श्राद्ध पक्ष में पितरों के तर्पण के लिए ओंकारेश्वर आ रहे हैं श्रद्धालु

ओकारेश्वर ( ललित दुबे ) धार्मिक नगरी ओकारेश्वर में गणेश विसर्जन के बाद 16 श्राद्ध का 16 दिवसीय श्राद्ध पक्ष कार्यक्रम आरंभ हो गया है नर्मदा के घाटों पर पितरों के मोक्ष एवं शांति के लिए तर्पण इत्यादि का क्रम प्रारंभ हो गया है ओकारेश्वर बांध परियोजना के निकट गया शिला नामक अति प्राचीन स्थान पर भी पंडित धर्मेंद्र पाठक के द्वारा तर्पण नारायण नागबली व पितरों की शांति के लिए संपूर्ण कार्य किए जा रहे हैं यही कर्म नर्मदा के पवित्र तट जहां ज्योतिर्लिंग भगवान ओकारेश्वर स्वयं विराजमान हो ऐसे पवित्र स्थान पर 16 श्राद्ध में पितरों का तर्पण करने से पितरों को मोक्ष की प्राप्ति होती है और हमें उनका आशीर्वाद मिलता है नर्मदा नदी में अभी भी वर्षा ऋतु में 2000 क्यूमेक्स पानी निरंतर बह रहा है नर्मदा तट पर 16 श्राद्ध में 16 दिवस पितरों की शांति के लिए तर्पण कर्म नर्मदा तट पर किया जा रहा है पंडित रुक मांगद शुक्ला ने कहा कि गंगा मैं स्नान एवं नर्मदा के दर्शन से मोक्ष की प्राप्ति होती है ऐसे पवित्र स्थान पर जो भी 16 श्राद्ध के इन दिनों में अपने पितरों के निमित्त कर्म करता है उन्हें किसी प्रकार कोई परेशानी नहीं होती है सदैव पितरों का आशीर्वाद बना रहता है पंडित अशोक उपाध्याय ने कहा हम बड़े भाग्यशाली हैं जो ऐसे पवित्र स्थान पर हमें अपने पूर्वजों के निमित्त 16 दिनों तक तट पर श्राद्ध पक्ष में तर्पण करने का अवसर मिल रहा है ओमकारेश्वर के निकट गया शीला नामक प्राचीन स्थान है यहां भी कौरव पांडवों ने अपने पूर्वजों के निमित्त श्राद्ध पक्ष में तर्पण किया था यहां बड़ी संख्या में लोग आकर तर्पण कर लाभ ले रहे हैं।



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