डॉ. बी. आर. अम्बेडकर सामाजिक विज्ञान विवि एवं डॉ. बी. आर. अम्बेडकर राष्ट्रीय विधि विवि के बीच किया गया एमओयू

शैक्षिक, अकादमिक और शोध की गतिविधि बढ़ाता है सहभागिता अनुबंध : कुलपति  

डॉ. बी.आर. अम्बेडकर राष्ट्रीय विधि विश्वविद्यालय, सोनीपत और डॉ .बी.आर. अम्बेडकर सामाजिक विज्ञान विश्वविद्यालय, महू का हुआ सहभागिता अनुबंध
महू। जेंडर और कानून विषय पर बोलते हुए डॉ. बी. आर. अम्बेडकर राष्ट्रीय विधि विश्वविद्यालय सोनीपत, हरियाणा की कुलपति प्रो. विनय कपूर मेहरा ने कहा कि सभी कुछ कानून से नहीं हो सकता है हमें जेंडर समानता के लिए मानसिकता और पाठ्यक्रम में परिवर्तन करना पड़ेगा। आज व्यक्ति केंद्रित समाज हो गया है जबकि हमेशा परिवार और समाज केंद्र में होना चाहिए। कानून आज भौतिक आवश्यकता पर ही शिक्षा जोर दे रहा है जबकि संवैधानिक विशेष प्रावधानों से सामाजिक, आर्थिक, राजनीतिक, सशक्तिकारण की स्त्री के पक्ष में अधिक आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि कानून के दुरुपयोग की भी खबर आती है लेकिन हमें सशक्तिकरण पर ज्यादा जोर देने कि आवश्यकता है। परंपरा ने तो स्त्री को दुर्गा, लक्ष्मी, सरस्वती के रूप में भगवान के स्थान पर रखा था, आज उसे पुर्न प्रतिष्ठित करने की आवश्यकता है।
उससे पूर्व दोनों अम्बेडकर वि.वि. डॉ. बी. आर. अम्बेडकर सामाजिक विश्वविद्यालय महू और डॉ. बी. आर. अम्बेडकर राष्ट्रीय विधि विश्वविद्यालय सोनीपत के रूप में दोनों कुलपतियों ने संस्थागत सहभागिता अनुबंध पर हस्ताक्षर कर शैक्षिक, अकादमिक और शोध पर परस्पर  सह भागिता को सुनिश्चित किया।
विशेष व्याख्यान ‘जेंडर और कानून’ की अध्यक्षता करते हुए ब्राउस, महू कुलपति की प्रो. आशा शुक्ला ने कहा कि प्रो.विनय कपूर मेहरा जेंडर के मुद्दों को कानून की दृष्टि से देखती हैं और मैं सामाजिक दृष्टिकोण से देखती हूँ। उन्होंने कहा कि प्रो. विनय कपूर मेहरा डॉ बी आर अम्बेडकर राष्टीय विधि विश्वविद्यालय की पहली कुलपति हैं, उन्होंने अल्पकाल में ही अत्यधिक परिश्रम कर विश्वविद्यालय का  का  छवि निर्माण किया हैं। कुलपति आशा शुक्ला ने प्रो. विनय कपूर मेहरा का शाल-श्रीफल देकर सम्मान करते हुए डॉ अम्बेडकर विश्वविद्यालय का प्रतीक भेंट किया। अनुबंधन और व्याख्यान के पहले अधिष्ठाता प्रो. डी. के. वर्मा ने विश्वविद्यालय का परिचय और शिक्षा अध्ययन शाला की अधिष्ठाता डॉ. मनीषा सक्सेना ने अतिथि अतिथि स्वागत वक्तव्य दिया साथ ही ब्राउस के रजिस्ट्रार डॉ अजय वर्मा ने धन्यवाद ज्ञापन दिया। कार्यक्रम का संचालन डॉ. मनोज कुमार गुप्ता ने किया। इस अवसर पर सभी शिक्षकगण मौजूद रहे।