वैक्सीन से जुड़ी सटीक जानकारी के लिए डॉ राजेश लेखी का खास साक्षात्कार आप ज़रूर पढ़े

एक तरफ तो जहां देश भर में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा मुफ्त वेक्सिनेशन का कार्य किया जा रहा है तो वहीं दूसरी ओर 45 वर्ष से अधिक एवं 18 वर्ष से अधिक उम्र के नागरिकों के लिए वेक्सिनेशन को दो भागों में विभाजित किया गया है। लेकिन इस बीच कई सवाल भी आम नागरिकों के मन में उठ रहे है जिसके जवाब के लिए हमारे संवाददाता द्वारा एक साक्षात्कार  वरिष्ठ चिकित्सक और कंसल्टेंट डॉ. राजेश लेखी से लिया गया जिसमें हमारे पाठकों के सवालों का जवाब काफी हद तक मिल सकता है । 


सवाल : डॉ साहब सोशल मीडिया के कई प्लेटफॉर्म्स पर वैक्सीन को लेकर दुष्प्रचार किया जा रहा है , इसे कैसे कंट्रोल कर सकते है इस पर आपका क्या कहना है …? 


उत्तर : सोशल मीडिया पर भ्रामक प्रचार किया जा रहा है यह बिल्कुल सही बात है , क्योंकि इसका सबसे बड़ा कारण लोगो को गलत जानकारी के आए हुए मैसेज है जिन्हे बिना सोचे समझे कुछ लोग सिर्फ फॉरवर्ड कर रहे है और भ्रामक जानकारी देशद्रोहियों , विपक्षी नेताओं द्वारा एक एजेंडे कि तरह फैलाया जा रहा है इसे ध्यान ना दें मेरी यही अपील है । यह एक तरह का वैक्सीन के विरुद्ध आतंकवाद पैदा किया जा रहा है । वैक्सीन ही सुरक्षा है आप सभी लगवाएं ।


सवाल : नागरिकों को वेक्सिनेशन के बारे में सही एवं प्रामाणिक जानकारी प्रदान करना सरकार , राजनैतिक दलों एवं चिकित्सा विभाग की जिम्मेदारी है ?


उत्तर : देखिए हमारे देश में 130 करोड़ से अधिक की जनसंख्या है हो सकता है शायद 150 करोड़ हो गए हो तो इसमें से 80 प्रतिशत लोग ग्रामीण क्षेत्र के लोग है  जो शायद सही जानकारी से काफी दूर होते है । जो लोग पढ़े लिखे कम है वो अफवाहों में आ जाते है उसके लिए हमें एक होकर सरकार , राजनीतिक दल एवं चिकित्सा विभाग को सभी तरह कि भ्रांतियां करनी होगी।  जानकारी का अभाव ही कहेंगे की ग्रामीण इलाकों में वैक्सीन लगाने के लिए गए स्टाफ पर हमले होना , लोगों का घरों में ताला लगाकर भागना कई समस्याएं हो रही है इन्हे दूर करना अतिआवश्यक है । 

                                                           एक बात जो काफी स्पष्ट है कि केंद्र सरकार ने जहां राज्यों को मुफ्त वैक्सीन उपलब्ध करा रही है तो फिर यह राज्यों कि जिम्मेदारी भी बनती है कि वह जागरूकता से लेकर सावधानी तक बरते। 


सवाल : हमारे पास जनता से कुछ सवाल आए है जिन्हे हम आपसे पूछना चाहते है जिनमे से यह कि 


1)!; क्या वैक्सीन लगाने से मुझे कुछ नुकसान हो सकता है जैसे कोरोना होना या फिर मृत्यु…? 


जवाब : कोरोना से बचने के लिए एकमात्र उपाय है वैक्सीन लगवाना , हाल ही में कई सर्वे कंपनियों ने सर्वे किया और उसमे पाया कि जितने लोगों को वैक्सीन लगी उनमें से कोरोना से मृत्यु दर मात्र 1 प्रतिशत है जिसे नेशनल मीडिया ने भी दिखाया है । यह बात यही खत्म होती है की वैक्सीन से कोई नुकसान है ।  आप अगर वैक्सीन लगवा रहे है तो आप माने की आपने खुद को व अपने परिवार को सुरक्षित कर लिया। हमारे देश के वैज्ञानिकों ने रात दिन मेहनत करके वैक्सीन्स का निर्माण किया है जो आज पूरे विश्व में प्रसिद्ध हो चुकी है ।


सवाल : वैक्सीन लगाने से मुझे क्या क्या नुकसान हो सकता है और होने वाले नुकसान से बचने के लिए क्या उपाय किए जा सकते है ? 


उत्तर : वैक्सीन लगवाने से आपका जीवन कोरोना वायरस से बचेगा लेकिन वैक्सीनेशन के बाद कुछ तकलीफें भी आपमें दिखेगी जैसे बुखार आना , हांथ लगने वाली वैक्सीन में सूजन और दर्द होना , कोरोना

जैसे हल्के लक्षण जैसे सर्दी खांसी इत्यादि हो सकती है इससे घबराने के बजाय डॉक्टर से सलाह लेकर संबंधित मेडिसिन लिया जा सकता है।


सवाल :  वैक्सीन के पहले डोज के बाद क्या कोरोना से   सुरक्षित हो सकते है ? 


