कालीदास अकादमी द्वारा आयोजीत भोज उत्सव कल सम्पन्न हुआ

आशीष यादव, धार

प्रतिवर्षानुसार इस वर्ष भी कालीदास अकादमी द्वारा एवं महाराजा भोज फाउंडेशन के सहकार से भोज उत्सव का आयोजन हुआ धार के राजाभोज उद्यान परिसर में आयोजित किया गया , जिसके मुख्य अतिथी पुर्व केंद्रीय मंत्री विक्रम जी वर्मा थे , जबकी सारस्वत अतिथी केदारनाथ शुक्ल , विशेष अतिथी धार नगर पालिका उपाध्यक्ष कालीचरण सोनवानिया रहे एक दिवसीय इस कार्यक्रम में सांस्कृतिक प्रस्तुयां नुपुर कला मंदिर द्वारा प्रस्तुत कि गई जिसमें ठुमरी , आसा है देखो बसंत , नर्मदाष्टक , ठुमक चलत रामचंद्र आदि प्रस्तुतियों ने समा बांध दिया , साथ ही उज्जैन की संस्था श्री सिद्ध लोक कृति सांस्कृतिक संस्कार द्वारा लोक गीतों की प्रस्तुति की गई . दोनों संस्था की संचालिका मति वैशाली देशमुख और मति स्वाति सेन को श्री विक्रम वर्मा द्वारा सम्मानित किया गया , इसके पुर्व कार्यक्रम के मुख्य अतिथी विक्रम वर्मा ने अपने ओज पुर्ण उद्बोधन में राजा भोज के जीवन पर प्रकाश डालते हुए कहा की , राजा भोज शस्त्र और शास्त्र दोनों में पारंगत थे एसे राजा बहुत कम हुए है जिन्होने सभी समाज को प्रभावीत करने वाले समस्त विषयों पर कार्य किया , राजा कैसा हो , राज्य कैसा हो और राजनिती कैसी हो इन विषयों पर राजा भोज ने मापदंड स्थापित किए हैं वे अद्भुत है , साहित्य , कला , वास्तु , जल संरचना , सुव्यवस्थित नगर की कल्पना करना और उसे साकार करना यह राजा भोज ने अपने जीवन काल में ही करके दिखाया था , अपनी संस्कृती का संरक्षण हो या उसका प्रसार हो दोनों ही कार्य भोज ने किए , उन्होने भोज उत्सव का महत्व बताते हुए कहा की आज की पिढी़ को राजा भोज के बारे मे बताने का यह उत्तम माध्यम है ,

कार्यक्रम के सारस्वत अतिथी केदारनाथ जी शुक्ल ने कहा की यह कार्यक्रम भोज के जीवन पर आधारित है , उनके साहित्य वास्तु आदि विषयों पर शोध करने वाले विद्वानों को अपने शोध की जानकारी समाज को ज्ञात हो उसके लिए यह सर्वोत्तम माध्यम हो , राजा भोज ने अनेकों ग्रंथों की रचना की , उनका एक एक ग्रंथ उनके एक एक मंत्रालय के समान था , भोज का शासन एसे संक्रमण काल में हुआ था जब उनके काल के एक हजार वर्ष पुर्व राजा विक्रमादित्य द्वारा स्थापित आदर्श राजा के स्थापित लक्षणों को पुनर्स्थापित करने का कार्य राजा भोज द्वारा किया गया , और भोज के एक हजार वर्ष पश्चात् भी उनके ग्रंथ , शोध और स्थापित आदर्श आज भी प्रासंगिक है , वे आज भी मार्गदर्शन करते है ,

कार्यक्रम में विक्रम वर्मा का स्वागत कालिदास अकादमी के निदेशक संतोष जी पंड्या ने किया , सारस्वत अतिथी श्री केदारनाथ शुक्ल जी का स्वागत रामअवतार गोमे ने किया , कालीचरण जी सोनवानिया का स्वागत महाराजा भोज फाउंजेशन के राजेश जी गुप्ता ने किया , कालीदास अकादमी के निदेशक संतोष जी पंड्या का स्वागत महाराजा भोज फाउंडेशन के अध्यक्ष दिपक बिड़कर ने किया , आभार निलेश जी व्यास ने व्यक्त किया , इस अवसर पर नगर के गणमान्य नागरिक उपस्थित थे। 



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