नर्मदा में बाढ़ उतरते ही रेती माफिया हुए सक्रिय, लाखों का हो रहा है राजस्व का नुकसान, अधिकारी कुंभकर्णी निद्रा में सोए

नर्मदा में बाढ़ उतरते ही रेती माफिया हुए सकरी लाखों का राजस्व को पहुंचा रहे नुकसान अधिकारी कुंभकरण निद्रा में सोए। ओंकारेश्वर ( ललित दुबे ) नर्मदा नदी में आई बाढ़ के उतरते ही नर्मदा किनारों पर सोना उगलने वाली मां नर्मदा में रेती बड़ी मात्रा में नर्मदा के तटो पर फैल गई है पानी उतरते ही रेती माफिया पूरी तरह सक्रिय नजर आए तो जिम्मेदार विभाग के अधिकारी कुंभकरण निद्रा में सोए पिछले 2 दिनों से चल रहे ट्रैक्टर ट्रक को पकड़ने की पूछने की हिम्मत तक नहीं जुटा पाए जानकार सूत्रों ने बताया कि ओकारेश्वर के अभय नागर घाट एवं अभय घाट कावेरी संगम घाटो एवं थापना बिलोरा बुजुर्ग मोरटक्का नर्मदा के निचले भाग में बड़ी मात्रा में रेती जमा हो गई है राजस्व विभाग तथा माइनिंग विभाग के अलावा अन्य विभाग भी क्षेत्र में लगे सीसीटीवी कैमरे में केवल देखकर अनजान बने हुए हैं राजस्व वन विभाग क्षैत्र से होते हुए सकरे मार्गो से बड़ी मात्रा में ट्रैक्टर दिन रात रेती ढोकर ओकारेश्वर क्षेत्र में बन रही कालोनियों में ओने पौने दामों में बेच कर अवैधानिक रूप से भण्डारण की जा रही रेती बेचने का कार्य धड़ल्ले से अभी भी जारी है स्थिति इतनी दयनीय की शासकिय की जमीनों पर रेती माफियाओं द्वारा रेती एकत्रित भंडारण कर राजस्व को लाखों रुपए का नुकसान प्रतिवर्ष पहुंचाया जा रहा है रेती माफियाओं ने नाम नहीं छापने की शर्त पर बताया कि वन विभाग राजस्व विभाग एवं खंडवा माइनिंग के अधिकारियों को मोटी रकम देने के कारण हम बेखोफ होकर रेती निकालकर भंडारण सरकारी जमीन पर कर रहे हैं हमारा कोई क्या कर लेगा अगर गौर करें तो रेती माफियाओं की बात में भी दम नजर आता है क्योंकि शासकिम एवं निजि जमीनों कालोनीयो पर एकत्रित हुई रेती ओं का भंडारण के साथ नर्मदा में अवैध रूप से परिवहन बड़ी मात्रा में हो रहा है भेखोफ होकर रेती माफिया रेती निकालकर ऊंचे दामों में बिक्री कर रहे हैं और जिम्मेदार सभी विभाग के अधिकारी यह सब जानकर सारे नियमों को दरकिनार कर कार्रवाई नहीं कर रहे जो चर्चा का विषय भी बने हुए हैं अब देखना यह है कि इस मामले की कुछ जनप्रतिनिधियों द्वारा शिकायत करने के बाद स्थानीय प्रशासन अवैध रेत माफियाओं पर क्या कार्पवाही कर पाता है या यह गोरखधंधा इसी प्रकार चलता रहेगा _?