आर्मी पब्लिक स्कूल महू : भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण विभाग की जानकारी के बिना तोड़ी जा रही है इमारत

 


सुप्रीम कोर्ट का आदेश है कोई भी इमारत जो सौ साल से ज्यादा पुरानी है उसे जमींदोज करने के पूर्व आर्कियोलॉजिकल सर्वे ऑफ इंडिया की रिपोर्ट आवश्यक है। पर आर्मी पब्लिक स्कूल की महत्वपूर्ण हेरिटेज इमारत को तोड़ने संबंधित की जानकारी विभाग के मुख्यालय को नहीं है। यह कहना है सुप्रीम कोर्ट लॉयर गोविंद बाली जी का। शहर की सामाजिक संस्थाओं की ओर से अब इस इमारत को चिन्हित कराने हेतु आवेदन दिया और जल्दी ही आर्कियोलॉजियल सर्वे ऑफ इंडिया की टीम यहां सर्वे के लिए आयेगी। 

शहर की समाज सेवी तृप्ति मिश्रा ने बताया कि लगभग हर स्टेशन जैसे देवलाली में भी आर्मी द्वारा कुछ महत्वपूर्ण स्ट्रक्चर सहेजे गए हैं। 1818 में बसे महू का इतिहास ही मात्र दौ सौ साल पुराना है तब हमारे लिए इस इमारत की महत्ता और बढ़ जाती है। महू को शुरू से छावनी के रूप में ही जाना जाता है। मुख्य मार्ग पर इस इमारत की लोकेशन इसे शहर की पहचान बनाती है। उन्होंने अधिकारियों से अपील की कि, हम अपने सभी संस्थाएं यही चाहते हैं सिर्फ एक बिल्डिंग का संरक्षण चाहते हैं क्योंकि कुछ तो धरोहर अन्य स्टेशनों की तरह हमारे महू में सुरक्षित रखी जाएं। उक्त जानकारी तृप्ति मिश्रा ने दी जिनका मोबाईल नम्बर 9827611723 है जिस पर इस मामले से जुड़े किसी भी मुद्दे पर संपर्क किया जा सकता है।

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