15 अगस्त 1945--ऐतिहासिक था अंडमान निकोबार द्वीप समूह पर जापान की सेना द्वारा भारतीय सेना के समक्ष समर्पण

 15 अगस्त के दिन कथित रूप से भारत को अंग्रेजी शासन से आजादी मिली थी पर यह दिन एक और विश्व प्रसिद्ध घटनाक्रम का साक्षी भी है क्योंकि 1945 में इसी दिन जापान की सेना ने ब्रिटिश भारतीय सेना के समक्ष आत्मसमर्पण किया था जिससे द्वितीय विश्व युद्ध की समाप्ति भी हो गई थी.


भारत के लिए यह घटनाक्रम काफी महत्व रखता है क्योंकि आत्मसमर्पण की संपूर्ण गतिविधि अंडमान निकोबार द्वीप समूह पर आयोजित हुई थी क्योंकि जापान की सेना ने यहां तक के इलाके में अपनी सेना तब तक उतार दी थी.


इसी आशय का और इसी घटनाक्रम को यादगार बनाने के लिए एक शिलालेख भी लगाया गया था जिसके अनुसार जापान की नौसेना के अध्यक्ष ने भारतीय सेना के लेफ्टिनेंट कर्नल ठाकुर नाथू सिंह के समक्ष आत्मसमर्पण किया था और यही सेरेमनी द्वितीय विश्व युद्ध की समाप्ति हुई थी. 


August 15th, which was our Independence day was also the 75 th anniversary, when Japan officially surrendered bringing to an end to the Second World War. The signing ceremonies were to take place later.


The only place where a large scale surrender of the Japanese to Indian Forces took place was the Andamans where a Japanese admiral and a general surrendered to Lt Col, later Lt Gen Thakur Nathu Singh, Commandant 1/7 Rajputs now 4 GUARDS.



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