अवैध शराब कांड में आबकारी अमला रडार पर….. सालों से पदस्थ वृत्त अधिकारियों का रिकार्ड तलब, 6 जिलों से बुलवाया रिकार्ड

 आशीष यादव, धार

बॉटलिंग प्लांट व गोडाउन की भी जानकारी बुलवाई गई


अवैध शराब के करोड़ों का कारोबार इन दिनों सुर्खियों में है। इसकी वजह यह है कि बैखोफ शराब माफियाओं द्वारा आईएएस नवजीवन विजय पंवार व नायब तहसीलदार राजेश भिड़े पर जानलेवा हमला करना। इस हमले के बाद पुलिस और प्रशासन की दो अलग-अलग जांच ने आबकारी में सालों से पदस्थ उन अधिकारियों की निंद उड़ा दी है, जो अब तक चांदी काटते आ रहे थे।


मजिस्ट्रीयल जांच के चलते जांच अधिकारी और एडीएम श्रंगार श्रीवास्तव ने शुक्रवार को इंदौर के संभागीय कार्यालय आबकारी को पत्र जारी कर उन तमाम अधिकारियों का रिकार्ड तलब किया है, जो जिले में बतौर वृत्त अधिकारी जमे हुए है और उनके कार्य विभाजन की भी जानकारी बुलवाई गई है। धार के अलावा गुजरात सीमा से लगे झाबुआ, आलीराजपुर, बड़वानी और खरगोन-इंदौर के भी वृत्त अधिकारियों का रिकार्ड मांगा गया है। इन अधिकारियों के क्षेत्र में आने वाले बॉटलिंग प्लांट और भंडार गृह का भी रिकार्ड मजिस्ट्रीयल जांच समिति ने तलब किया है। साथ ही इन प्लांट और भंडार गृह से परिवहन की जानकारी भी बुलवाई गई है।


रिकार्ड उगले कई राज

मजिस्ट्रीयल जांच के लिए यदि आबकारी यह रिकार्ड उपलब्ध करवा देता है तो इससे कई राज सामने आने की उम्मीद रहेगी। खासतौर पर मप्र से गुजरात को जोडऩे वाले तीन जिलों के रिकार्ड अवैध शराब के सुपर कॉरिडोर का भी खुलासा कर सकते है। ऐसे में आबकारी अफसरों पर भी जांच की आंच आने की संभावना बन जाएगी, जो अब तक कार्रवाई करने से बचते आए है। इस कारण अब ये असफर ही रडार पर आ गए है।



सालों से पदस्थ है धार में अधिकारी

आबकारी विभाग धार के भी वृत्त अधिकारी ऐसे है जो सालों से यहां पदस्थ है। दिखावे के लिए अपने-अपने वृत्त में परिवर्तन करवाकर कागजों पर तबादला दिखाते है, लेकिन धार जिले का मोह नहीं छोड़ पाते है। धार जिले में अवैध शराब की करोड़ों की खेती के कारण आबकारी अफसरों का विशेष लगाव धार से रहता है। इनमें कई नाम शामिल है, जो आने वाले दिनों में सावर्जनिक होना है।


आबकारी की तरफ से कार्रवाई नहीं

कुक्षी के अवैध शराब मामले में अब तक पुलिस ने ताबड़तोड़ कार्रवाई की है। एसपी आदित्य प्रताप सिंह ने जांच में कुक्षी टीआइ सीबी सिंह व निसरपुर चौकी प्रभारी को निलंबित भी कर दिया। लेकिन आबकारी अधिकारी यशवंत धनोरा द्वारा अब तक किसी तरह की विभागीय जांच या कार्रवाई देखने को नहीं मिली है। दूसरी तरफ अधिकारी अपने अधीनस्थों को बचाते हुए नजर आए है। हाल ही में उन्होंने मीडिया इंटरव्यू में भी सिर्फ जांच की बात दोहराई है। लेकिन जांच और कार्रवाई को लेकर अब तक कोई आदेश सामने नहीं आया है।

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