अलीराजपुर में झोलाछाप बेख़ौफ़ होकर चलारहे फर्जी नर्सिंग होम, चंद्रशेखर आजादनगर सहित 54 गांवों में कर रहे मरीजो की जान से खिलवाड़

जियान न्यूज ने मौके पर चलते झोलाछाप के नर्सिंग होम का किया खुलासा


चंद्रशेखर आज़ाद नगर:- कथित रूप से स्वस्थ्य विभाग के संरक्षण में झोलाछाप डॉक्टर बेख़ौफ़ होकर अवैध नर्सिंग होम का संचालन कर रहे है । हमारे द्वारा विगत कई दिनों से झोला छाप डॉक्टरों से सम्बंधित समाचारो का प्रकाशन किया जा रहा है परंतु उसके बाद भी स्वस्थ्य विभाग इन झोलाछाप डॉक्टरों के खिलाफ कोई ठोस कार्यवाही करने की तैयार नही है।


झोलाछाप डॉक्टरों पर कार्यवाही को लेकर स्थानीय स्वास्थ्य विभाग के जिम्मेदार अधिकारियों का कहना है की वो अभी झोलाछाप डॉक्टरों के सर्टिफिकेट की जांच कर रहे है ,जांच के नाम पर चलने वाला ये खेल कितने दिनों तक चलेगा इसका उनके पास कोई जवाब नही है । इस बीच नगर और उसके आसपास के सभी झोलाछाप डॉक्टरों ने अपने दवाखाने पुनः बेखोफ होकर खोल दिये है । हमने आज नगर के झोलाछाप डॉक्टरों के दवाखानों पर जा कर देखा तो वहाँ का नजारा ये साबित करने के लिए काफी था कि इन झोलाछाप डॉक्टरों को स्वस्थ्य विभाग के आला अधिकारियों का संरक्षण प्राप्त है । मौके पर पाया कि इलाके के लगभग सभी झोलाछाप डॉक्टर क्लिनिक के नाम पर नर्सिंग होम संचालित कर रहे है इन नर्सिंग होम में गरीब मरीजो को भर्ती कर उनका इलाज किया जा रहा है सा।


रे कथित क्लिनिक कम से कम 5 बेड के नर्सिंग होम के रूप में संचालित है। यही नही लगभग सभी कथित क्लीनिकों पर इन झोलाछाप डॉक्टरों ने बड़ी मात्रा में बगैर किसी ड्रग्स लाइसेंस के बड़ी मात्रा मे एलोपैथिक दवाइयों का भंडारण कर रखा है। इनमें कई प्रतिबधित दवाइयां भी देखी गयी ।


नगर के एक कथित झोलाछाप डॉक्टर जो यह दावा करते है कि वो बेसिक मेडिकल प्रेक्टिशनर हो कर राज्य के चिकित्सक रजिस्टर में रजिस्टर्ड है वो भी नर्सिंग होम का संचालन करते दिखे ओर यहाँ भी एलोपैथिक दवाइयों का बड़ी मात्रा में जखीरा देखा गया । ऐसे में सवाल उठता है कि इन झोलाछाप डॉक्टरों को नर्सिंग होम संचालित करने की अनुमति किसने दी और ड्रग एवं कास्मेटिक एक्ट 1940 ओर आई पी सी की धारा 420 के तहत कार्यवाही क्यो नही की जा रही है। 


हमने शुक्रवार को झोलाछाप के द्वारा चंद्रशेखर आजाद नगर व विकासखण्ड के अन्य गांवों में चला रहे नर्सिंग होम में ग्रामीण मरीजो को नर्सिंग होम में भर्ती कर उनका इलाज करते हुए फर्जी झोलाछाप डॉक्टरों की पोलमपोल को जमीनी हक़ीकक का पता लगा कर सच्चाई को उजागर किया है।


ग्राम बेहड़वा में झोलाछाप तापस विश्वास द्वारा कच्चे मकान में फर्जी नर्सिंग होम चलाया जा रहा था मोके पर दो मरीजो को भर्ती कर इलाज भी किया जा रहा था ।पत्रिका ने झोलाछाप तापस विश्वास से ग्रामीणों मरीजो का इलाज करते देखकर पूछा कि आपके पास नर्सिंग होम का लायसेन्स है इस पर झोलाछाप तापस ने कोई जवाब नही दिया । हमने अगले सवाल में इलाज करने के लिए कोई सर्टिफिकेट है, इस पर तापस विश्वास ने कोई जवाब नही दिया । फर्जी नर्सिंग होम पर लड़की अंतरा का इलाज करा रहे ग्राम बड़ी फाटा के केरमसिंह सिंगाड फलिया से पूछा कि तुम सरकारी अस्पताल क्यो नही गए तो केरमसिंह ने सरकारी अस्पताल में अच्छा इलाज नहीहोना बताया। जबकि केरमसिंह से अंतरा की बीमारी के बारे में पूछा तो बताया कि अंतरा के हाथ पैर बहुत दुखते है, इस पर झोलाछाप तापस ने भर्ती कर उसे बॉटल लगाई है।इसी प्रकार एक अन्य मरीज मैराम ग्राम टोकरियां झिरण भयडिया फलिया का निवासी को बुखार आने पर भर्ती कर उसे भी बोटल लगा रखी थी।इसी प्रकार चंद्रशेखर आजाद नगर में भी झोलाछाप ने नर्सिंग होम में इसी प्रकार ग्रामीण मरीजो को भर्ती कर इलाज करते देखा गया।


  इसी मामले में 12 जनवरी 2017 में ग्राम बरझर में तत्कालीन कलेक्टर गणेशशंकर मिश्रा के निर्देश पर तत्कालीन एसडीएम राजेश मेहता बीएमओ मंजुला चौहान ने झोलाछाप निहार विश्वास व सुमन विश्वास को 5 बेड का नर्सिंग होम चलाते पकड़ा था। मगर इन झोलाछाप के द्वारा नर्सिंग होम चलाने पर भी आज तक कार्यवाही नही की गई।


 


मामले में अब तक प्रकाशित झोलाछाप के खिलाफ समाचारों को प्रशासन द्वारा संज्ञान में लेकर सिर्फ कागजी कार्यवाही कर इतिश्री कर ली जाती रही। मगर इन झोलाछाप के विरुद्ध आज तक कोई ठोस कार्यवाही नही होने से झोलाछाप फर्जी डॉक्टरों द्वारा चंद्रशेखर आज़ाद नगर तथा विकासखण्ड के अन्य गांवों में फर्जी नर्सिंग होम बेधड़क होकर चला रहे है। पूरे मामले को लेकर स्थानीय बी एम ओ मञ्जुला चौहान का कहना है कि उन्होंने क्लिनिक संचालको के सर्टिफिकेट मागे है और उनकी जांच की जा रही है ।