वेटलैंड कॉम्प्लेक्स : तालाबों का इको सिस्टम सुधारने पहले फेज में खर्च होंगे ७-८ करोड़ से अधिक राशि, डीपीआर फाइनल

 आशीष यादव, धार

- डीपीआर की मंजूरी से पहले इंजीनियरिंग कॉलेज पुणे से धार निरीक्षण करने पहुंचे चीफ इंजीनियर

- पंचवर्षीय योजना के तहत 37 करोड़ होना है खर्च, देवीजी व मुंज तालाब में बनेगा वेटलैंड कॉम्प्लेक्स

प्रदेश का पहला वेटलैंड कॉम्प्लेक्स धार में बनना है। इसके लिए नगर पालिका धार प्रोजेक्ट की डीपीआर ६ माह पहले केंद्र सरकार को भेज चुका है। इस डीपीआर को फाइनल रूप देने से पहले कॉलेज ऑफ इंजीनियरिंग पुणे को दिया गया है। तीन माह से इन डीपीआर को अंतिम रूप देने के लिए काम चल रहा है। इसे अब फाइनल करने के लिए पुणे कॉलेज से चीफ इंजीनियर आरके सूर्यवंशी ने रविवार को धार में प्रस्तावित वेटलैंड कॉम्प्लेक्स में आने वाले तीनों तालाबों का दौरा किया है। इस दौरान चीफ इंजीनियर सूर्यवंशी ने मुंज, देवीजी व धूप तालाब जाकर वर्तमान स्थिति देखी। साथ ही डीपीआर में प्रस्तावित कार्यों की जानकारी ली। तालाब के इको सिस्टम को फिर से बेहतर करने के लिए सुझाव भी दिए है। निरीक्षण के दौरान सेलीस कंसल्टेंस एजेंसी के विराज सक्सेना ने पूरे प्रोजेक्ट की जानकारी चीफ इंजीनियर सूर्यवंशी को दी। नपा इंजीनियर राकेश बेनल सहित अन्य अधिकारी भी मौजूद थे।

पंचवर्षीय है वेटलैंड कॉम्प्लेक्स योजना

- वेटलैंड कॉम्प्लेक्स योजना पंचवर्षीय है। इसके तहत कुल ३७ करोड़ रुपए की राशि खर्च की जाना है।

- पहले फेज में करीब ७ से ८ करोड़ रुपए की मंजूरी मिलने की उम्मीद है। डीपीआर को लगभग अंतिम रूप दे दिया गया है। अब जल्द ही बजट का आवंटन होना है।

- हर साल इस योजना के तहत नगर पालिका धार को केंद्र सरकार की तरफ से ७ से ८ करोड़ रुपए का बजट आवंटित होगा, जो तालाब संरक्षण पर खर्च होगा।

यह होना है काम

इस योजना के तहत तीनों तालाबों के कैचमेंट एरिया को सुधारा जाएगा। ताकि तालाब में पानी की आवक के पुराने स्त्रोत को जिंदा किया जा सके। तालाब के अंदर पाए जाने वाले पौधों और वनस्पितियों के लिए अनुकूल वातावरण तैयार किया जाना प्रस्तावित है। जलीय जंतु जैसे मछली व अन्य जीवों के लिए बेहतर वातावरण तैयार करना इस योजना का उद्देश्य है। ताकि तालाब प्रदूषित न रहे। साथ ही इस योजना के तहत तालाबों के संरक्षण के साथ-साथ अतिक्रमण को खत्म करना है।

सबसे बड़ा तालाब मुंज

शहर के लिए मुंज व देवीजी तालाब काफी महत्वपूर्ण है। यह शहर क्षेत्र के आधे से ज्यादा बोरवेल के वॉटर लेवल को बनाए रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते है। यह तीनों ही तालाब भोज कालीन माने जाते है। शहर का सबसे बड़ा तालाब मुंज है जो 50 हेक्टेयर में फैला हुआ है। इसके अलावा देवीजी तालाब 12 हेक्टेयर व धूप तालाब 8.५ हेक्टेयर में फैला हुआ है। 



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