पंजाब में पकड़े गए खालिस्तान समर्थकों के पास मिली बुरहानपुर से गई पिस्तौल

*कश्मीर की आजादी का सपना देखने वाले अतांकियों के पास भी मिले थे निमाड़ से गए हथियार...!*


 


*सरकार के wait & watch के चक्कर में कहीं कट्टर इस्लाम+नक्सल + फंडिंग सपोर्ट मिशनरी टीम + खालिस्तानी सपोर्ट टीम का Apic सेंटर ना बन जाए निमाड़..?*


 


*दलितों को भी साधने का हो रहा है प्रयास..!*


 


*निमाड़ में इन सबकी खिचड़ी पकने की सुगबुगाहट..!*


 


*सरकार व एजेंसियों को क्या किसी बड़ी वारदात का इंतजार...?*


 


अनूप कुमार खुराना....


 


एमपी/खंडवा... मध्यप्रदेश का निमाड़ जिसमें खंडवा,बुरहानपुर खरगोन,बड़वानी शामिल है। निमाड़ मध्यभारत में भौगोलिक लिहाज से महत्वपूर्ण भूमिका रखता है। देश के दुश्मनों की इस क्षेत्र पर हमेशा तिरछी नजर रही है। इस क्षेत्र में देश के दुश्मनों को रॉ मेटेरियल एवं परिस्थितियां आसानी से उपलब्ध हो जाती हैं।इन चारों जिलों में देश विरोधी गतिविधियों को लेकर चारों जिलों में सैकड़ों गिरफ्तारियां पिछले दो दशकों में हो चुकी हैं । देश की सुरक्षा करने वाले विशेषज्ञों की माने तो इन 4 जिलों पर देश की सभी बड़ी एजेंसियों की नजर बनी रहती है। पिछले कुछ वर्षों में इन चारों जिलों में कट्टर इस्लाम की सोच रखने वाले,नक्सलवादी सोच,देश विरोधी गतिविधियों में शामिल मिशनरी सिस्टम से जुड़े कुछ लोग एवं खालिस्तान समर्थक सहित दलित समाज एवं आदिवासी समाज के कुछ कथित नेताओं के गठजोड़ की खिचड़ी की सुगबुगाहट देखी जा रही है..! इन सभी विचारधारा के लोगों का एक समूह लगातार इन चारों जिलों में एक्टिव है जो देश के सिस्टम विरोधी मानसिकता लिए,देश का नुकसान करने का इरादा लिए बड़ा प्लान बना रहा है,ऐसा प्रतीत होता है..! हालांकि सूत्रों की मानें तो इस संबंध में काम करने वाली सभी एजेंसियों की नजर इन पर बनी हुई है.! 


 


