मेवास जामनिया पंचायत में हो रहा है पंचायत के 3 गांवों के साथ भयंकर भेदभाव

धार की मेवास जामनिया पंचायत में हो रहा है पंचायत के तीन गांव के साथ भयंकर भेदभाव, राजनीतिक फायदे को ध्यान में रखकर सिर्फ हीरापुरा में ही किया जा रहा है सारा विकास कार्य और हीरापुरा के ही रहवासियों को दी जा रही है सारी सरकारी सुविधाएं। 


जैसे एक परिवार में माता-पिता के लिए सारे बच्चे बराबर होते हैं वैसे ही किसी भी सरपंच के लिए पंचायत में पडने वाले समस्त गांव एक समान होते हैं। बात अगर विकास की होती है तो हर गांव में एक जैसा विकास होना चाहिए और बात अगर सरकारी योजनाओं की होती है तो हितग्राहियों का चुनाव हर गांव में से बराबरी से होना चाहिए। 


यह तो हुई आदर्शों की बात पर अगर धार जिले के एक कोने पर स्थित मेवास जामनिया पंचायत को देखा जाए तो यहां ऐसा बिल्कुल भी नहीं हो रहा है। इस पंचायत में 4 गांव आते हैं मेवास जामनिया, हीरापुरा, चुनरीपुरा और चिपखोदरा पर सबसे बड़ा और सबसे महत्वपूर्ण गांव होने के बावजूद मेवास जामनिया के अधिकतर हिस्से में ना तो सीमेंट कंक्रीट की सड़क बनी है और ना ही यहां के रहवासियों को प्रधानमंत्री आवास योजना या कपिलधारा योजना में से कुछ लाभ दिया गया है।


यही हाल अन्य 2 गांव का भी है और सारे लाभ हीरा पूरा गांव को ही दिए जा रहे हैं।


सूत्रों की मानी जाए तो सरपंच ओंकार कटारे हीरापुरा गांव के हैं और हाल ही में हुए परिसीमन में हीरापुरा गांव इमलीपुरा पंचायत में आ गया है इसलिए अगली बार भी अपनी जीत सुनिश्चित करने के लिए सरकारी योजनाओं का लाभ हीरापुरा गांव में ही दिया है। इस बारे में  ग्राम पंचायत के पंच गेंदालाल तथा कमल, सज्जन सिंह और विजय ने सारी बातों को विस्तार से बताया।