सामाजिक कार्यकर्ता और उपभोक्ता हित प्रहरी के संयोजक संजय अग्रवाल की अपील

*समस्त व्यापारी बंधुओ इसे   सोशल मिडिया पर इतना फेलाओ की GST पोर्टल की जांजिया मांग निरस्त होवे ।* 


प्राप्त जानकारी के उज्जैन सर्कल मे GST विभाग के द्वारा 20 करोड की ब्याज की मांग ( रिटर्न लेट भरने पर ) नोटिस जारी करे है, पूरे  भारत मे यह राशि 
*46000 करोड (हो सकती )  ब्याज  GST रिटर्न पर लगाया है  :::--*             


 माननीय वितमंत्री महोदय GST विभाग द्वारा व्यापारियो को ब्याज हेतु नोटिस मिल रहै है जो कि GST रिटर्न पर देरी के कारण है ।
देखे केसे :--  यदि जनवरी/18 का रिटर्न 6 माह लेट भरा है , जनवरी /18 मे  GST रकम जो कि विभाग को देना थी वह शुन्य होकर विभाग के पास मेरा रु 20000/ जमा था ।


केसे:-- मेरे द्वारा विक्रय माल पर GST देय था रु 180000/(एक लाख अस्सी हजार रु ) मेरे द्वारा खरीदे गये माल पर GST आया 195000(एक लाख पिचयानवे हजार + दिसम्बर  /17 का क्लोजिग रु 5000/ कुल रु 200000/ ) 
इस प्रकार मेरे द्वारा जो माल खरीदा उस पर GST RS. 200000/ आया , जो माल विक्रय किया उस पर GST  देना था  180000/ अर्थात GST देना शुन्य होकर मेरा रु  20000/  विभाग के पास जमा  है ।


अब चुकि मेरे द्वारा रिटर्न  6 माह लेट भरने से gst विभाग मुझे 6 माह का रु 200000/ लाख का ब्याज  18% वार्षिक से  18000/ मांग कर रहा है ।
जब हमने रिटर्न लेट की पेनल्टी भरी है, जब हमे जनवरी/18 मे GST वास्तविक रकम देना ही नही है तो उस पर ब्याज मांगना क्या उचित है ।


प्राप्त जानकारी के अनुसार gst Counsiling  मे यह मुद्दा उठा था कि वास्तविक देय रकम पर ही ब्याज लिया जावेेगा, लेकिन सरकार के   द्वारा  गजटनोटिफिकेश्न नही होने से GST  DEPARTMENT के द्वारा वसूली के नोटिस जारी किये गये है ।


माननीय वितमंत्री महोदया से निवेदन जो रकम वसूली नही की जा सकती, या उससे व्यापार/ व्यापारी गर्त मे चला जावेगा, हो सकता कि कुछ *व्यापारी आत्महत्या भी कर लेवे* ।


निवेदन है कि GST विभाग की प्रक्रिया को तत्काल रोके ।


समस्त व्यापारियो बंधुओ से निवेदन अगर अभी   अपना पक्ष नही रखोगे, फिर पछताओगे ।
 *प्राप्त जानकारी के अनुसार कुछ लोगो/ संस्था के द्वारा हाईकोर्ट मे रिट लगायी है जांह पर अभी स्टे मिला है* 


 *व्यापारी एकता का परिचय देवे,  जिससे Gst पोर्टल से द्वारा जारी मांग को निरस्त करा सके ।* 


सरकार से भी निवेदन ऐसी जांजिया मांग को वापस लेवे ।