RSS ने दिल्ली चुनाव में BJP की हार के बताए दो कारण, कहा- मोदी- शाह हमेशा जीत नहीं दिला सकते

नई दिल्ली: दिल्ली चुनाव में भारतीय जनता पार्टी की करारी शिकस्त के बाद राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ ने सलाह दी है कि बीजेपी को दिल्ली में संगठन का पुनर्गठन करना चाहिए. इसके साथ-साथ उसने यह भी कहा कि नरेद्र मोदी और अमित शाह विधानसभा स्तर के चुनावों में हमेशा जीत नहीं दिला सकते हैं. आरएसएस के अंग्रेजी मुखपत्र ऑर्गेनाइजर में छपे लेख में बीजेपी की हार के दो अहम कारण भी बताए गए. बता दें कि दिल्ली में लगातार दूसरी बार भारतीय जनता पार्टी को करारी हार का सामना करना पड़ा है. इस दौरान वह 3 से 8 सीटों तक पहुंच पाई. 2015 के चुनाव में बीजेपी को दिल्ली में 3 सीटें मिली थीं, जबकि इस बार उसे 8 सीटों से संतोष करना पड़ा है. वहीं, अरविंद केजरीवाल की आम आदमी 70 में से 62 सीटों पर जीत दर्ज की.

आरएसएस ने अपने मुखपत्र 'ऑर्गेनाइजर' में लिखा, 'साल 2015 के बाद भारतीय जनता पार्टी की जमीनी स्तर पर खुद की ढांचागत व्यवस्था को पुनर्जीवित करने और चुनाव के आखिरी चरण में प्रचार-प्रसार को चरम पर ले जाने में दिखाई पड़ रही नाकामी अच्छी तरह लड़े गए चुनाव में मिली विफलता के दो सबसे बड़े कारण रहे.' इसमें आगे कहा गया, नरेंद्र मोदी और अमित शाह हमेशा विधानसभा स्तर के चुनावों में मदद नहीं कर सकते हैं और दिल्ली में संगठन का पुनर्गठन करने के अलावा कोई विकल्प नहीं है.

हाल के दिनों में एक के बाद एक कई चुनावी अभियानों में भाजपा नेताओं को 'नफरत भरे नारे' लगाते हुए देखा गया है. इनमें कई केंद्रीय मंत्री भी शामिल रहे हैं. इस दौरान 'देशद्रोहियों को गोली मारने' और केजरीवाल को 'आतंकवादी' कहने जैसे घृणित नारे भी लगे. बीजेपी को लोकसभा चुनाव में मिली शानदार जीत के कुछ महीने बाद ही दिल्ली चुनाव में करारी शिकस्त झेलनी पड़ी.

बता दें कि दिल्ली विधानसभा चुनाव में मिली करारी शिकस्त के बाद गृह मंत्री अमित शाह (Amit Shah) ने भी कहा था कि 'गोली मारो' और 'भारत-पाक मैच' जैसे बयानों से BJP नेताओं को बचना चाहिए था. उन्होंने कहा कि पार्टी इस तरह के बयानों से खुद को अलग रखती है. न्यूज एजेंसी PTI ने अमित शाह के हवाले से कहा था, हो सकता है पार्टी नेताओं द्वारा दिए गए नफरत भरे बयानों के कारण भाजपा को चुनावों में नुकसान उठाना पड़ा हो. अमित शाह ने कहा कि हम सिर्फ हार या जीत के लिए चुनाव नही लड़ते हैं. चुनाव बहुत सारे दलों के लिए सरकार बनाने और सरकार गिराने के लिए होते हैं. उन्होंने कहा था कि दिल्ली चुनाव को लेकर मेरा आकलन गलत साबित हुआ.