दरअसल सीएए कानून के पास होने के बाद देश के अलग-अलग इलाकों में इस कानून के खिलाफ प्रदर्शन हुए,इसमें निमाड़ भी शामिल है। इन प्रदर्शनों के दौरान देश में चल रहे इस गठबंधन के खुलकर सामने आने के बाद इन पर एजेंसियों की निगाहें टिक गई। CAA के विरोध में यह गठबंधन देशभर में एक्टिव दिखाई दिया और खुलकर सामने आया..! निमाड़ में भी कमोबेश यही स्थिति थी। निमाड़ में भी देश विरोधी इस गठबंधन की कई बैठकें हुई देश के सिस्टम विरोधी मानसिकता लिए लोग लगातार निमाड़ में एक्टिव दिखाई दिए.! सीएए कानून के विरोध की आड़ में उन्होंने अपने जैसी सोच रखने वाले लोगों का दायरा बढ़ाने के भरपूर प्रयास किए,खासकर दलित समाज के नेताओं को अपने साथ सम्मिलित करने का भरपूर प्रयास किया परंतु अच्छी बात यह रही कि दलित समाज के ज्यादातर तबके ने उनकी इस सोच को नकार दिया लेकिन कुछ लोग उनकी गिरफ्त में आ गए.! जो लगातार एजेंसियों के निशाने पर हैं सूत्रों की माने तो। पिछले कुछ समय से अचानक निमाड़ क्षेत्र के जंगली इलाकों में फारेस्ट एवं पुलिस अधिकारियों पर हमले की वारदात तेजी से बढ़ी है,जो यह स्पष्ट करने के लिए काफी है कि इन इलाकों में एक खास विचारधारा लिए टीम,इन इलाकों में इस तरह की गतिविधि कराने के लिए तेजी से काम कर रही है और काफी हद तक कामयाब भी हो रही है। इसका उदाहरण फॉरेस्ट एवं पुलिस अधिकारियों पर,जंगल क्षेत्र में बड़े हमले हैं। कट्टर इस्लाम की सोच रखने वाला एक बड़ा धड़ा इस क्षेत्र में लगातार सक्रिय है,जिस के संबंध में समय-समय पर गिरफ्तारियां भी होती रही है। निमाड़ क्षेत्र में समाज सेवा करने वाले मिशनरी समुदाय से जुड़े समाज सेवी संगठन एवं लोग सक्रिय हैं परंतु इस सिस्टम से जुड़े कुछ लोग देश विरोधी मानसिकता रखने वाले लोगों एवं समुदाय की मदद कर रहे हैं..! हालांकि मिशनरी समुदाय से जुड़े ज्यादातर समाजसेवी संगठन चैरिटी का काम कर रहे हैं लेकिन इनमें से कुछ लोग देश विरोधी मानसिकता के साथ लगातार संपर्क में हैं..! सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार इनका काम बैक एंड पर रहकर देश विरोधी मानसिकता रखने वाले लोगों को फंडिंग उपलब्ध कराना है। वहीं पिछले कुछ वर्षों में पंजाब को अलग देश बनाने का सपना देखने वाले खालिस्तान समर्थकों खासकर विदेश में बैठे लोगों द्वारा निमाड़ के सिकलीगरों एवं समुदाय से जुड़े लोगों को अपने साथ शामिल करने का असफल प्रयास किया जा रहा है लेकिन उनके द्वारा बनाए गए हथियार जरूर लगातार देश के अलग-अलग हिस्सों में देश के दुश्मनों के पास बरामद हो रहे हैं...! इस गठबंधन का पहले से ही स्थापित मजबूत नेटवर्क सेंटर केरल में है,जो इस गठबंधन को देशभर में स्थापित कराने का लगातार प्रयास कर रहा है,निमाड़ का भी पिछले कुछ समय के दौरान डिवेलप हुआ यह गठबंधन केरल सहित अन्य राज्यों के संपर्क में हैं सूत्रों की माने तो । 


 


देशभर सहित निमाड़ में डिवेलप हो रहे इस गठबंधन पर एजेंसियों की नजर तो है पर सरकार हो अथवा एजेंसियां हो वेट एंड वॉच की सिचुएशन में है..! ऐसे में सवाल यह उठता है कि गठबंधन पर वेट एंड वॉच की स्थिति के चलते निमाड़ इस गठबंधन का मध्य भारत का एपिक सेंटर ना बन जाए ? दूसरा बड़ा सवाल यह है कि सरकार और एजेंसियां क्या किसी बड़ी वारदात का इंतजार कर रही हैं..? तीसरा बड़ा सवाल यह है कि निमाड़ के सिकलिगरों द्वारा बनाए गए हथियार जब देश के दुश्मनों के हाथ लगातार पहुंच रहे हैं,ऐसे में सिकलीगरों को रोजगार देने एवं विशेष पैकेज के तहत उन्हें इस काम से रोकने का सरकार प्रयास क्यों नहीं कर रही है..?


 


पंजाब की एजेंसियों ने तरनतारन जिले में दो लोगों को खालिस्तान समर्थक एक्टिविटी के चलते गिरफ्तार किया है उनके पास से एडवांस टेक्नोलॉजी के हथियार सहित बुरहानपुर जिले से गई पिस्टल भी बरामद की है। इससे पहले भी कश्मीर की आजादी का सपना देखने वाले देश के दुश्मनों के पास निमाड़ क्षेत्र में बने हथियार बरामद हो चुके हैं। इस तरह की कई घटनाएं देशभर में रिकॉर्ड की गई है!यह अपने आप में बताने के लिए काफी है कि निमाड़ मैं बने हथियार देश के दुश्मनों के हाथ में पहुंच रहे हैं।आपको यह भी बता दें कि खालिस्तान समर्थकों को पाकिस्तान की आईएसआई का सपोर्ट लगातार मिल रहा है जो उन्हें भारत में अपने चाहने वाले लोगों की मदद से आगे बढ़ा रहे हैं..! 


 


अब वो समय अा गया है जब इस तरह के नेक्सस पर सिस्टम का वेट एंड वॉच की बजाय झपट्टा मार ( एक्शन) कर इन्हें नेस्तनाबूद कर देना चाहिए। ताकि ये गद्दार गैंग अपने इरादों में कामयाब ना होने पाए..।