्र देना होगा। आरक्षित वर्ग का सदस्य होने की दशा में मध्यप्रदेश शासन के सक्षम अधिकारी द्वारा जारी जाति प्रमाण-पत्र भी देना होगा। यह जानकारी संवीक्षा की नियत तारीख एवं समय के पहले देना जरूरी है।

अभ्यर्थियों को आपराधिक रिकार्ड, आपत्तियों, दायित्वों और शैक्षणिक योग्यता के संबंध में भी शपथ-पत्र, घोषणा-पत्र देना होगा। जिला पंचायत सदस्य, जनपद पंचायत सदस्य और सरपंच पद के अभ्यर्थियों को शपथ-पत्र में स्वयं, पति, पत्नी और आश्रितों की आयकर विवरणी में दर्शित कुल आय, चल-अचल संपत्ति का विवरण, सार्वजनिक एवं वित्तीय संस्थाओं और सरकार के प्रति देनदारियों का ब्यौरा देना होगा। अभ्यर्थी को पंचायत तथा किसी शासकीय भूमि पर अतिक्रमण और शौचालय के संबंध में भी शपथ-पत्र देना होगा।


चुनाव मोबाइल एप उपयोगी

निर्वाचन आयोग द्वारा नगरीय निकाय एवं त्रिस्तरीय पंचायतों के निर्वाचन के लिए मतदाताओं की सुविधा के दृष्टिगत चुनाव मोबाइल एप बनाया गया है। इस एप के माध्यम से मतदाता सूची में नाम सर्च करना, अभ्यर्थी की जानकारी एवं चुनाव परिणाम की जानकारी प्राप्त की जा सकती है। एप पर अभ्यर्थी की जानकारी एवं चुनाव परिणाम की जानकारी निर्वाचन प्रचलन होने पर देखी जा सकेगी। चुनाव मोबाइल एप को आयोग की बेवसाईट एवं गूगल प्ले स्टोर से डाउनलोड किया जा सकता है। यह एप एंड्राइड प्लेटफार्म पर ही रन होगा। 




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