जवाब : नहीं वैक्सीन के पहले डोज लगने से शरीर में इम्यूनिटी बनना शुरू होती है लेकिन दूसरे बूस्टर डोज के बाद ही पूरी इम्यूनिटी बनती है । दुनियां भर की अलग अलग वैक्सीन अलग अलग सुरक्षा देती है । हालांकि वैक्सीन के दोनों डोज के बाद हमारा शरीर कोरोना से लडने के लिए तैयार रहता है एवं साधारण लक्षण में ही कोरोना खत्म हो सकता है । इसीलिए वैक्सीन का दोनों तय समय पर ले एवं एहतियात के तौर पर मास्क लगाएं , सोशल डिस्टेंसिंग का पालन करते रहे। 


सवाल : जैसा कि अंदेशा लगाया जा रहा है कोरोना की तीसरी लहर बच्चो के लिए काफी घातक है तो क्या हमारे देश में ऐसी कोई व्यवस्था बन सकी की बच्चो को इससे सुरक्षित किया जा सके ? 


उत्तर : हमारी सरकार हमारे देश के वैज्ञानिक एवं वैक्सीन बनाने वाली कंपनियों ने 18 साल से कम उम्र के बच्चों के लिए वैक्सीन ट्रायल शुरू कर दिया है जिसके परिणाम बहुत जल्द प्रामाणिक रूप से उपलब्ध हो जायेगे , जैसे ही कोई सफलता हांथ लगेगी सरकार ज़रूर इसके बारे में बेहतर कदम उठाएगी।



सवाल : क्या लगता है दिसंबर 2021 तक पूरे देश में वेक्सीनशन का कार्य पूर्ण हो जाएगा ? 

 

उत्तर :  प्रधानमंत्री जी द्वारा राष्ट्र के नाम संदेश दिया गया है कि दिसंबर 2021 तक पूरे देश में पूरी वैक्सीन की डोज उपलब्ध करा दी जाएगी , अब राज्य सरकारों की जिम्मेदारी है कि 2021 तक सबको वैक्सीन लग जाए। "वैक्सीन लगवाने के लिए सरकार द्वारा सरकारी अस्पतालों , निजी अस्पतालों , और सामाजिक संस्थाओं के द्वारा संचालित केंद्रों से वैक्सीन लगवाई जा रही है " वेक्सिनेशन के लिए सरकार की अनूठी पहल भी की गई है ड्राइव इन वैक्सीन जहां आपको केंद्रों में लाइन लगाने के बजाय आप खुद की गाड़ी में जाकर लगवा सकते है । 

"लेकिन मेरी राय में सरकार को वैक्सीनेशन ओन व्हील का प्रस्ताव स्वीकार करना चाहिए एवं इस प्रस्ताव के तहत कई एंबुलेंस , मोबाइल वैन के जरिए वैक्सीन लेकर देश के ग्रामीण , रहवासी , शहरी प्रत्येक क्षेत्र में जाकर वैक्सीन लगवाई जानी चाहिए जिससे कि वेक्सिनेशन अभियान में कम समय में बहुत तेजी लाई जा सकती है।" 

"सरकार के पास सरकारी एंबुलेंस की भरमार है , कई इंडस्ट्रीज और सामाजिक धार्मिक संस्थाओं के पास भी एंबुलेंस उपलब्ध है इस सबको सरकार द्वारा अधिकग्रहित कर इसे मोबाइल वेक्सिनेशन के रूप में तयार कर लोगों के घरों तक पहुंचना चाहिए । सरकार को इस पर विचार करना चाहिए । 


धार कलेक्टर को डॉक्टर लेखी का प्रस्ताव , जल्द शुरू हो वेक्सिनेशन ऑन व्हील ।


बताते चले पीथमपुर औद्योगिक क्षेत्र और ग्रामीण क्षेत्रों के लिए वैक्सीनेशन ऑन व्हील का प्रस्ताव पीथमपुर के वरिष्ठ चिकित्सक डॉ राजेश लेखी ने एक आवेदन के माध्यम से धार जिला कलेक्टर , बीएमओ एवं सीएचएमओ से किया है । डॉक्टर लेखी ने बताया कि तीसरी लहर से पहले वेक्सिनेशन का काम तीव्रता से शुरू करना है इसके लिए अधिक आवश्यक है कि जो जहां हो वहीं वैक्सीन लगवाई जाए। 


हालांकि डॉ लेखी ने अपनी तरफ से मुफ्त सेवाएं भी पीथमपुर क्षेत्र में अपने इस कॉन्सेप्ट के जरिए दी है जिनमे से निशुल्क ए सी एंबुलेंस जो कि अत्याधुनिक एवं सभी सुविधाओं से लैस है । वेक्सिनेशन हेतु ड्राईवर एवं स्टाफ , एंबुलेंस में आवश्यक उपकरण इमरजेंसी मेडिसिन फ्रीज मल्टी पेरा मॉनिटर , सेनेटाईजर , मास्क , ग्लब्स , प्पीई कीट , गाउन इत्यादि सुविधाओं के साथ एंबुलेंस देने की बात कही।