कलेक्टर, एसपी ने किया छोटी करेटी में कोरोना पॉजिटिव मरीज के घर के साथ फलिये का निरीक्षण 

कलेक्टर को बीएमओ ने दी सफाई 


कोरोना पॉजिटिव मरीज का इलाज सरकारी अस्पताल में होने से अस्पताल व स्टॉफ नही है सेफ


चंद्रशेखर आजादनगर। :- चंद्रशेखर आज़ाद नगर के ग्राम छोटी करेटी में बुधवार को 20 वर्षीय युवक के कोरोना पॉजिटिव आते ही प्रशासन हरकत में आया गुरुवार को कलेक्टर सुरभिगुप्ता व एस पी विपुल श्रीवास्तव ने छोटी करेटी के पुजारा फलिये में पहुच कर कोरोना पॉजिटिव के घर व फलिये के आस पास के लोगो की हिस्ट्री पूछी मोके पर स्वाथ्य विभाग की बीएमओ मंजुला चौहान ने कलेक्टर को। बताया कि कोरोना पॉजिटिव मरीज गुजरात के बड़ोदा अपने जीजा के कैंसर का इलाज करवा कर 30 जून को लौटा था । 4 जुलाई को भुखारआने से अस्पताल आया था । अस्पताल में इसकी ब्लड जाँच भी की गई थी । जिसमे टाइफाईड पॉजिटिव पाया गया था इसके बाद 6,7 जुलाई को भर्ती कर अस्पताल में सलाइन ( बोटल) भी चढाई गई थी इस दौरान मरीज की सन्दिग्ध पाए जाने पर कोरोना की सेम्पलिंग भी ली गई थी जिसकी रिपोर्ट 8 जुलाई को पॉजिटिव आने पर मरीज को उसके घर से आइसोलेट किया जा कर हमारे द्वारा पुजारा फलिये से हिस्ट्री अनुसार 17 लोगो के कोरोना सेम्पल भी करवाये गए है। कलेक्टर ने कोरोना पॉजिटिव मरीज की हिस्ट्री पर अधिकारियों को कोरोना से सम्बंधित कोरोनाटाईन,कन्टेन्टमेंट एरिया व गुजरात की ओर से आने जाने वाले लोगो की सख्ती से जाँच करवाने के लिये आवश्यक निर्देश दिए। इस दौरान मोके पर एस डी एम महेश बड़ोले, तहसीलदार यशपाल मुझाल्दा ,नायब तहसिलदार जितेंद्र सोलंकी , थाना प्रभारी कैलाश बारिया,जनपद सीईओ मनोज निगम,स्वाथ्य विभाग के डॉक्टर, आशा कार्यकर्ता, पंचायत मंत्री ,जीआरएस उपस्तिथ थे। 


कलेक्टर ने अस्पताल का नही किया निरिकक्षण


अस्पताल के निरिकक्षण के बिना लोटी कलेक्टर


कोरोना महामारी के संकेत अब चंद्रशेखर आज़ाद नगर पर भी मंडराने लगे है । इसका उदाहरण जब कोरोना पॉजिटिव मरीज का इलाज सरकारी अस्पताल में हुआ था तो मरीज के संपर्क में जांच करने वाले लेबटेक्निशियन, बोटल लगाने वाली नर्सेस, के अलावा अस्पताल में भर्ती मरीज अन्य स्टाफ भी संक्रमित होने के आशंका के चलते कोरोनाटाईन नही किया गया साथ ही अस्पताल को सेनेटाइजर भी नही किया जा कर सेफ नही किया गया ।ऐसे में अस्पताल में कोई कोरोना मरीज की पुष्टि होती है या अन्य मरीज को कोरोना की पुष्टि होती है ।तो ये बीएमओ की बड़ी लापरवाही साबित होगी क्यो की स्वयं बीएमओ ने ही कोरोना पॉजिटिव को बिना आइसोलेशन वार्ड में रखे जनरल वार्ड में भर्ती किया था जिसका प्रमाण अस्पताल के रिकार्ड में दर्ज होकर बीएमओ की पर्ची है। पत्रिका ने पड़ताल कर समाचार प्रकाशित कर प्रशासन को अवगत करवाने के बाद भी कलेक्टर ने अस्पताल की ओर ध्यान नही दिया और बिना निरिकक्षण करे ही लौट गई।


 


फ़ोटो:- ग्राम छोटी करेटी में कोरोना पॉजिटिव के घर व फलिये का निरीक्षण करते कलेक्टर व एस पी।