छह पन्नों के डोजियर में गृह मंत्रालय ने बताई महबूबा मुफ्ती पर PSA लगाने की वजह, 'लिचिंग' और 'हाई-वे ब्लॉक' की भी चर्चा

जम्मू-कश्मीर की पूर्व मुख्यमंत्री महबूबा मुफ्ती की छह महीने की 'ऐहतियातन हिरासत' पूरी होने से महज कुछ घंटे पहले गुरुवार को उनके खिलाफ जन सुरक्षा कानून (पीएसए) के तहत मामला दर्ज किया गया। गृह मंत्रालय के छह पन्नों के डोजियर में बताया गया कि महबूबा के खिलाफ पीएसए अलगाववादियों के साथ करने के चलते लगाा गया। सूत्रों के मुताबिक डिजोयर में बताया कि महबूबा मुफ्ती ने पांच अगस्त को जम्मू-कश्मीर को विशेष राज्य का दर्जा देने वाले अनुच्छेद-370 के अधिकतर प्रावधान निरस्ते होने और राज्य के दो केंद्र शासित प्रदेशों में विभाजित होने के सरकार के कदमों के खिलाफ सार्वजनिक आलोचना का रुख अपनाया।


इसमें कहा गया कि अनुच्छेद 370 औक 35ए हटने पर महबूबा ने कहा था कि 'हम केंद्र सरकार को बताना चाहते हैं कि अनुच्छेद 35-ए के साथ छेड़छाड़ करना बारूद के ढेर पर आग लगाने के जैसा होगा।