धार मॉब लिंचिंग : भीड़ को उकसाने के आरोप में BJP नेता और सरपंच रमेश जूनापानी हिरासत में, 5 पुलिस वाले सस्पेंड

धार. जिले के बोरलई गांव में बुधवार को हुई मॉब लिंचिंग (Dhar mob lynching case) की घटना में पुलिस ने बीजेपी (BJP) नेता और सरपंच रमेश जूनापानी को हिरासत में लिया है. उस पर भीड़ को उकसाने का आरोप है. जूनापानी को मिलाकर अब तक इस केस में 4 लोगों को पकड़ा जा चुका है. इसके अलावा 5 पुलिसकर्मियों को ड्यूटी में लापरवाही बरतने पर सस्पेंड (Five cops suspended) किया गया है. इस बीच मंत्री पीसी शर्मा (Minister PC Sharma) ने ऐलान किया है कि घटना की जांच SIT करेगी. मॉब लिंचिंग रोकने के लिए मध्य प्रदेश में कानून लागू किया जाएगा. इधर, स्वास्थ्य मंत्री तुलसी सिलावट इंदौर में भर्ती पीड़ितों से मिलने अस्पताल पहुंचे और उनका हाल जाना.

वारदात के समय मौके पर था जूनापानी
धार मॉब लिंचिंग केस में अब गिरफ्तारी और कार्रवाई का सिलसिला चल रहा है. पुलिस ने बोरलई गांव के सरपंच रमेश जूनापानी को हिरासत में ले लिया है. धार के एसपी आदित्य प्रताप सिंह ने इसकी पुष्टि की है. बताया जा रहा है कि घटना के वक्त जूनापानी मौके पर मौजूद था. बीजेपी नेता के ऊपर भीड़ को उकसाने का आरोप है. इससे पहले उसने 3 आरोपियों को गिरफ़्तार किया था. एसपी की स्पेशल टीम ने ये कार्रवाई की. आरोपियों से पूछताछ की जा रही है. इस केस में टीआई, एसआई और 3 अन्य पुलिसकर्मियों को निलंबित कर दिया गया है. डीजीपी (DGP) वीके सिंह ने इस घटना के लिए पुलिस को भी दोषी ठहराया है.

मंत्री बोले- SIT करेगी जांच

मॉब लिंचिंग की दिल दहला देने वाली घटना पर प्रदेश के विधि मंत्री पीसी शर्मा ने कहा मामले की जांच एसआईटी करेगी. इसमें ASp, TI और प्रशासनिक अधिकारी होंगे. इस केस में दोषियों पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी. शर्मा ने कहा मॉब लिंचिंग रोकने के लिए मध्य प्रदेश में कानून लागू किया जाएगा.

पीड़ितों से मिले स्वास्थ्य मंत्री
धार के मनावर में हुई मॉब लिंचिंग के पीड़ित युवक इंदौर के चोइथराम अस्पताल में भर्ती हैं. उन्हें देखने स्वास्थ्य मंत्री तुलसी सिलावट पहुंचे. उन्होंने पीड़ितों से बात की और इनके इलाज के बारे में डॉक्टरों से जानकारी ली. सिलावट ने कहा धार की ये घटना मानवता को शर्मसार करने वाली है. सभी पीड़ितों का इलाज मध्य प्रदेश सरकार कराएगी. मृतक के परिवार को 2 लाख की आर्थिक मदद दी जाएगी. घटना की जांच उच्च स्तरीय कमेटी से करायी जाएगी.5 पुलिस वाले निलंबित
मॉब लिंचिंग की घटना को डीजीपी वीके सिंह ने भी दुःखद बताया है. उन्होंने कहा इस घटना में लापरवाही बरतने वाले टीआई, एसआई और 3 पुलिसकर्मियों को निलंबित कर दिया गया है. इंदौर दौरे पर आए डीजीपी ने इस घटना के लिए भीड़ सहित पुलिस वालों को भी जिम्मेदार ठहराया. उन्होंने कहा भीड़ में शामिल लोग इस भयावह घटना का वीडियो बनाते रहे. किसी ने भी आक्रोशित लोगों को रोकने की कोशिश नहीं की. वीके सिंह ने कहा-दोषी पाए जाने पर अन्य पुलिसकर्मियों पर भी कार्रवाई की जाएगी.

ये है पूरा मामला
धार जिले के बोरलई गांव के मजदूर इंदौर उज्जैन क्षेत्र में मजदूरी करते थे. उन्होंने ठेकेदार से एडवांस पैसा ले रखा था, लेकिन काम पर भी नहीं गए. जब पैसे लेने के लिए ये लोग पहुंचे तो उन पर हमला कर दिया जिसमें एक व्यक्ति की मौत हो गई. दरअसल, इंदौर जिले के श्योपुर खेड़ा के विनोद मुकाती कुछ समय पहले उज्जैन जिले के 5 साथियों के साथ खिडकिया, बोरलई और आसपास के गांवों से मजदूर लेने आए थे. इस दौरान कुछ मजदूरों को 50-50 हजार रुपए एडवांस दिए थे, लेकिन मजदूर बगैर मजदूरी किए अपने गांव आ गए. जब विनोद मुकाती और अन्य लोगों ने पैसे के लिए दबाव बनाया तो मजदूरों ने पैसे देने के लिए अपने गांव बुलाया. जब ये गांव पहुंचे तो उन पर पत्‍थरों से हमला कर दिया गया. विनोद और उनके साथी जान बचाकर भागने लगे तो अफवाह उड़ा दी कि ये बच्चा चोर हैं. इस पर भीड़ इकट्ठा हो गई और इन लोगों से मारपीट करने के अलावा कार को भी आग लगा दी. इस घटना में एक व्यक्ति की मौत हो गई, तो 6 लोग घायल हो गए.


 


 


 


साभार- न्‍यूज 18