मालवा की पांचों सीटों के लिए  विशेष रणनीति - पांचों सीटें जीतकर अपने पुराने गढ़ में वापसी करना चाहती है भाजपा

शिवराज, सिंधिया, वीडी शर्मा के साथ ही विजयवर्गीय भी करेंगे चुनाव को मॉनिटर


इंदौर 5 मई। मध्य प्रदेश कि जिन 24 विधानसभा सीटों पर उपचुनाव होने हैं, उनमें से पांच मालवा अंचल में आती हैं।इन 5 सीटों में से 4 यानी  मंदसौर संसदीय क्षेत्र की सुवासरा, देवास - शाजापुर संसदीय क्षेत्र की हाटपिपलिया, इंदौर संसदीय क्षेत्र की सांवेर और धार संसदीय क्षेत्र की बदनावर विधानसभा सीट सिंधिया समर्थक विधायकों के भाजपा में शामिल होने के बाद विधानसभा से दिए गए इस्तीफे के कारण रिक्त हुई है। जबकि देवास - शाजापुर संसदीय क्षेत्र की एक अन्य आगर विधानसभा सीट पूर्व मंत्री मनोहरलाल ऊंटवाल के आकस्मिक निधन के कारण रिक्त है। यह सभी विधानसभा क्षेत्र भाजपा के पुराने गढ़ रहे हैं। पार्टी ने इन सभी पांचों विधानसभा सीटों के लिए विशेष रणनीति बनाई है। सूत्रों के अनुसार पूर्व केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया के अलावा पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान भाजपा अध्यक्ष विष्णु दत्त शर्मा, संगठन महामंत्री सुहास भगत और पार्टी के हाईप्रोफाइल राष्ट्रीय महासचिव कैलाश विजयवर्गीय इन पांचों सीटों को मॉनिटर करेंगे।संघ और भाजपा का थिंक टैंक चाहता है कि सभी 5 सीटें जीतकर भाजपा अपने पुराने गढ़ में दमदार वापसी करे। मालवा और निमाड़ यानी इंदौर उज्जैन संभाग 66 विधानसभा सीटों के बल पर ही भाजपा 2003, 2008 और 2013 के चुनाव में सत्तारूढ़ हुई थी। 2018 के चुनाव में कांग्रेस ने इस क्षेत्र में जबरदस्त सेंधमारी कर भाजपा को मात्र 26 सीटों पर सीमित कर दिया था अन्यथा इसके पूर्व के सभी 3 विधानसभा चुनाव भाजपा ने यहां से कम से कम 45 प्लस सीटें जीती हैं। 2013 के विधानसभा चुनाव में भाजपा को मालवा और निमाड़ क्षेत्र की  66 में से 56 सीटों पर सफलता मिली थी। सूत्रों के अनुसार
5 में से 4 सीटों पर भाजपा के प्रत्याशी पहले से तय हैं। यह है सुवासरा से हरदीप डंग, हाटपिपल्या से मनोज चौधरी, सांवेर से प्रदेश के जल संसाधन मंत्री तुलसीराम सिलावट और बदनावर से राजवर्धन सिंह दत्तीगांव।आगर सीट पर पार्टी अधिसूचना जारी होने के बाद प्रत्याशी घोषित करेगी।


 


 ठाकरे और खंडेलवाल की कर्मभूमि रहा है मालवा और निमाड़...


भाजपा के पितृ पुरुष स्वर्गीय कुशाभाऊ ठाकरे का जन्म धार में हुआ था। वे स्वाधीनता के ठीक बाद संघ के प्रचारक बन गए थे। स्वर्गीय ठाकरे रतलाम और मंदसौर जिले में जिला प्रचारक भी रहे हैं रहे हैं। 1951 में भारतीय जन संघ के गठन के बाद उन्हें भारतीय जनसंघ में भेजा गया। इसी तरह संघ के प्रचारक स्वर्गीय प्यारेलाल खंडेलवाल ने भी अपना सार्वजनिक जीवन महू तहसील संघ प्रचारक बनकर(1956 में) प्रारंभ किया था। स्वर्गीय ठाकरे और स्वर्गीय खंडेलवाल के कारण मालवा और निमाड़ जनसंघ और भाजपा का पुराना गढ़ रहा है। देश के तीसरे लोकसभा चुनाव तक भारतीय  जनसंघ यहां इतनी मजबूती हो गई थी कि 1962 में मालवा और निमाड़ की मंदसौर, उज्जैन, धार, खरगोन, राजगढ़ और शाजापुर लोकसभा क्षेत्र में जनसंघ के प्रत्याशी जीते हैं।