ओंकारेश्वर में भी मना माँ नर्मदा का जन्मोत्सव -ललित दुबे

 ओकारेश्वर ( ललित दुबे ) मां नर्मदा का जन्मोत्सव दोपहर 12:00 बजे घाटों पर वैदिक ब्राह्मणों के गगनभेदी मंत्रोचार के साथ पूजन अभिषेक होगा शाम महा काकड़ आरती का विहंगम दृश्य अनेक आंखें निहारेगी पर्व को लेकर जहां एक और प्रशासन द्वारा तैयारी की है तो वहीं इंद्रदेव ने भी वर्षा कर जन्मोत्सव मनाने की तैयारी कर ली है पुण्य सलिला मां नर्मदा के तट ज्योतिर्लिंग ओंकारेश्वर में नर्मदा जयंती महोत्सव के मुख्य दिन 19 फरवरी शुक्रवार नर्मदा जी का जन्मोत्सव नर्मदा के किनारे घाट पर नर्मदा प्रेमी नर्मदा युवा संगठन एवं संत महात्मा वह आम जनमानस द्वारा भव्यता के साथ मनाए जाने की तैयारी पूर्ण हो चुकी है धार्मिक नगरी नर्मदा जी के जयघोष से गूंजने लगी है वरिष्ठ अधिकारियों के निर्देश पर पुनासा एसडीएम चंद्र सिंह सोलंकी .थाना प्रभारी शिवराम जामरे . तहसीलदार उदय मंडलोई ने व्यवस्थाओं की कमान संभालते हुए संपूर्ण व्यवस्थाओं की जिम्मेदारी अधीनस्थ अधिकारी कर्मचारियों को दी है व्यवस्थाओं को लेकर पुलिस अधीक्षक विवेक सिंह के निर्देश पर लगभग 400 पुलिस जवान ओकारेश्वर में व्यवस्थाओं के लिए पहुंच चुके हैं सीसीटीवी कैमरे से संपूर्ण क्षेत्र में निगरानी रखी जाएगी नगर परिषद द्वारा घाटों पर साफ-सफाई विद्युत व अन्य व्यवस्थाएं की जा रही है घाटों पर किसी प्रकार अव्यवस्था ना फैले बल तैनात किया जा रहा है भक्तों से नर्मदा नदी में आटे के दीपक दीपदान करने की अपील नर्मदा के भक्त जनों ने की है इसी प्रकार खेड़ी घाट मोरटक्का में भी प्रशासन द्वारा माकूल व्यवस्थाओं के इंतजाम किए गए हैं। पुनासा एसडीएम ने कहा पर्व के दौरान यातायात व्यवस्था घाटों पर नौका संचालन पूरी तरह बंद रहेगा संपूर्ण क्षेत्र में व्यवस्थाओं के दायित्व सौंप दिए गए हैं। श्रीजी ज्योतिर्लिंग मंदिर संस्थान सहायक कार्यपालन अधिकारी अशोक महाजन ने बताया कि ओकारेश्वर आने वाले श्रद्धालुओं को अच्छे से दर्शन हो इस हेतु कर्मचारी अधिकारियों को व्यवस्थाओं के दायित्व दिए गए हैं मुख्य दिवस आज 12 बजे नर्मदा जी का जन्मोत्सव घाटों पर मनाया जाएगा 251 से मां का दूध से अमृता अभिषेक गगनभेदी मंत्रोच्चार के साथ ब्राह्मणों द्वारा किया जाएगा मां को चुनरी उड़ाई जाएगी इंदौर के केसरीमल जी जैन नर्मदा माई द्वारा मां को पेरणी की जाएगी भव्य शोभायात्रा के साथ भक्त नर्मदा के तट पर पहुंचेंगे शाम को नर्मदा जी की आरती पूजन परिषद ओंकार पर्वत पर महा काकड़ आरती का विहंगम दृश्य असंख्य आंखें निहारे गी यह दृश्य ऐसा प्रतीत होता है जैसे स्वर्ग से स्वयं देवी देवता ओंकारेश्वर की धरती पर आकर मानो मां नर्मदा का जन्म उत्सव मना रहे हैं