कोरोना से ठीक होने के बाद इसलिए मर रहे है लोग--ङॉ राजेश लेखी

 


पीथमपुर के वरिष्ठ डॉ राजेश लेखी ने मुलाकात के बाद जब यह सवाल उनसे किया गया की कोविड से ठीक होने के बाद भी लोग क्यों मर रहे है , बॉलीवुड से लेकर मीडिया इंडस्ट्री तक में कई लोग हृदय घाट से मरे , जब इस विषय पर उनसे चर्चा की गई तो डॉ लेखी ने बताया कि महामारी से ठीक होने बाद 10 से 15 दिन में लोग अचानक मर रहे है इसकी मुख्य वजह हार्ट अटैक या महामारी के प्रभाव के कारण मर रहे है। 

ठीक होने के बाद भी अस्पताल से घर आने के बाद मरीज ठीक तो रहता है लेकिन महामारी कि जटीलता से उभर नहीं पाता है इसे सेंटिस्ट पोस्ट कोविड कॉम्प्लिकेशन या लोंग कोविड सिंटिम्स के नाम दिया गया है। 

डॉ लेखी ने बताया ऐसे मरीज जिन्हें सुगर , हायपर टेंशन , ब्लड प्रेशर , हार्ट संबधी बीमारी है उन्हें पॉजिटिव होने के बाद सैकड़ों मरीजों को कोविड नेगेटिव होने के बाद भी कॉविड के लक्षण दिख रहे है जैसे कि हार्ट अटैक , शरीर में कमजोरी , मांसपेशियां काम ना करना , सांस में तकलीफ , धड़कन बढ़ना , थकान होना , भूख ना लगाना , किडनी की समस्या इत्यादि रिपोर्ट हो रही है । वैज्ञानिकों ने इसे लोग कोविड सिंतिम्स कहा है जो कि दुनियाभर में इस संबध कोई डाटा उपलब्ध नहीं है लेकिन लोगो की जाने इस वजह से भी जा रही है । 


इससे बचने के उपाय की बात करें तो हाइड्रेशन लेवल को अत्यधिक रखना , हाई प्रोटीन डाइट , योग , व्यायाम , व लक्षण दिखने पर अपने चिकित्सक से संपर्क करना । यह देखभाल लगभग 1 साल तक करना पड़ेगा जिनमे हरी सब्जियां , दाले , प्रोटीन इत्यादि लेना है । 

कोरोना से ठीक होने के बाद यह लक्षण 2 महीने तक होने लगभग आम बात रही है । 

इसके अतिरिक्त ब्लेक फंगस भी काफी हद तक देखने मै आ रही है , जिन मरीजों के इम्यूनिटी सिस्टम कमजोर होने से यह फंगस अधिक देखने में आ रहा है।

इसकी दवाई भी अभी मिल नहीं पा रही है । जिसके कारण लोग मर रहे है 

दो लेखी का कहना है ब्लेक फंगस की दवाई सरकार द्वारा तत्काल प्रभाव से सरकारी एवं गैर सरकारी अस्पतालों को दी जानी चाहिए ताकि इस नई बीमारी से निपटा जा सके । हालांकि यह फंकग महामारी छुआ छूत कि बिमारी नहीं है । प्रतिरोध क्षमता की कमी के कारण यह बीमारी प्रभावित कर रही है और ना केवल ब्लेक जबकि व्हाइट , येलो फंगस भी प्रभावित कर रहा है। 

हक ही में इंदौर के प्रसिद्ध डॉक्टर दीपक कुलकर्णी ने इंदौर में एक मरीज़ का ट्यूमर समझ कर ऑपरेशन किया तो पता चला कि ब्रेन में व्हाईट फंगस है । जानकारों का कहना है कि या अब तक सबसे बड़ा व्हाइट फंगस है।